महिला खिलाड़ियों को परेशान कर सकता है 'फीमेल एथलीट ट्रायल', जानें क्या है ये डिसऑर्डर ?

जिमनास्टिक, स्केटिंग और डाइविंग जैसे सभी खेलों में एक पतला, दुबला और स्वस्थ शरीर के आकार को महत्व दिया जाता है। कुछ एथलीटों को, कोच द्वारा भी बताया जाता है कि वह वजन कम कर के अपने स्कोर में सुधार कर सकते हैं। ऐसे में एक महिला एथलीट में इस डिसऑडर क

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Oct 19, 2019 12:10 IST
महिला खिलाड़ियों को परेशान कर सकता है 'फीमेल एथलीट ट्रायल', जानें क्या है ये डिसऑर्डर ?

खेल और व्यायाम एक संतुलित और स्वस्थ जीवन शैली का हिस्सा है। खेल खेलने वाले लोग स्वस्थ होते हैं और वह एक बेहतर और तनावमुक्त जीवन जीते हैं। पर बात अगर महिला खिलाड़ियों की करें, तो वे भी किसी से कम नहीं। भले ही लोगों को लगता है कि लड़कियों की शारीरिक बनावट खेल के लिए नहीं बनी पर आज लड़कियां खेल के मैदान में पुरूषों से आगे हैं। लेकिन कुछ महिला खिलाड़ियों के लिए, अपने शरीर और उनके खेल की जरूरतों को संतुलित नहीं कर पाना, एक परेशानी बन सकती है। एथलीट लड़कियां तीव्रता से व्यायाम करती हैं ताकि वह अपने खेल के हिसाब से हमेशा फीट एन फाइन रहें। ऐसे में ज्यादा व्यायाम और खेल से उन्हें फीमेल एथलीट ट्रायल नाम का डिसऑर्डर हो सकता है। महिला एथलीट ट्रायल नामक यह बीमारी तीन स्थितियों का एक संयोजन है: अव्यवस्थित भोजन, एमेनोरिया और ऑस्टियोपोरोसिस। यह किसी भी महिला एथलीट के लिए बड़ी समस्या हो सकती है। इसके तीन स्टेज हैं, जिसे हम एथलीट ट्रायल नाम का डिसऑर्डर का कारण भी कह सकते हैं।

Inside_female athelete disorder

एथलीट ट्रायल डिसऑर्डर के कारण-

ट्रायल फैक्टर 1: अव्यवस्थित भोजन 

महिला एथलीट ट्रायल वाली अधिकांश लड़कियां अपने एथलेटिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए वजन कम करने की कोशिश करती हैं। अव्यवस्थित खान-पान और शरीर के हिसाब से प्रयाप्त केलोरी नहीं लेने से उन्हें इटिंग डिसऑडर हो सकता है।  

ट्रायड फैक्टर 2: एमेनोरिया

तीव्रता से व्यायाम करने और पर्याप्त कैलोरी न खाने से शरीर में कुछ हार्मोन्स के रिलीज में कमी आ सकती है, जिसके कारण मासिक धर्म चक्र यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल में ब्रेक होने लगता है। नतीजतन, पीरिएड्स अनियमित हो सकता है या पूरी तरह से रुक सकता है। बेशक, कभी-कभार पीरियड्स मिस करना सामान्य हो, पर लगातार ये होना सही नहीं है। अक्सर लड़कियाँ, जो खेल में गहनता से भाग लेती हैं, उन्हें शायद अपना पीरियड भी याद नहीम रहता। कड़ी ट्रेनिंग व प्रशिक्षण को बढ़ाते हुए व अपने खाने की आदतों को बदलती हैं, जिसके कारण वे कई होर्मोनल डिसॉडर का शिकार हो सकती हैं।

ट्रायड फैक्टर  3: ऑस्टियोपोरोसिस

महिला एथलीट लड़कियों में एस्ट्रोजेन कम होने लगता है। कम एस्ट्रोजन का स्तर, खराब पोषण और विशेष रूप से कम कैल्शियम का सेवन, ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है। हड्डियों के वजन में कमी और अनुचित हड्डी गठन से ऑस्टियोपोरोसिस बढ़ने लगता है। यह पूरी तरह से किसी भी एथलीट के करियर को बर्बाद कर सकता है।

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फीमेल एथलीट ट्रायल के लक्षण-

यदि किसी लड़की में महिला एथलीट ट्रायड के लिए जोखिम कारक हैं, तो उसे पहले से ही कुछ लक्षण और विकार का अनुभव हो सकता है। जैसे- 

  • वजन घटना
  • मेंस्ट्रुअल साइकिल में ब्रेक
  • इटिंग डिसऑर्डर
  • थकान और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी
  • फ्रैक्चर और अन्य चोटें
  • ठंड के प्रति संवेदनशीलता
  • कम हृदय गति और ब्लड सर्कुलेशन
  • सीने में दर्द

महिला एथलीट के लिए टिप्स-

अपने पीरियड्स पर नज़र रखें-

महिला एथलीट को अपने पीरिएड कैलेंडर और अपने डेट का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा जब आपके पीरिएड्स शुरू हो और रुक जाए या विशेष रूप से भारी या हल्का ब्लीडिंग हो तो उस डेट को याद। इस तरह, यदि आपके बाद के पीरिएड्स में कुछ भी गड़बड़ आया तो आपको तुरंत पता चल जाएगा और आपके पास अपने डॉक्टर को देने के लिए सटीक जानकारी होगी।

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भोजन या नाश्ता न छोड़ें-

यदि आप लगातार स्कूल, अभ्यास और प्रतियोगिताओं के बीच जाते हैं, तो आपको समय बचाने के लिए भोजन या नाश्ते को न छोड़ें। इसके अलावा अपने बैग में अनसाल्टेड नट्स और सीड्स, कच्ची सब्जियाँ, और फल आदि रखें। बीच-बीच में डाइट के अनुसार खाएं।

बोन मास का ख्याल रखें- 

हमेशा अपने वजन को चेक करते रहें। बॉडी मास के साथ बॉन मास पर भी नजर रखें। अगर बॉन मास में कमी आ रही हो तो डाइट बदलें नहीं तो इससे हड्डियों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

Source : bjsm.bmj.com (British Journal of Sports Medicine)

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