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ये हैं किडनी का साइज छोटा होने के कारण और लक्षण, जानें कितना होता है किडनी का नॉर्मल साइज

Small Size Kidney in Hindi: कई लोगों की किडनी का साइज सामान्य से छोटा होता है। इस दौरान व्यक्ति में कई लक्षण नजर आ सकते हैं। जानें किडनी का साइज छोटा होने के कारण-

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Small Size Kidney in Hindi: किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। जब किडनी स्वस्थ रहती है, तो हम भी स्वस्थ महसूस करते हैं। किडनी शरीर से यूरीन के माध्यम से अपशिष्ट और तरल पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करती है। इसके अलावा किडनी शरीर में सोडियम, पोटैशियम और एसिड की मात्रा को भी नियंत्रित करती है। किडनी में थोड़ी सी भी गड़बड़ी स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। कई लोगों को किडनी का साइज छोटा होने की समस्या रहती है, इस स्थिति में व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। इस समस्या को मेडिकल टर्म में किडनी एट्रोफी कहा जाता है। चलिए अल्टियस अस्पताल, बेंगलुरु के कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर दर्शन आर (Dr. Darshana R, Consultant Internal Medicine, Altius Hospital, Bengaluru) से जानते हैं किडनी का साइज छोटा होने के लक्षण, कारण। साथ ही किडनी का नॉर्मल साइज कितना होना चाहिए, यह भी जानें।

किडनी एट्रोफी क्या है? (Kidney Atrophy Meaning)

किडनी एट्रोफी का मतलब है किडनी का साइज सामान्य से छोटा (Kidney Atrophy Meaning) हो जाना। यह तब हो सकता है, जब किडनी का वह हिस्सा जन्म से ही विकसित नहीं होता है। इसे जन्मजात समस्या भी कहा जाता है।

kidney pain

किडनी का साइज छोटा होने के लक्षण (Kidney Small Size Symptoms)

किडनी का साइज छोटा होने की स्थिति में आपको कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। इसमें यूरिन पास करते समय दर्द होना, पेट में दर्द, कमर में दर्द होना, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना, त्वचा में खुजली होना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसके साथ किडनी, मांसपेशियों में ऐंठन, हाथों और पैरों में सूजन (Kidney Small Size Symptoms) भी पैदा हो सकती है। इतना ही नहीं कुछ स्थितियों में जब किडनी धीमा कार्य करती है, तो हो सकता है कि आपको कोई लक्षण नजर न आए। ऐसे में आपको अपनी नियमित जांच करवाते रहना चाहिए।

किडनी का साइज छोटा होने के कारण (Small Kidney Size Causes in Hindi)

किडनी की क्षति अचानक शुरू हो सकती है। जब किडनी विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आती है या जब किडनी में अपर्याप्त रक्त प्रवाह के कारण किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। जानें किडनी का साइज छोटा होने के कारण-

1. अवरुद्ध किडनी धमनी (Blocked kidney artery)

इस स्थिति में किडनी को रक्त की आपूर्ति करने वाली मुख्य धमनियों में अवरुद्ध पैदा होने लगता है। ये वसायुक्त जमा या रक्त के थक्कों के साथ धमनियों के सख्त होने के कारण हो सकता है।

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2. यूरिनरी ट्रैक्ट में अवरुद्ध (Blocked urinary tract)

 जब यूरिनरी ट्रैक्ट में अवरुद्ध होता है, तो इससे किडनी पर दबाव पड़ता है और नेफ्रोन को नुकसान पहुंचता है।

3. किडनी की पथरी (Kidney Stones)

किडनी की पथरी भी किडनी के साइज छोटा होने का कारण हो सकता है। यह किडनी के कार्य में रुकावट पैदा कर सकता है। इसे तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

4. किडनी इंफेक्शन ( Kidney Infections)

लंबे समय तक किडनी में इंफेक्शन या संक्रमण रहने की वजह से भी किडनी का साइज छोटा हो सकता है। खासकर क्रोनिक पाइलोनफ्राइटिस संक्रमण की स्थिति में किडनी का कार्य प्रभावित हो सकता है।

5. क्रोनिक किडनी रोग (Chronic Kidney Diseases)

क्रोनिक किडनी रोग भी किडनी के छोटे साइज का कारण बन सकता है। क्रोनिक ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, क्रोनिक इंटरस्टिशियल नेफ्रैटिस मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, सिकल सेल रोग, एथेरोस्क्लेरोसिस, ऑटोइम्यून रोग आदि किडनी को प्रभावित कर सकते हैं। 

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किडनी का नॉर्मल साइज कितना होता है? (Normal Size of Kidney in CM)

डॉक्टर दर्शन आर बताते हैं कि किडनी निचली रीढ़ के दोनों तरह स्थिति होते हैं। बाईं किडनी आमतौर पर थोडी बड़ी होती है यानी दाईं किडनी से थोड़ी ऊंची होती है। किडनी का औसत आकार 10-12 सेमी के बराबर होता है। एट्रोफिक किडनी वह होती है, जो असामान्य कार्य के साथ सिकुड़ गई हो। इसे रेनल एट्रोफि (renal atrophy) के रूप में भी जाना जाता है। लेकिन यह रेनल हाइपोप्लासिया (renal hypoplasia) से अलग होता है। रेनल हाइपोप्लासिया वह स्थिति होती है, जिसमें जन्म के समय किडनी का विकास छोटा होता है। रेन हाइपोप्लासिया को इलाज की जरूरत नहीं होती है।

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Anju Rawat

Anju Rawat

Chief Sub Editor

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही अंजू रावत को प्रिंट मीडिया में 3 साल का अनुभव है। अंजू को हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 5 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। अंजू ने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की है।

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    Mar 16, 2022 09:30 IST

    Published By : Anju Rawat

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