हमेशा फोन में लगे रहने की आदत आपको बना सकती है 'Phubbing' का शिकार, जानें इसके बारे में

स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस्तेमाल की लत को फबिंग कहा जाता है, यह एक ऐसी लत है जिसकी वजह से आपके जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 27, 2021
हमेशा फोन में लगे रहने की आदत आपको बना सकती है 'Phubbing' का शिकार, जानें इसके बारे में

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गया है, इंटरनेट और मोबाइल के बिना जिंदगी अधूरी हो जाती है। कोरोना काल ने तो रिश्ते-नाते और दोस्ती यारी को भी मोबाइल फोन और इंटरनेट के सहारे निभाने के लिए मजबूर कर दिया है। जो स्मार्टफोन आपके जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, क्या आप जानते हैं वही मोबाइल फोन आपको मानसिक और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के करीब ले जा सकता है? आपने अक्सर ऐसे लोगों को देखा होगा जो किसी के साथ बातचीत करते हुए या लोगों के बीच में रहने के बावजूद बार-बार अपना फोन चेक करते रहते हैं। बार-बार फोन चेक करने की इस आदत को फबिंग (Phubbing) कहा जाता है। यह मोबाइल फोन के एडिक्शन से जुड़ा शब्द है। चूंकि आज के दौर में हम सब अपनी डिजिटल इमेज के प्रति ज्यादा जाकरूक हो गए हैं और यह फबिंग का सबसे बड़ा कारण बन गया है। आइये विस्तार से जानते हैं फबिंग के बारे में।

फबिंग क्या है? (What is Phubbing?)

what-is-phubbing

फबिंग एक ऐसा शब्द है जो स्मार्टफोन की लत से जुड़ा है। यह शब्द फोन (Phone) और स्नबिंग (Snubbing) से मिलकर बना है। जो लोग दोस्तों, परिवार और समाज में लोगों के बीच बैठकर फोन में ज्यादा ध्यान देते हैं, यह शब्द ऐसे लोगों के लिए है। स्मार्टफोन के इस्तेमाल और फबिंग को लेकर की गयी एक स्टडी के मुताबिक लगभग 32 प्रतिशत लोग दिन में कम से कम तीन से चार बार लोगों के बीच फबिंग करते हैं। फबिंग का नकारात्मक प्रभाव आपके सामजिक, पारिवारिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

लक्षण जो बताते हैं कि आप भी फबिंग के शिकार हैं (Signs of a Phubber)

signs-of-phubber

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फबिंग की वजह से आपके रिश्ते भी कमजोर हो सकते हैं। लोगों के बीच में रहकर उन्हें अनदेखा करते हुए फोन को ज्यादा महत्त्व देना आपको मानसिक रूप से भी दिक्कत दे सकता है। कुछ समय बाद यह आदत एक लत का रूप ले लेती है जिसकी वजह से आपके कामकाज और सामाजिक जीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। ये 6 लक्षण बताते हैं कि आप भी फबिंग कर रहे हैं।

1. परिवार या दोस्तों के साथ बैठकर भोजन करते स्मार्टफोन का बार-बार इस्तेमाल करना।

2.  किसी व्यक्ति के साथ बातचीत करते हुए बार-बार फोन को चेक करते रहना।

इसे भी पढ़ें : तनाव और चिड़चिड़ापन से बचने के लिए जानें एक्सपर्ट टिप्स

3. किसी भी महत्वपूर्ण बातचीत के बीच में फोन का अनावश्यक इस्तेमाल।

4. दोस्तों से बात करते समय बार-बार फोन का इस्तेमाल करना।

5. बिस्तर में ज्यादा देर रोजाना फोन का इस्तेमाल।

6. लगभग हर जगह पर फोन को अपने हाथ में रखना।

इसे भी पढ़ें : बेड के मुकाबले तख्त या चारपाई पर सोना क्यों है बेहतर

phubbing-effects

फबिंग की वजह से जीवन पर होने वाले प्रभाव (How Does Phubbing Affect Life)

