फेफड़ों का फंगल इंफेक्शन हो सकता है खतरनाक, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

फंगल इंफेक्शन किसी भी उम्र में हो सकता है और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इस फंगल इंफेक्शेन से सबसे अधिक पीड़‍ि‍त होते हैं।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 21, 2013
फेफड़ों का फंगल इंफेक्शन हो सकता है खतरनाक, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

फंगल इंफेक्शन किसी भी उम्र के शख्स को अपना शिकार बना सकता है और किसी को भी। फंगल इंफेक्शन हवा, पानी और वातावरण में मौजूद होते हैं। ये आपके सांस के साथ या किसी और जरिए से आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और आपके स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये इंफेक्शन खासकर उन लोगों को ज्यादा होता है जिनका इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है। कई बार ये आपके शरीर में प्रवेश कर आपके फेफड़ों को भी संक्रमित कर सकती है और उन्हें खराब करने का काम करते हैं। 

अगर किसी को फेफड़ों में फंगल इंफेक्शन हो जाता है तो इसके लक्षण समझना काफी मुश्कलि हो जाते हैं। फंगल इंफेक्शन के लक्षण फंगस के प्रकार पर निर्भर करते हैं। इसके लक्षण आम खांसी, सांस लेने में परेशानी होना, सीने में दर्द, बुखार, थकान और रात को सोते हुए पसीना आना जैसे हैं। फेफड़ों का इंफेक्शन के इलाज में एंटी-फंगल दवाओं, मौखिक (गोलियां व कैप्‍सूल आदि) अथवा इंजेक्शन, के जरिये किया जाता है। 

फेफड़ों में इंफेक्शन के लक्षण

इसके लक्षण पहचानने में आपको थोड़ी सी मुश्किल जरूर हो सकता है। इसका कारण ये हैं क्योंकि इसके लक्षण आम खांसी और सांस लेने में समस्या के साथ होते हैं। लेकिन अगर आप इस इंफेक्शन को समय पर पकड़ लेते हैं तो आप इसका समय पर इलाज कर इससे दूरी बना सकते हैं। लेकिन उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपको इसके लक्षण पूरी तरह से पता होने चाहिए। आइए जानते हैं कि इसके मुख्य लक्षण कौन से हैं जिसकी मदद से आप फेफडों में फंगल इंफेक्शन का पता लगा सकते हैं। 

  • खांसी। 
  • सांस लेने में परेशानी होना। 
  • सीने में दर्द रहना। 
  • बुखार। 
  • जल्दी थकान महसूस होना। 
  • सोते समय पसीने आना। 

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इलाज 

सामान्य इलाज 

सामान्य इलाज एक तरह से काफी आसानी से किया जा सकता है। फेफड़ों का फंगल इंफेक्शन के इलाज के लिए डॉक्टर आपको एंटीअस्थमा दवाओं का सेवन करने के लिए कह सकता है। इस तरह की दवाएं आपकी श्वास प्रक्रिया को बेहतर बनाने का काम करती हैं। इसके साथ ही ये आपके फेफड़ों में जमें इंफेक्शन को भी दूर करने का कम करते हैं। इन दवाओं का असर उन जगहों पर होता है जहां पर फंगल इंफेक्शन का प्रभाव होता है। ये दवाएं जल्दी उन जगहों को बचाने का काम करती है।

विशेष स्थिति में इलाज

विशेष स्थिति के इलाज को ज्यादा गंभीरता से लिया जाता है। इस स्थिति में फंगस काफी तेजी से नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं जिनको रोकने के लिए डॉक्टर एंटीफंगस दवाओं का सहारा लेते हैं। इसलिए डॉक्टर इन दवाओं की मात्रा को थोड़ा ज्यादा कर देते हैं। ये दवायें या तो इंजेक्शडन के रूप में मरीज को दी जा सकती हैं या फिर गोलियां अथवा कैप्सूल के रूप में। मरीज को दवा किस रूप में देनी है यह बात पूरी तरह संक्रमण के प्रकार पर निर्भर करती है। 

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आहार 

इस स्थिति में बहुत जरूरी होता है कि हम उन आहारों का सेवन करें जो हमारी सेहत को सुधारने में मदद करें। सही आहार का सेवन करने से हम फंगल इंफेक्शन से होने वाले नुकसान को भी रोक सकते हैं। इन इंफेक्शन का प्रकोप कम करने के लिए अदरक एक बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही आपको खाद्य पदार्थों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। आपको चीनी, कैफीन और दुग्ध उत्पादों से भी दूर रहना चाहिए। 

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