गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप न सिर्फ हमारे लिए असुविधा का कारण बनती है, बल्कि हमारे दिल की सेहत के लिए भी एक बड़ी चुनौती का कारण बन सकती है। गर्मी में जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में दिल की धड़कन तेज हो जाती है और नसों पर बोझ बढ़ जाता है। खासकर हार्ट पेशेंट्स के लिए यह मौसम काफी तकलीफ देने वाला हो सकता है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन और पसीने के जरिए शरीर से जरूरी लवण (Salts) का बाहर निकलना, दिल से जुड़ी बीमारी के बढ़ते खतरे का कारण बन सकता है। हालांकि, सही सावधानी और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके तपती गर्मी में भी आप अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं। इस लेख में हम Dr Deebanshu Gupta, Cardiologist at Sarvodaya Hospital, Jalandhar से जानेंगे कि गर्मी में किन बातों का ध्यान रखकर आप अपने दिल का ध्यान रख सकते हैं और हार्ट के पेशेंट भी अपने आपको कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
गर्मियों में हार्ट के मरीज क्या सावधानियां बरतें?
डॉ. दीबांशु गुप्ता के अनुसार, गर्मियों में अपने दिल का ख्याल रखने के लिए हार्ट के मरीज ये सावधानियां जरूर बरतें-
1. हाइड्रेशन का ध्यान रखें
गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, जिसमें नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को शामिल कर सकते हैं। लेकिन, अपनी डाइट में कैफीन और शराब जैसी चीजों को शामिल करने से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकते हैं। American Heart Association के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है, जिससे दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने में आसानी होती है। इतना ही नहीं, यह मांसपेशियों को भी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है।
2. तेज धूप से बचें
गर्मी के मौसम में हार्ट हेल्थ को बेहतर रखने के लिए कोशिश करें कि आप दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलें, क्योंकि इस समय गर्मी बहुत तेज होती है। अगर घर से बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, जो पसीना सोख सकें और हवादार हों। खुद को सीधी धूप से बचाने के लिए टोपी या छाते का इस्तेमाल करें। 2022 में Lancet Planet Health में प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार बढ़ती गर्मी दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ाती है। बढ़ते तापमान के कारण दिल की बीमारियों के मामले और ज्यादा बढ़ सकते हैं। इसलिए, गर्मी के दिनों में दिल के दौरे पड़ने की समस्या आम हो जाती है।
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3. शरीर का तापमान कंट्रोल में रखें
गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जो हार्ट के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। 2022 में American Heart Association के जर्नल Circulation में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, शरीर का तापमान बढ़ने से मेटाबॉलिक स्थिति और ऑक्सीजन की कमी भी बढ़ जाती है। सेंसिटिव व्यक्तियों में इन प्रक्रियाओं के कारण डिमांड इस्कीमिया या प्लाक के फाटने की समस्या हो सकती है। इसलिए, आप हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रहने की कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर कूलर या एसी का इस्तेमाल करें। जब भी शरीर ज्यादा गर्म लगे तो अपने चेहरे, हाथ और पैरों को ठंडे पानी से धोएं, ताकि शरीर का तापमान संतुलित रह सके।
4. दवाइयों का सावधानी से इस्तेमाल करें
हार्ट के मरीजों को अपनी दवाओं को लेकर काफी सतर्क रहने की जरूरत है। कुछ दवाएं शरीर में पानी की कमी का कारण बन सकती हैं। इसलिए, दवाइयों में कोई भी बदलाव करने या डिहाइड्रेशन की समस्या में बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
गर्मियों में दिल की सेहत से जुड़े गंभीर संकेत क्या हैं?
डॉ. दीबांशु गुप्ता के मुताबिक गर्मी के मौसम में शरीर पर पड़ने वाले दबाव के कारण कुछ लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- सीने में किसी भी तरह का दबाव, जकड़न या दर्द महसूस होना दिल के लिए खतरा हो सकता है।
- अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है या सांस फूलने की समस्या हो रही है तो यह दिल पर ज्यादा दबाव पड़ने का लक्षण हो सकता है।
- बिना किसी कारण शारीरिक गतिविधि या मेहनत किए बिना ठंडा पसीना आना या बहुत ज्यादा पसीना आना भी खतरे का संकेत हो सकता है।
- गर्मी के मौसम में अचानक चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या बेहोशी महसूस करना हीट स्ट्रेस या हार्ट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा करता है।
- अचानक दिल की धड़कनों का बहुत तेज होना या नॉर्मल धड़कने के तरीके में बदलाव आना समस्या का संकेत हो सकता है।
- बिना किसी कारण शरीर का ज्यादा थका हुआ महसूस करना या कमजोरी होना।
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खान-पान क्या खाएं और क्या नहीं?