फबिंग का नकारात्मक असर हमारे जीवन पर भी हो सकता है। इसकी वजह से आपकी सामाजिक क्षमता  बुरा असर पड़ता है। समाज में होते हुए भी समाज के लोगों को अनदेखा करके फोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल रिश्तों को भी कमजोर करता है। आज के दौर में लोग आमने सामने की बातचीत से ज्यादा टेक्सटिंग को महत्त्व देते हैं जो कि फबिंग का ही एक लक्षण है। फबिंग की वजह से परिवार के लोगों के बीच भी अपनेपन की कमी महसूस हो सकती है। यह लत धीरे-धीरे स्ट्रेस और तनाव जैसी मानसिक समस्याओं को जन्म देती है।

इसे भी पढ़ें : छोटे बच्चों को क्यों लग जाती है स्मार्टफोन की लत? जानें कारण और बचाव

फबिंग की वजह से मानसिक सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव (Phubbing Effects on Mental Health)

phubbing-and-mental-health

फबिंग की वजह से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य बुरा असर होता है। स्मार्टफोन की लत आपको सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों से दूर रख सकती है जिसकी वजह से आने वाले समय में व्यक्ति मानसिक समस्याओं का शिकार होता है। सामन्यतः फबिंग करने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस्तेमाल में ज्यादा ध्यान देता है जिसकी वजह से असल दुनिया से उसका नाता बेहद कम होता जाता है। आसपास घाट रही घटनाओं और लोगों के बारे में ऐसे लोगों की रूचि भी कम होती है। फबिंग के शिकार व्यक्तियों में ये मानसिक समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

फबिंग से कैसे बचें? (How to Avoid Phubbing)

how-to-stop-phubbing

फबिंग के शिकार लोगों को सोशल मीडिया, इंटरनेट और फोन के इस्तेमाल की लत को छोड़ने में दिक्कत आती है। लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो आपके इस लत को कम करने में उपयोगी हो सकती हैं।

1. भोजन के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचना चाहिए। भोजन करने के दौरान आप लोगों से बातचीत करें, उनके खाने की क्वालिटी के बारे में पूछें। भोजन के वक्त लोगों से ईमानदारी से जुड़ने का प्रयास करें। 

2. फोन के कम इस्तेमाल की आदत को धीरे-धीरे अपनाने की कोशिश करें। इसे एक चैलेंज के रूप में लेकर पूरा करें। कम से कम लोगों के बीच बातचीत के दौरान या किसी महत्वपूर्ण काम के बीच में फोन से दूरी बनाएं।

3. जब आप परिवार, दोस्त या रिश्तेदारों के साथ हों तो उनके साथ समय बिताने की कोशिश करें। ऐसे वक्त में फोन को दूर रखें, इसके इस्तेमाल से बचें। ऐसा करने से आप खुद में अच्छा बदलाव भी देख पाएंगे।

4. हर वक्त फोन को चेक करते रहने के बजाय एक समय सेट करें और उतने समय के बाद ही फोन का इस्तेमाल करें। सामाजिकता बढ़ाने के लिए लोगों के बीच समय दें। आसपास की घटनाओं पर नजर बनायें और लोगों से घुलने-मिलने का प्रयास करें।

5. अपने फोन के नोटिफिकेशन को म्यूट या पर्सनलाइज करने की कोशिश करें, खासकर जब आप परिवार या दोस्तों के साथ हैं तो नोटिफिकेशन को ऑफ रखें। यह आपके स्मार्टफोन के एडिक्शन को कम करने में मदद करेगा।

इसे भी पढ़ें : अपने डेली रूटीन में शामिल करें ये 8 आदतें, माइंड और बॉडी दोनों रहेंगे हेल्दी और एनर्जी से भरपूर

फबिंग को रोकने के लिए आपको अपने फोन का इस्तेमाल एकदम से बंद करने की जरूरत नहीं है।  आपको सिर्फ इसके प्रति थोड़ा जागरूक होना है। जब आप अपने दोस्त, परिवार या अन्य लोगों के साथ हों तो फोन के इस्तेमाल को सीमित कर लोगों के बीच में अधिक समय देने का प्रयास करें। फबिंग एक व्यावहारिक समस्या है जिसे खुद पर नियंत्रण रखकर कम किया जा सकता है। इसके सिर्फ आपको अपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत होगी। हमें उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी। अगर आप इस विषय से जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहते हैं तो अपना सवाल कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें भेज सकते हैं। हम आपके सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।

Read More Articles on Mind Body in Hindi

Disclaimer