मायोपिया क्या है, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

मायोपिया बच्चों में होने वाली आंखों की सबसे बड़ी समस्या है, जो कम उम्र में ही देखने को मिल रही है। इसका कारण लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल, टीवी आदि.

Naina Chauhan
Written by: Naina ChauhanPublished at: Dec 01, 2020Updated at: Dec 01, 2020
मायोपिया क्या है, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

मायोपिया के बारे में तो सभी ने सुना होगा। यह बच्चों में अधिक पाई जाने वाली आँखों की बीमारी है वैसे यह किसी को भी हो जाने वाला एक नेत्र रोग है जिसे निकटदृष्टिता के नाम से जाना जाता है। इसमें आपको दूर की चीज़ें देखने में काफी परेशानी होती है जब कि पास की चीज़ आसानी से देख सकते हैं। इसमें आँख की पुतली का आकार बढ़ जाता है जिससे प्रतिबिन्ब रेटिना पर न बनकर आगे की तरफ बनता है। 

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आंखों की बढ़ती परेशानियां और बीमारियां लोगों की बडलती लाइफस्टाइल का कारण है। जिसकी वजह से बच्चों को जरूरी पोषण नहीं मिव पाता। बच्चे अक्सर लंबे समय तक टीवी, मोबाइल के सामने बैठे होते हैं जिसकी वजह से मायोपिया को पैर फैलाने की जगह मिल जाती है।

मायोपिया क्या है (what is myopia)

मायोपिया को "निकट दृष्टिदोष" भी कहा जाता है। आज के समय में बच्चों में मायोपिया(myopia) की समस्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। मायोपिया एक अपवर्तक त्रुटि है जिसमें निकट वस्तुएं स्पष्ट होती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली होती हैं। इसका कारण यह है कि अपवर्तित छवि रेटिना के सामने फोकस में होती है। वैसे जिन भी बच्चों को मायोपिया है जब वे 18 वर्ष के हो जाते हैं तो उनकी दृष्टि स्थिर होने की सम्भावना अधिक होती है। मायोपिया(myopia) में जब तक कुछ फीट दूर न हों, तब तक दूर की वस्तुओं को देखना मुश्किल है, जब तक कि आप किसी वस्तु या  पुस्तक को करीब से पढ़ना आसान न कर लें। संभावना है कि आप मायोपिक हैं, जिसे निकट दृष्टि के रूप में भी जाना जाता है यानि कि आप पास की चीजों को ध्यान से देख सकते हैं दूर का साफ नहीं देख सकते । यह एक बहुत ही सामान्य स्थिति है कि आपका नेत्र चिकित्सक आमतौर पर चश्मा, संपर्क या नेत्र शल्य चिकित्सा के साथ ठीक कर सकता है। 

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मायोपिया के लक्षण (myopia symptoms)

मायोपिया के कुछ विशेष लक्षण हैं जिनसे इसे पहचानना संभव है जैसे: 

  • 1.बार-बार जल्दी-जल्दी पलकें झपकना।
  • 2.दूर की चीज़ें ठीक से न देख पाना और आँखों में तनाव के साथ आँखों में थकान महसूस होना।
  • 3.ड्राइविंग करते समय इस खासकर रात में, परेशानी होना।
  • 4.सही प्रकार से न देख पाने की वजह से सिर में दर्द होना।
  • 5.आँखों पर जोर देकर या पलकों को सिकोड़कर देखना।
  • 6.आँखों से ज्यादा पानी आना।
  • 7. सिर दर्द होना।
  • 8. दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देना।  

ये सभी मायोपिया के लक्षण हैं और अगर आपको भी ये लक्षण महसूस होते हैं मतलब आप मायोपिया से पीड़ित हैं और आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

मायोपिया से सावधानी ( myopia precaution)

वैसे तो मायोपिया का अर्थ है कि आंख में छवियां रेटिना के सामने ध्यान केंद्रित करती हैं, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। नेत्रगोलक बहुत लंबा है या कॉर्निया या लेंस मिहापेन है। हालांकि, परिभाषा मायोपिया के अंतर्निहित कारण को बता नहीं सकती। मायोपिया के दो प्रकार हैं सरल मायोपिया और हाई मायोपिया।