गर्मी के मौसम में हार्ट के मरीजों के लिए समय-समय पर दवा लेने के साथ सही खानपान लेना भी बहुत जरूरी होता है। इसलिए, आप क्या खा रहे हैं और किन चीजों से परहेज करना है यह बहुत मायने रखता है। American heart Association के अनुसार आप दिल की सेहत के लिए हेल्दी खानपान की आदतें अपना सकते हैं। पैकेट वाले खाने के लेबल पर दिए गए न्यूट्रिशन फैक्ट्स और सामग्री की लिस्ट को ध्यान से पढ़ें, ताकि ऐसा खाना खाने से बच सकें, जिसमें सोडियम, हाई शुगर और सैचुरेटेड फैट ज्यादा हो। इसके साथ ही आप अपने घर पर बना खाना खाएं, बाहर के खाने के स्थान पर।
- अपनी डेली डाइट में ढेर सारे ताजे फल और तरह-तरह की हरी और रंग-बिरंगी सब्जियां शामिल करें।
- मैदा या रिफाइंड अनाज की जगह साबुत अनाज जैसे दलिया, ओट्स और ब्राउन राइस का सेवन करें।
- प्रोटीन के लिए मीट के स्थान पर दालें, बीन्स, मटर आदि का सेवन करें।। मछली का सेवन करें और प्रोसेस्ड मीट से बचें।
- अपनी डाइट में हेल्दी और सही फैट को शामिल करें। बटर, नारियल तेल या फैट से भरपूर मीट के स्थान पर जैतून, सूरजमुखी या सरसों जैसे तेलों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें।
- पैकेटबंद या जंक फूड्स की जगह ताजे और कम प्रोसेस वाले फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
- मीठे पेय पदार्थों जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा लेने से बचें और बाहर की मीठी चीजों जैसे पेस्ट्री, केक, कुकीज आदि का सेवन कम से कम करने की कोशिश करें।
- खाने में नमक का इस्तेमाल बहुत कम करें और ऐसी चीजों को खाने से बचें, जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा हो।
गर्मियों में हार्ट के मरीज एक्सरसाइज कैसे करें?
2025 में BMC Research Notes में प्रकाशित इस स्टडी से पता चलता है कि ज्यादा गर्मी वाले इलाकों में दिल के मरीजों का चलना-फिरना या शारीरिक गतिविधियां (एक्सरसाइज) करना कम हो जाता है, क्योंकि उनमें गर्मी लगने और दिल से जुड़ी बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। दिल के मरीजों को गर्मियों में भी फिट रहने के लिए सही सलाह की जरूरत है। हार्ट के मरीजों को घर के अंदर एक्सरसाइज करने के तरीके बताना और सही तरह से हाइड्रेटेड रहने के लिए जागरूक करना जरूरी है।
डॉ. दीबांशु गुप्ता का कहना भी है कि गर्मियों में एक्टिव रहना दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन इस मौसम में एक्सरसाइज का तरीका बदलना पड़ता है। इसलिए, सही संतुलन बनाने के लिए आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।
- चिलचिलाती धूप से बचने के लिए सुबह जल्दी या शाम को सूरज ढलने के बाद एक्सरसाइज करें। यह समय न सिर्फ ठंडा होता है, बल्कि आपके शरीर पर तनाव भी कम डालता है।
- गर्मियों में बहुत ज्यादा और हैवी वर्कआउट के स्थान पर वॉक, योग और स्ट्रेचिंग जैसे एक्सरसाइज करें। ये आपके दिल को हेल्दी रखने और शरीर को ज्यादा गर्म करने से बचाता है।
- बहुत ज्यादा वजन उठाना या बहुत तेज दौड़ने वाले वर्कआउट से बचना जरूरी है, क्योंकि ये गर्मियों में दिल की धड़कनों को अचानक बढ़ा सकते हैं।
- एक्सरसाइज करते समय हाइड्रेशन का ध्यान रखना जरूरी है। वर्कआउट से पहले और इसके खत्म होने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- एक्सरसाइज करते समय अपने शरीर के संकेतों पर नजर बनाए रखें। अगर आपको बहुत ज्यादा गर्मी महसूस हो, चक्कर आएं, दिल की धड़कन असामान्य लगे या ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो तुरंत शारीरिक गतिविधियां करने से रुक जाएं।
- हर दिन एक्सरसाइज करने के बजाय शरीर को रिकवरी के लिए समय दें। अगर बाहर तापमान बहुत ज्यादा है तो घर के अंदर ही पंखे या एसी की हवा में हल्की स्ट्रेचिंग करें।
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हार्ट के मरीजों के लिए ट्रैवलिंग के दौरान सावधानियां
डॉ. दीबांशु गुप्ता का कहना है कि गर्मी के मौसम में यात्रा करते समय हार्ट के मरीजों को अपनी सुरक्षा को लेकर कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए।
- गर्मी के मौसम में किसी भी तरह की यात्रा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें और जानें कि आपकी कंडीशन यात्रा के लिए सुरक्षित है या नहीं।
