निमोनिया से बचाव के लिए इसके लक्षणों को पहचानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 06, 2013
Quick Bites

  • फेफड़ों में अधिक सूजन होने के कारण होता है निमोनिया।
  • फेफड़ों पर लगी चोट के कारण भी हो सकता है निमोनिया।
  • खांसी, सीने का दर्द और सांस लेने में तकलीफ हैं प्रमुख लक्षण।
  • बुजुर्गों को मतिभ्रम हो सकता है निमोनिया का प्रमुख चिह्न।

निमोनिया होने पर फेफडों में सूजन आ जाती है। यह शुरुआत में अल्वियोली नामक बेहद सूक्ष्म (माइक्रोस्कोपिक) वायु कूपों को प्रभावित करता है। निमोनिया के कुछ विशेष लक्षण होते हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको बता रहे हैं निमोनिया के लक्षणों के बारे में।

निमोनिया फेफड़ों में असाधारण तौर पर सूजन होने के कारण होता है। निमोनिया होने पर फेफड़ों में पानी भी भर जाता है। निमोनिया का आम कारण बैक्टीरिया, वायरस, फंगी या  कुछ अन्य परजीवी होते हैं। इनके अलावा कुछ रसायनों और फेफड़ों पर लगी चोट के कारण भी निमोनिया हो सकता है। यह कोई छोटी या नजरअंदाज कर देने वाली बीमारी नहीं है। सर्दी में अकसर निमोनिया होने का डर बना रहता है, खसतौर पर बच्चों को सर्दियों में निमोनिया होने का ज्यादा डर बना रहता है।

pneumonia symptoms in hindi

निमोनिया को अक्सर लोग मामूली बीमारी समझ बैठते हैं लेकिन यह अब घातक रूप ले चुकी है। इस संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर घंटे निमोनिया से 45 बच्चों की मृत्यु होती है। इसका मतलब है कि लगभग हर मिनट देश में एक बच्चा निमोनिया की बली चढ़ता है। इसलिए निमोनिया नजरअंदाज न करें, यह एक खतरनाक बीमारी है।

 

बैक्टीरिया के कारण होने वाले निमोनिया दो से चार सप्ताह में ठीक हो सकता है। वहीं दूसरी ओर वायरल जनित निमोनिया ठीक होने में अधिक समय लग जाता है। निमोनिया होने पर मरीज को सादा भोजन ही करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। निमोनिया के मरीज को तेल, मसालेदार और बाहर के खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

 

निमोनिया के लक्षणों के तौर पर सर्दी, तेज बुखार, कफ, कंपकंपी, शरीर में दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि होते हैं। हालांकि छोटे या नवजात बच्चों में कोई विशेष लक्षण दिखाई नहीं देते। बच्चे देखने में बीमार लगें तो उन्हें निमोनिया हो सकता है। निमोनिया के अन्य लक्षण कुछ निम्न प्रकार से हैं-

 

निमोनिया के सामान्‍य लक्षण-

 

  •  निमोनिया के आम लक्षणों में खांसी, सीने का दर्द, बुखार और सांस लेने में मुश्किल आदि होते हैं।
  •  सांस तेज लेना, कफ की आवाज आना आदि भी निमोनिया का संकेत हो सकते हैं ।
  •  उल्टी होना, सीने या पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  •  होंठों और नाखून का रंग नीला पड़ना।
  •  तेज बुखार, कंपकंपी, कफ, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द भी निमोनिया के लक्षण हैं। हालांकि बुखार बहुत विशिष्ट लक्षण नहीं है क्योंकि यह सामान्य बीमारियों में भी होता है।
  •  पांच साल से कम उम्र के ज्यादातर बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने तथा दूध पीने में भी दिक्कत होती है और वे सुस्त भी हो जाता है।
  •  छोटे बच्चों में निमोनिया की शुरुआत हल्के सर्दी-जुकाम से होती है, जो धीरे-धीरे निमोनिया में बदल जाती है। ऐसे में बच्चों को बाद में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।

pneumonia symptoms in hindi

  •  बुजुर्गों में मतिभ्रम निमोनिया का सबसे प्रमुख संकेत हो सकता है।
  •  अधिक गंभीर लक्षणों में त्वचा की नीली रंगत, प्यास में कमीं, बेहोशी और ऐंठन, बार-बार उल्टी शामिल होते हैं।
  •  माइकोप्लाज्मा निमोनिया में लिम्फ नोड्स में सूजन, जोड़ों में दर्द या कान के मध्य में इंफैक्शन हो सकता है।
  •  वायरस के कारण हुए निमोनिया में बैक्टीरिया सो होने वाले निमोनिया की तुलना में आम तौर पर घरघराहट ज्यादा होती है।



बच्चों में पोषण की कमी होने के कारण निमोनिया का बैक्टीरिया आसानी से इन्हें अपनी चपेट में ले लेता है। इसलिए बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए अधिक देखभाल करनी चाहिए।  

 

 

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