लंबे वक्त तक सर्दी-जुकाम है निमोनिया का लक्षण, जानें निमोनिया के प्रकार और अन्य लक्षण

अगर आपको लंबे वक्त से सर्दी-जुकाम है तो इसे नजरअंदाज ना करें, ये निमोनिया भी हो सकता है। जानें निमोनिया के प्रकार और इसके लक्षण।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Jan 29, 2020Updated at: Jan 29, 2020
लंबे वक्त तक सर्दी-जुकाम है निमोनिया का लक्षण, जानें निमोनिया के प्रकार और अन्य लक्षण

जब आपको सर्दी-जुकाम होता है तो उसके लक्षण सिर दर्द, नाक बहना, कफ और गले में खराश जैसी चीजें होती है। लेकिन कई लोग ज्यादातर लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं। जिसकी वजह से जब इन लक्षणों के साथ सर्दी-जुकाम कई दिनों तक रहता है तो ये एक तरह से चलता हुआ निमोनिया होता है। 

शायद आपने पहले कभी चलते हुए निमोनिया के बारे में ना सुना हो। आपको बता दें कि चलता हुआ निमोनिया जिसे कहा जाता है वो पारंपरिक निमोनिया से काफी कम खतरनाक होता है। यानी पारंपरिक निमोनिया की तुलना में चलता हुआ निमोनिया कम गंभीर है, जो लगभग 1 मिलियन लोगों को अस्पताल में भर्ती करता है और हर साल करीब 50 हजार लोगों की मौत का कारण बनता है। पल्मोनोलॉजिस्ट नील चिसन जो कि एमडी हैं वो बताते हैं कि आप इस रेस्पिरेटरी में फैलने वाले संक्रमण के साथ कैसे खत्म हो सकते हैं और ये निमोनिया से कैसे अलग हो सकता है।

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निमोनिया का कैसे पता लगाएं? 

चलता हुआ निमोनिय कहें या फिर आम निमोनिया कहें, इसका सबसे मुख्य कारण बैक्टीरिया और वायरस होता है। सबसे ज्यादा आम बैक्टीरिया माइकोप्लाज्मा के नाम से जाना जाता है। निमोनिया होने का जिम्मेदार सिर्फ संक्रमण है। ये बैक्टीरिया हमारे सांस लेते हुए, कुछ खाते हुए हमारे शरीर में चले जाते हैं जिसकी वजह से हमे इसका शिकार होना पड़ता है। इसकी शुरुआत सर्दी-जुकाम, कफ, गले में खराश और नाक बहने से होती है। ये बैक्टीरिया धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों और श्वास नली को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। 

यही वजह है कि ये बैक्टीरिया उन लोगों को ज्यादा अपना शिकार बनाता है जो लोग बाहर ज्यादा वक्त बिताते हैं। इसमें सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे आते हैं जिन्हें इन बैक्टीरिया का शिकार होना पड़ता है। स्कूली बच्चे हाथ को बिना धोए स्कूल में खाना खा लेते हैं। 

रेगुलर निमोनिया कैसे अलग है? 

अगर देखा जाए तो निमोनिया एक गंभीर बीमारी है जो धीरे-धीरे फेफड़ों को खराब करने का काम करता है। पारंपरिक निमोनिया की वजह भी शरीर में जाने वाले माइकोप्लाज्मा बैक्टीरिया है। जिसकी वजह से निमोनिया को बढ़ावा मिलता है। निमोनिया के बढ़ने में शरीर के खून में ऑक्सीजन पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। 

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डॉक्टर नील चिसन के मुताबिक, बैक्टीरिया निमोनिया और वायरल निमोनिया के लक्षण एक जैसे नहीं होते हैं। लेकिन दोनों ही मामलों में सांस लेने में परेशानी और ज्यादा थकावट होती है। 

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दोनों तरह के निमोनिया का इलाज क्या है? 

आम निमोनिया जिसे चलता हुआ निमोनिया कहा जाता है उसमें डॉक्टर आपके लक्षणों को देखकर ही समझते हैं कि आपको कैसी दवाइयां देनी ठीक है। लेकिन डॉक्टर नील चिसन इस तरह की चीजों को बढ़ावा नहीं देती है। चिसन ने बताया कि काफी ज्यादा तादात में मरीज इन लक्षणों के साथ आते हैं जिन्हें रेस्पिरेटरी इंफेक्शन हो जाता है। ऐसे में उन्हें ज्यादा आराम करने की सलाह देने चाहिए और इंफेक्शन को खत्म करने वाली दवाइयां देनी चाहिए जिससे की पीड़ित जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। 

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डॉ. चिसन ने बताया कि अगर आपको सर्दी-जुकाम, कफ, नाक बहना और गले में खराश और इसके साथ ही अगर आपको अस्थमा, डायबिटीज, किड़नी से जुड़ी समस्या हो तो ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिससे की आपका निमोनिया बढ़ने से पहले ही आपको सही इलाज मिल सके। इसके साथ ही आप हमेशा ये ना सोचें कि अगर आपको आम निमोनिया यानी चलता हुआ एक निमोनिया है तो आप अपने आप ही ठीक हो जाएंगे, कई बार ऐसा करने से निमोनिया गंभीर हो जाता है। जिसकी वजह से आप के लिए परेशानी भी खड़ी हो सकती है। 

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