दांपत्य जीवन और करियर के बीच ऐसे बैठाएं सही तालमेल, यह तरीके आएंगे काम

दांपत्य जीवन और करियर के बीच तालमेल बैठाना बेहद सूझबूझ और धैर्य का काम है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही पूरे रिश्ते को अलग ही मुकाम पर ला सकती है।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Nov 11, 2020Updated at: Nov 11, 2020
दांपत्य जीवन और करियर के बीच ऐसे बैठाएं सही तालमेल, यह तरीके आएंगे काम

दांपत्य जीवन में साथी की आपसे उम्मीदें बंध जाती हैं। ऐसे में अगर आप उस उम्मीदों पर नहीं उतर पाए तो रिश्ते में खटास आ जाती है। और जब बात दांपत्य जीवन और करियर के बीच तालमेल बैठाने की हो तो आपका फर्ज बनता हैं कि आप पूरी ईमानदारी के साथी दोनों जिम्मेदारियों को संभालें। करियर में आगे बढ़ने के लिए आत्मनिर्भर बनने की महत्वाकांक्षा और पहचान बनाए रखने की इच्छा प्रेरित करती है। वहीं दांपत्य जीवन में अपनों का साथ और भावनात्मक संबंध रिश्ते को सुलझाने में मदद करते हैं। अगर यह दोनों कड़ियां एक-दूसरे से उलझ जाएं तो करियर और दांपत्य जीवन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अगर समय रहते इस कड़ी को न सुलझाया गया तो रिश्ते टूटने लगते हैं। ऐसे में आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार अपने करियर और दांपत्य जीवन में तालमेल बिठा सकते हैं। साथ ही एक दूसरें को किस प्रकार समझें। पढ़ते हैं आगे... 

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 दांपत्य जीवन में समझौता कैसा

कहते हैं कि अगर दांपत्य जीवन और करियर को संभालना है तो समझौते की जरूरत पड़ती है। लेकिन असल बात यह है कि अगर आपका साथी ही समझदार है तो आपको कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है। आप दोनों एक साथ बैठकर करियर और दांपत्य जीवन की प्लैनिंग कर सकते हैं। ऐसे में आपको सामने कई उपाय निकल आएंगे।

खुलकर करें अपनी बात

दोनों में से अगर एक व्यक्ति अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और घर की जिम्मेदारियों को अनदेखा कर रहा है तो यह बात मन में ना रख कर उसके सामने साफ शब्दों में कह दें। अगर आप इन बातों को मन में रखेंगे तो इस रिश्ते में तनाव आएगा। 

समझें सामने वाले की मजबूरी भी

अगर आपको अपने साथी की किसी बात को लेकर शिकायत है तो उससे बेझिझक होकर बोलें। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप उसका तर्क न सुनें। उसके तर्क को ध्यान से सुनने की कोशिश करें। हो सकता है कि उसकी कुछ मजबूरी रही हो जिसको समझना आपकी जिम्मेदारी है।

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ऑफिस की बातें और घर की जिम्मेदारी को रखें अलग

अगर ऑफिस में कोई घटना हो जाए तो उस विषय को बार-बार अपने साथी के सामने ना कहें। हो सकता है आपकी इस व्यवहार से वह बुरा मान जाए। घर की बातें घर औऱ ऑफिस की बातों को ऑफिस में ही रहने दें। अपने साथी को ऑफिस के बाद का पूरा समय दें।

अपने साथी के काम को भी समझें

हो सकता है कि आपका साथ ही किसी काम में बेहद व्यस्त है और वह आपको समय नहीं दे पा रहा है ऐसे में उससे गुस्सा होने के बजाय उसके काम को भी समझें। अगर आप उस से प्रेम करती हैं तो आप उसके काम को भी प्रेम करें।

परेशानियों का हल भी खुलकर निकालें

दांपत्य का सुख अगर मिलकर भोग रहे हैं तो जीवन में आने वाली परेशानी को भी मिलकर ही समझाएं। चाहे वो परेशानी ऑफिस की ही क्यों न हो। अपने मन में कभी ये ख्याल ना आने दें कि यह परेशानी आपके साथी की है तो वह खुद ही सुलझा लेगा। उसके साथ हर मुसीबत में खड़े रहें। 

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एक दूसरे के लिए समय निकालें

भले ही आप अपनी प्रोफेशनल लाइफ में कितना भी व्यस्त हो। लेकिन रात में जब आप अपने घर में लौट कर आए तो अपने साथी के साथ कीमती पल व्यतीत करें। इससे सामने वाले को उसकी अहमियत का एहसास होगा और आपका तनाव भी दूर हो जाएगा।

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