लगातार तेज बुखार रहना हो सकता है टाइफाइड, जानें इसके लक्षण और घरेलू उपचार के तरीके

टाइफाइड की संभावना किसी संक्रमित व्यक्ति के जूठे खाद्य-पदार्थ के खाने-पीने से भी हो सकती है या फिर गंदे पानी या अस्वच्छ खाद्यान्न के सेवन से। आइए जाने

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Jul 10, 2020 17:43 IST
लगातार तेज बुखार रहना हो सकता है टाइफाइड, जानें इसके लक्षण और घरेलू उपचार के तरीके

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टाइफाइड बुखार यानी मियादी बुखार काफी खतरनाक होता है। आमतौर पर टाइफायड अनहेल्दी खाने-पीने से होता है, जिसकी वजह से हमारे शरीर में बैक्टीरिया जाने से होता है। टाइफाइड के बुखार में बिलकुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए नहीं तो ये काफी गंभीर स्थिति में भी पहुंच सकता है। ये बुखार बच्चे से लेकर बड़ों तक किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। यह सेलमोनेला टायफाई बैक्टीरिया द्वारा फैलता है। वैसे तो टाइफाइड को एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका तथा इसका उपचार किया जा सकता है। वैसे कई बार मौसम में बदलाव भी इस बुखार का कारण बनता है। इतना ही नहीं, अगर घर में किसी एक सदस्य को टायफायड होता है तो अन्य सदस्यों को भी इसका खतरा हो सकता है। इसके साथ ही कई तरह की सावधानियां भी बरतनी पड़ती है। आइए जानते हैं कि टाइफाइड बुखार के लक्षण क्या होते हैं और इससे कैसे अपना बचाव किया जा सकता है।

टाइफाइड बुखार के लक्षण क्या है? 

टाइफाइड का बुखार और आम बुखार में ज्यादा कोई फर्क नहीं होता जिसकी वजह से इसकी आसानी से पहचान करना भी काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर आपको इसके सही लक्षणों की जानकारी हो तो आप इसका पता लगाकर इससे अपना बचाव कर सकते हैं। इसके मुख्य लक्षण: 

  • टाइफाइड का बुखार 102 डिग्री से ऊपर रहता है। 
  • पेट दर्द। 
  • सिरदर्द। 
  • कब्ज रहना। 
  • शरीर में काफी कमजोरी महसूस होना।  
  • दस्त। 
  • भूख की कमी। 
  • शरीर में दर्द रहना। 
  • त्वचा पर लाल धब्बे पड़ना। 

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घरेलू उपचार 

लहसुन

लहसुन कई बीमारियों को दूर करने का काम करता है, टाइफाइड बुखार को भी कम करने में यह बेहद सहायक होता है। लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और यह रक्त को प्यूरीफाई करने का काम करता है। इसके साथ ही लहसुन किडनी से अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि, इसका अधिक लाभ लेने के लिए इसे कच्‍चा या अधपका खाना चाहिए। इसका सेवन करने से टाइफाइड बुखार से राहत पाई जा सकती है। 

सेब का सिरका 

सेब के सिरके में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो टाइफाइड के रोग में काफी फायदेमंद साबित होते हैं। यह टायफाइड से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से गर्मी निकाल कर बुखार को कम करने का काम करता है। आपको बता दें कि इसमें खनिज होते हैं जो बीमार होने वाले व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर रोगी को दस्‍त लग गए हैं, तो ऐसे में सेब का सिरका उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।

ज्यादा मात्रा में पेय पदार्थों लें

 
टाइफाइड जैसे रोग अकसर पानी की कमी का कारण बनते हैं, इसलिए रोगी को हमेशा तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए। तरल पदार्थ पानी, ताजे फल के रस, हर्बल चाय आदि हो सकते हैं। इसके साथ ही लगातार हर थोड़ी देर में पानी पीना चाहिए। टाइफाइड बुखार में दस्त हो सकता है, ऐसे में ताजा जूस का सेवन करने से शरीर को काफी एनर्जी मिलती है। 
 
 

तुलसी 

 
तुलसी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है साथ ही ये हमे कई तरह की गंभीर बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करती है। तुलसी में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं और इसलिए लोग कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने पर इसका इस्तेमाल करते हैं। ये टायफाइड बुखार में भी काफी फायदेमंद साबित होती है। इसके लिए आप पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां डालकर उबालें और रोगी को यह पानी छानकर दें, करीब दिन में 2 से 3 बार इस पानी का सेवन करें। इससे आपको बुखार में काफी राहत मिलेगी। 

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