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1. सरल मायोपिया( Simple Myopia)-

सिंपल मायोपिया में आंखों की पॉवर -0.5 से -6.0 यानी डायोपर्स से लेकर मायोपिया(low-to-moderate level of myopia) का एक निम्न से मध्यम स्तर होता है। इस पॉवर में चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करना सही है। वहीं कॉर्निया के आकार को बदलने के लिए सर्जरी का चुनाव भी कर सकते हैं, जिससे चश्मे या लेंस की आवश्यकता कम हो जाती है।

2. हाई मायोपिया (High Myopia)-

हाई मायोपिया में -6.0 डायोप्टर या इससे भी ज्यादा होता है। इस स्थिती में लेंस की आवश्यकता के अलावा, रोगी को आंख को संरचनात्मक क्षति का खतरा होता है क्योंकि इसमें नेत्रगोलक(eyeball) बहुत अधिक फैलता है।

मायोपिया में कई प्रकार से सावधानी रखने की आवश्यकता होती है जैसे:

  • 1.समय रहते डॉक्टर की सलाह लें।
  • 2.किसी भी दूर की चीज़ को एकटक न देखें।
  • 3.आँखों को ठन्डे पानी से बार-बार धोते रहें।
  • 4.नींद अच्छी लें।
  • 5.डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप लें और उसका उपयोग करें।
  • 6. स्वस्थ आहार का सेवन जैसे पत्तेदार, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हैं, नेत्र रोग के विकास की संभावना को काफी कम कर सकते हैं।
  • 7. व्यायाम दिनचर्या को विकसित करता है। 
  • 8. तनाव से दूर रहें क्योंकि तनाव गंभीर बीमारी का कारण होता है और आंखों की स्थिति में एक प्रेरक कारक के रूप में संदेह किया जाता है।
  • 9. पोषक तत्वों स्वस्थ दृष्टि का समर्थन करते हैं।
  • 10. कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय आंखों को दूर रखें। 

अगर आप ये सावधानी बरतेंगे तो आप मायोपिया से आप स्वयं का ध्यान रख सकते हैं।

मायोपिया का उपचार (myopia treatment)

मायोपिया के उपचार के कई तरीके हैं जैसे:

1.एट्रोपिन आई ड्रॉप:

कई वर्षों से इसका प्रयोग मायोपिया के लिए किया जाता है। इससे मायोपिया को नियंत्रित करना आसान है।

2.ऑर्थोकार्टोलॉजी :

ये विशेष प्रकार का कांटेक्ट लेंस होता है जो सोते समय पहनना होता है। इससे मायोपिया को अस्थायी रूप से ठीक किया जाना संभव है। आपको घंटों तक चश्मे या कांटेक्ट लेंस लगाने की आवश्यकता नहीं होती।

3.मल्टीफोकल कांटैक्ट लेंसेस एवं चश्में:

यह विशेष लेंस और चश्मा होता है जिससे मायोपिया को दूर किया जाना संभव है। इससे मायोपिया को नियंत्रित करना संभव है।

 

4.रिफ्रेक्टिव सर्जरी:

यह एक प्रकार की सर्जरी होती है जिससे मायोपिया को ठीक किया जाता है। इससे चश्मे और कांटेक्ट लेंस की आवश्यकता कम होती है।

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हमने यहाँ देखा कि मायोपिया क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इसके उपचार के तरीके क्या हैं। इसे नियंत्रण करने के लिए आप ऊपर बताये गए उपचार कर सकते हैं। वहीं इन बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। जिससे आंखों पर बुरा असर ना पड़ें इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है की टीवी देखना कम करें, मोबाइल को जरूरत पर ही इस्तेमाल करें, क्योंकि मोबाइल में आखें गड़ाकर रखने से आंखों की रोशनी कम होती है। 

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