पेट में गुड बैक्टीरिया के कम होने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण, जानें इससे होने वाले नुकसान

Good bacteria deficiency symptoms in hindi : गुड बैक्टीरिया पेट को हेल्दी रखते हैं और इन्हें कई समस्याओं से बचाते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Mar 21, 2022Updated at: Mar 21, 2022
पेट में गुड बैक्टीरिया के कम होने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण, जानें इससे होने वाले नुकसान

पेट की सेहत हमारे शरीर के कई अंगों से जुड़ा होतr है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी पेट की सेहत कैसे होगी ये किस बात पर निर्भर करता है? तो, आपको जान कर हैरानी हो सकती है कि आपकी पेट की सेहत पेट में पलने वाले बैक्टीरिया पर निर्भर करता है। जी हां, हमारे पेट में दो प्रकार के बैक्टीरिया रहते हैं, जो कि पेट के माइक्रोबायोम को मैनेज करते हैं। पहले गुड बैक्टीरिया (good bacteria) और दूसरा बैड बैक्टीरिया (bad bacteria)। जी हां, गुड बैक्टीरिया पेट के खाने को तोड़ने और इन्हें पचाने में मदद करते हैं। तो, वही बैड बैक्टीरिया बढ़ने से पेट दर्द, मतली, अपच और बदहजमी की समस्या बढ़ती है। ऐसे में हमें शरीर में इन दोनों के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानना चाहिए। आज हम आपको शरीर में गुड बैक्टीरिया की कमी के लक्षणों के बारे में बताएंगे। 

Inside_stoamchbacteria

शरीर में गुड बैक्टीरिया की कमी के लक्षण-Good bacteria deficiency symptoms in hindi

1. पाचन संबंधी समस्याएं

जब शरीर में गुड बैक्टीरिया कम होने लगते हैं कई पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। जैसे कि बॉउल सिंड्रोम,कब्ज,दस्त और सूजन। दरअसल,गुड बैक्टीरिया की कमी से आपके पेट का माइक्रोबायोम प्रभावित होने लगता है। जिसकी वजह से आप जो भी खाते हैं, पेट उसे सही से पचा नहीं पाता है और फिर ये गैस व बदहजमी की समस्या का कारण बनता है। इसके अलावा खराब मेटाबोलिज्म कई अन्य दिक्कतों का भी कारण बनता है जैसे कि वजन का तेजी से बढ़ना या घट जाना। शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी इत्यादि। इसके अलावा गुड बैक्टीरिया की कमी आंतों के काम काज को भी प्रभावित करती है, जिससे दूसरी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। 

इसे भी पढ़ें : ये हैं किडनी का साइज छोटा होने के कारण और लक्षण, जानें कितना होता है किडनी का नॉर्मल साइज

2. नींद की समस्या

आपको ये जान कर हैरानी हो सकती है आपके पेट की सेहत नींद की सेहत से जुड़ा हुआ हो सकता है। जी हां, वो ऐसे कि जब खाना सही से नहीं पचता तो ये आपके ब्रेन सिग्नल्स को शांत होने नहीं देता। पेट और ब्रेन दोनों आस-पास में बातचीत करते रहते हैं जिससे आपको नींद नहीं आएगी और दूसरी समस्याएं बढ़ने लगेंगी। इसके अलावा एक कारण ये भी है कि अगर गुड बैक्टीरिया आपके खाने को सही से नहीं पचा पाएगा, तो शरीर को एनर्जी नहीं मिल पाएगी और फिर आपका ब्रेन बार-बार एनर्जी की कमी का संकेत देगा। नींद ना पूरी होने से आपको अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। 

3. त्वचा पर चकत्ते और एलर्जी

आपने कई बार सुना होगा कि अगर आपका पेट सही नहीं है तो आपके चेहरे पर उसका असर नजर आने लगता है। ऐसा ही कुछ गुड बैक्टीरिया की कमी से भी जुड़ा हुआ है। दरअसल, जब आपके शरीर में गुड बैक्टीरिया कि कमी होती है, तो आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। इसके अलावा आपके शरीर की सेंसिटिविटी बढ़ने लगती है और ऐसे में आसानी से आप एलर्जी और इंफेक्शन के शिकार हो सकते हैं। शरीर में पर्याप्त मात्रा में गुड बैक्टीरिया नहीं होने से आपकी त्वचा पर आसानी से चक्कते और एलर्जी निकल सकते हैं।

Inside_skinissues

4. मीठा खाने की इच्छा

मीठा खाने की ज्यादा इच्छा हो रही है तो ये एक क्रेविंग है जो तब बढ़ता है जब आपका पेट खाना पचाने में असफल रहता है। या फिर आपका मेटाबोलिज्म कमजोर होता है जिससे आपको बार-बार भूख लगती है और अलग-अलग प्रकार के क्रेविंग होते हैं। ये गुड बैक्टीरिया की कमी के कारण भी हो सकते हैं क्योंकि इससे मेटाबोलिज्म कमजोर होता है और क्रेविंग बढ़ती है। 

इसे भी पढ़ें : खसरा रोग से बचाव के लिए जरूरी हैं ये 5 पोषक तत्‍व, जानें कैसे दूर करते हैं इंफेक्शन का खतरा

5. थकान या सुस्ती

गुड बैक्टीरिया की कमी के कारण शरीर खाना सही से नहीं पचा पाता है और ना ही अपनी एनर्जी का सही प्रकार से इस्तेमाल कर पाता है। इसी वजह से शरीर को थकान और सुस्ती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

गट बैक्टीरिया को कैसे बढ़ाएं? 

  • -अनावश्यक एंटीबायोटिक्स लेने से बचें। एंटीबायोटिक्स शरीर में अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया को कम कर सकते हैं।
  • -प्रोबायोटिक्स से भरपूर फूड्स खाएं जैसे कि सादा दही, केफिर, कोम्बुचा और किमची। 
  • -सब्जियों और फलों का ज्यादा सेवन करें। 

इन तीनों के अलावा आप ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें और प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचें। साथ ही कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा नेचुरल चीजों का सेवन करें और हेल्दी रहें।

all images credit: freepik

Disclaimer