अगर पेट में होता है ऐसा दर्द, तो समझे बच्चेदानी में है सूजन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 29, 2018
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Quick Bites

  • मौसम में बदलाव आता है तो गर्भाशय में सूजन आ जाती है।
  • फाइब्रॉएड एक नॉन-कैंसर ट्यूमर हैं, जो गर्भाशय की मांसपेशी की परतों पर बढ़ते हैं।
  • फाइब्रॉएड का आकार सेम के बीज से लेकर तरबूज जितना हो सकता है।

अक्सर लोगों को पेट में दर्द की समस्या होती है। कई बार ये दर्द लाइफस्टाइल में हुए बदलाव, मौसम में बदलाव और गलत-खान-पान के चलते होता है। लेकिन कई बार इस दर्द के पीछे गंभीर रोग भी होता है। लेकिन जानकारी के अभाव में हम उसे समझ नहीं पाते हैं। महिलाओं में कई बार पेट में दर्द बच्चेदानी में सूजन (Uterus Swelling) के कारण भी होता है। जब भी मौसम में बदलाव आता है तो गर्भाशय में सूजन आ जाती है। ऐसे में महिलाओं को असहनीय पेट दर्द, बुखार, सिरदर्द और कमर दर्द का सामना करना पड़ता है। समय रहते इस समसया का इलाज न करने पर यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकती है। जिसे गर्भाशय फाइब्रॉएड कहते हैं। आज हम आपको गर्भाश्य की सूजन को कम करने के लिए कुछ नुस्खे बता रहे हैं।

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क्या है गर्भाशय फाइब्रॉएड

फाइब्रॉएड एक नॉन-कैंसर ट्यूमर हैं, जो गर्भाशय की मांसपेशी की परतों पर बढ़ते हैं। इन्हें गर्भाशय फाइब्रॉएड के नाम से भी जाना जाता है। फाइब्रॉएड चिकनी मांसपेशियों और रेशेदार ऊतकों की विस्‍तृत रूप हैं। फाइब्रॉएड का आकार भिन्न हो सकता है, यह सेम के बीज से लेकर तरबूज जितना हो सकता है। लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं को पूरे जीवन में फाइब्रॉएड कभी न कभी जरूर प्रभावित करता है। 30 से 50 के बीच आयु वर्ग की महिलाओं को फाइब्रॉएड विकसित होने की आशंका सबसे अधिक होती है। सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में फाइब्रॉएड विकासित होने का उच्च जोखिम होता है।

क्यों आती है गर्भाश्य में सूजन

  • बदलता मौसम है जिम्मेदार 
  • अधिक दवाओं के सेवन से
  • ज्यादा व्यायाम करने से
  • भूख से ज्यादा खाना खाने से
  • तंग और अधिक कसे हुए कपड़े पहनने पर
  • प्रसव के दौरान सावधानी न बरतने पर
  • अधिक यौन संबंध बनाने के कारण
 

गर्भाशय में सूजन के लक्षण

  • पेट की मांसपेशियों में कमजोरी
  • पेट दर्द, गैस तथा कब्ज होना
  • पीठ में दर्द, बुखार
  • प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन
  • महामारी के दौरान ठंड लगना
  • यौन संबंध के दौरान दर्द
  • महामारी के दौरान असहनीय दर्द
  • लगातार पेशाब आना
  • लूज मोशन, उल्टी

बच्चेदानी की सूजन को दूर करने के उपाय

  • सोंठ और नीम के पत्ते को उबालकर काढ़ा पीने से ये रोग सही होता है। इसके अलावा इसे रोजाना प्राईवेट पार्ट में लगाने से भी बच्चेदानी से सूजन दूर होती है।
  • बच्चेदानी की सूजन को दूर करने के लिए हल्दी भी बहुत असरकार है। दूध में हल्दी मिलाकर पीने से बच्चेदानी की सूजन दूर होती है।
  • अंरडी के पत्तों को पानी में उबालकर छान लें। कॉटन में इसे भिगोकर मुंह के अंदर रखें। 3-4 दिन ऐसा करने से पेट में मौजूद सभी कीटाणु मर जाएंगे और सूजन की समस्या दूर हो जाएगी।
  • हालांकि वैसे तो बादाम कई रोगों को दूर करता है। लेकिन बच्चेदानी की सूजन को दूर करने के लिए भी बादाम बहुत असरकार है। रात को बादाम को दूध के साथ भिगो दें। सुबह उठकर बादाम समेत दूध पी लें। सूजन से छुटकारा मिलेगा। 
  • अच्छी डाइट लगभग सभी बीमारियों का काल है। हरी पत्तेदार और फ्रेश सब्जियां व फलों के सेवन से भी बच्चेदानी की सूजन से राहत मिलती है।

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