- यात्रा के दौरान अपनी नियमित दवाइयां पर्याप्त मात्रा में रखें। डॉक्टर से कंसल्ट करके कुछ एक्स्ट्रा दवाइयों की डोज भी रखें।
- अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स, डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन और डॉक्टर का नंबर हमेशा अपने साथ रखें, ताकि इमरजेंसी की स्थिति में काम आ सके।
- यात्रा के दौरान शरीर को पानी की कमी न होने दें। अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखें और बीच-बीच में घूंट-घूंट पानी पीते रहें।
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर यात्रा करने से बचें, क्योंकि इससे पैरों में सूजन और ब्लड क्लॉटिंग का जोखिम भी बढ़ सकता है। हर 1 से 2 घंटे में थोड़ा चलें या सीट पर ही स्ट्रेचिंग करें।
- ट्रैवल के दौरान ढीले और हल्के सूती कपड़े पहनें, ताकि पसीना सोखा जा सके और शरीर को हवा मिलती रहे।
- अपनी यात्रा के दौरान बहुत ज्यादा गर्मी वाले स्थानों पर जाने से बचें। ठंडे या हिल स्टेशन जैसे स्थानों पर जाना आपके लिए बेहतर हो सकता है।
डॉक्टर से कब मिलें?
गर्मियों में दिल की स्थिति को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इसलिए, अगर आपको सीने में बार-बार दर्द, सांस लेने में मुश्किल हो या ब्लड प्रेशर में लगातार बदलाव हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। इसके अलावा, अगर आपको दवाओं का असर बेअसर लगे या शरीर और पैरों में सूजन हो तो इसे नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। गर्मियों में नियमित रूप से मेडिकल चेकअप कराना बहुत जरूरी है, ताकि किसी भी जोखिम को समय रहते पहचाना जा सके और उसे बढ़ने से रोका जा सके।
निष्कर्ष
गर्मी का मौसम दिल के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही सावधानी के साथ आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्की और संतुलित डाइट लेना, हल्की शारीरिक गतिविधियां करना और समय पर दवा लेने जैसी आदतों से आप गर्म दिनों में भी अपने दिल की सेहत का खास ध्यान रख सकते हैं। तेज धूप में घर से बाहर निकलने से बचें, यात्रा के दौरान खास सावधानी बरतें और थकान या सीने में दर्द या बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज किए बिना सही समय पर डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
हार्ट मजबूत रखने के लिए क्या खाना चाहिए?
दिल को मजबूत और हेल्दी रखने के लिए साबुत अनाज, ताजे फल, हरी सब्जियां और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स और अलसी के बीजों का सेवन फायदेमंद माना जाता है।कमजोर हार्ट को मजबूत कैसे करें?
कमजोर दिल को मजबूत करने के लिए रोजाना 30 से 40 मिनट तेज चलना, स्विमिंग या योग जैसे कार्डियो एक्सरसाइज करें। लेकिन ध्यान रखें हार्ट के कई मरीजों के लिए तेज चलना, हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज आदि सुरक्षित नहीं होते इसलिए अपने कोई भी एक्टिविटी शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। एक्सरसाइज के साथ डाइट में हरी सब्जियां, फल, ओट्स और साबुत अनाज शामिल करें।मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा दिल कमजोर है?
दिल कमजोर होने पर आपको कई तरह के संकेत मिल सकते हैं, जिसमें थोड़ी शारीरिक मेहनत करने पर सांस फूलना, लगातार थकान, पैरों में सूजन और सीने में दर्द या भारीपन होना शामिल हैं।क्या गर्म मौसम हृदय रोग को प्रभावित करता है?
हां, गर्म मौसम दिल के मरीजों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। ज्यादा तापमान और उमस शरीर को ठंडा करने के लिए दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट, अनियमित दिल की धड़कन और हार्ट फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है।हार्ट के लिए सबसे खराब खाना कौन सा है?
हार्ट हेल्थ के लिए सबसे खराब फूड्स वो हैं, जो कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और शरीर में सूजन का कारण बनते हैं। इसलिए, आपको प्रोसेस्ड फूड्स, प्रोसेस्ड मीट, तले हुए और जंक फूड और ज्यादा नमक के सेवन से बचना चाहिए।
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Apr 26, 2026 18:26 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Apr 26, 2026 18:26 IST
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Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Deebanshu Gupta