जानें क्या होता है टाइफाइड

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 28, 2011
Quick Bites

  • साल्मोनेला टायफी नामक बैक्टीरिया से होता है टाइफायड।
  • एंटीबायोटिक दवाइयों से इसका उपचार किया जा सकता है।
  • दूषित पानी से नहाने या पीने से होता है ये मियादी बुखार।
  • कब्ज़ तथा बच्चों में दस्त, कमजोरी आदि होते है लक्षण।

टाइफायड बुखार एक खतरनाक रोग है,इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है। यह बैक्टीरिया साल्मोडनेला टायफी से होता है। टाइफायड को एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका तथा इसका उपचार किया जा सकता है। टायफायड की संभावना किसी संक्रमित व्यक्ति के जूठे खाद्य-पदार्थ के खाने-पीने से भी हो सकती है  या फिर गंदे पानी या अस्वच्छ खाद्यान्न के सेवन से। आइए जानें टायफायड से संबंधित अन्य जानकारियों के बारे में।


टाइफायड बुखार

  • बैक्टीरिया साल्मोनेला टायफी इंसानों में ही पाया जाता है। टायफायड से ग्रसित व्यक्ति के रक्त और धमनियों में टायफायड बैक्टीरिया रहता है। साल्मोनेला टायफी बैक्‍टीरिया दूषित पानी से नहाने या पानी से खाद्य सामग्री धोकर खाने से फैल सकता है।

 

  • टाइफायड बुखार अधिकतर दूषित खाने व दूषित पानी से होता है टायफायड बुखार के लक्षणों में शरीर में ज्वर होना व लगातार शरीर के तापमान का बढ़ना या घटना महत्‍वपूर्ण लक्षण है। ऐसे ही कई अन्य लक्षण भी हैं।



टाइफायड बुखार के लक्षण

  • आमतौर पर टायफायड ग्रसित व्यक्ति को 102 डिग्री सेल्‍िसयस से ऊपर बुखार रहता है और उनके शरीर में बहुत कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

 

  • पेट में दर्द, सिर दर्द के अलावा भूख कम लगना भी इसके आम लक्षण है। इसके अलावा टायफायड में सुस्ती व  कमजो़री आती है, उल्टी महसूस  होती है।

 

  • बड़ों में कब्ज़  तथा  बच्चों  में दस्त भी  हो सकता हैं।आँतों के संक्रमण के कारण शरीर  के  हर  अंग  में संक्रमण  हो सकता है, जिससे कई अन्य संक्रमित बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

  • आँतों के जख्म या  अल्सर  के  फटने  से आपरेशन की  स्थिति बन सकती है। टायफायड को जांचने के लिए मल का नमूना या खून के नमूने में साल्मोनेला टायफी की जांच की जाती है।

 

  • टायफायड बुखार आमतौर पर 1 महीने तक होता है, लेकिन अधिक कमजोरी होने पर अधिक समय तक भी रह सकता है। इतना ही नहीं इससे शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है , जिससे व्यक्ति को सामान्य  स्वास्‍थ्‍य की स्थिति में आने में बहुत समय लग जाता है।


हालांकि टायफायड बुखार पर आसानी से काबू पाया जा सकता है लेकिन ये जानलेवा बुखार है। खान-पान,सफाई इत्यादि का ध्यान रख टायफायड की संभावना से बचा जा सकता है।

 

Image Source-Getty

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