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ज्यादा टेंशन लेने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है? जानें डॉक्टर से

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग किसी न किसी बात का तनाव लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा स्ट्रेस से आपके दिमाग पर असर पड़ सकता है? तो आइए डॉक्टर से जानते हैं कि कैसे ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन प्रभावित होता है। 
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ज्यादा टेंशन लेने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है? जानें डॉक्टर से


What effect does taking too much tension on brain: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग किसी न किसी बात का तनाव लेते हैं। चाहे वो किसी भी वजह से हो, कुछ लोग काम का, पैसों का, या स्वास्थ्य बीमारियों के चलते तनाव लेते हैं। लंबे समय तक तनाव लेना अब कोई अपवाद नहीं बल्कि एक उभरता हुआ मुद्दा है। हालांकि कभी-कभार होने वाला तनाव लेना कोई परेशानी की बात नहीं, बल्कि आम बात है। लेकिन लंबे समय तक चिंता करना आपके दिमाग को प्रभावित कर सकता है। तो आइए डॉक्टर से जानते हैं कि टेंशन लेने से कैसे दिमाग पर असर पड़ता है। हमने इस विषय पर बेंगलुरु के एस्टर व्हाइटफील्ड अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर बालाजी बीएस (Dr. Balaji B S, Consultant - Neurology & Epileptology, Aster Whitefield Hospital, Bengaluru) से विस्तार में बात की।

तनाव दिमाग को कैसे प्रभावित करता है-how stress affects the brain?

जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर से स्ट्रेस हार्मोन, कोर्टिसोल रिलीज होता है। कोर्टिसोल रिलीज होने की वजह से आपको अच्छा महसूस नहीं होता है। हालांकि, यह कभी-कभार हो, तो आम बात है, लेकिन जब आप लंबे समय तक तनाव लेते हैं, तो कोर्टिसोल का लगातार लेवल बढ़ता जाता है और यह दिमाग को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। ज्यादा तनाव से दिमाग पर क्या प्रभाव पड़ता है?

इसे भी पढ़ें- ज्यादा टेंशन लेने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? डॉक्टर से जानें

1. दिमाग के हिप्पोकैम्पस को सिकोड़ता है

दरअसल, जब आप लंबे समय तक तनाव लेते हैं, तो इससे आपके दिमाग का एक हिस्सा, हिप्पोकैम्पस, सिकुड़ जाता है। यह दिमाग का वह भाग है जहां मेमोरी होती है और जो सीखने से रिलेटेड है। बता दें कि जब आप ज्यादा तनाव लेते हैं, तो आपको भूलने की बीमारी, ध्यान में कमी और गलत फैसला लेने की शिकायत हो सकती है।

2. व्यवहार संबंधी समस्याएं

दरअसल, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, जो भावनाओं के नियमन, ध्यान और तर्कसंगत निर्णय लेने से संबंधित है, दीर्घकालिक तनाव से भी प्रभावित होता है। इस प्रकार, व्यक्ति अधिक प्रतिक्रियाशील, चिड़चिड़े और भावनात्मक रूप से अभिभूत हो जाते हैं यहां तक कि थोड़ी सी भी उत्तेजना पर।

What effect does taking too much tension have on the brain hindi

3. चिंता, अवसाद और अनिद्रा का खतरा बढ़ जाता है

ज्यादा तनाव दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर संतुलन को बिगाड़ देता है, खासकर सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तर को, जो दिमाग के लिए जरूरी है। इस कारण, चिंता, अवसाद और अनिद्रा की परेशानी हो सकती है। नींद में कमी कोर्टिसोल के स्तर और दिमाग की थकावट भी बढ़ाती है।

4. सूजन को बढ़ावा देता है

वैज्ञानिक शोध ने पुष्टि की है कि ज्यादा कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने से दिमाग और शरीर की सूजन को बढ़ जाती है। समय के साथ, इससे लंबे समय तक की सूजन हो सकती है और अगर इसका इलाज न किया जाए, तो अल्जाइमर या पार्किंसंस जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का कारण बन सकती है।

5. न्यूरोप्लास्टिसिटी कम हो जाती है

न्यूरोप्लास्टिसिटी दिमाग की न्यूरॉन्स के बीच बदलाव, उपचार और नए संबंध बनाने की क्षमता है। तनाव की स्थिति में, दिमाग द्वारा ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) का उत्पादन थोड़ा कम हो जाता है। इस कारण दिमागी चोट से उबरने में परेशानी हो सकती है।

चिंता से दिमाग पर क्या असर पड़ता है-How anxiety affects the brain?

  • लगातार सिरदर्द या माइग्रेन
  • चीजें को भूल जाना और ध्यान केंद्रित करने में कमी
  • दिमाग के स्तर पर उतार-चढ़ाव, चिड़चिड़ापन, या बेचैनी
  • नींद में गड़बड़ी या आराम करने के बाद थकान
  • अकेला महसूस करना

अपने दिमाग को तनाव से कैसे बचाएं-How to protect your brain from stress?

  1. नींद जरूरी है- रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर लें।
  2. रोज एक्सरसाइज करें- रोज एक्सरसाइज करने से आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बहुत फायदे मिलते हैं।
  3. मेडिटेशन करें- माइंडफुलनेस ध्यान, योग और धीरे-धीरे सांस लेने से कॉर्टिसोल कम होता है और तंत्रिका तंत्र को शांति मिलती है।
  4. अपनों की मदद लें- अगर आप चिंता या तनाव की स्थिति से गुजर रहे हैं, तो अपने मन को हल्का करने के लिए दोस्तों या परिवार से बात करें और मन को हल्का करें।
  5. मनोचिकित्सक की सलाह लें- अगर तनाव आपकी डेली रूटीन को प्रभावित करने लगे, तो किसी चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें।

निष्कर्ष
तनाव या चिंता करना आम हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक तनाव आपकी सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपने इसे नजरअंदाज किया, तो यह आपके दिमाग को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए दिमाग को ज्यादा नुकसान न पहुंचे, आपको अपनी चिंता या तनाव को कम करने पर काम करना होगा जिससे दिमाग को ज्यादा नुकसान न पहुंचे। बता दें कि आपका दिमाग आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी अंग है, इसलिए उसकी देखभाल करना आपका काम है।

FAQ

  • दिमाग में ज्यादा टेंशन होने से क्या होता है?

    दिमाग में ज्यादा टेंशन लेने से दिमाग पर नेगेटिव असर पड़ता है। भूलने की बीमारी या व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • टेंशन लेने से कौन सी बीमारी होती है?

    टेंशन लेने से कई शारीरिक बीमारियां भी हो सकती हैं, जैसे हार्ट को खतरा या डायबिटीज। 
  • क्या हम टेंशन से मर सकते हैं?

    ज्यादा टेंशन लेने से आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। कभी-कभी ज्यादा स्ट्रेस लेने से कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। 

 

 

 

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