भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियां बढ़ा सकती है आपकी आयु, जानें क्या कहता है रिसर्च

अगर आप लंबे समय तक जीवित रहना चाहते हैं, तो आज से ही थोड़ा ही सही दौड़ने-भागने जैसी शारीरिक गतिविधियों को करना शुरू करें। इस तरह आप कुछ ही समय में अपने शरीर के हर सिस्टम जैसे दिल, गुर्दा और फेफड़े आदि को पहले से बेहतर काम करता हुआ पाएंगे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Nov 18, 2019
भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियां बढ़ा सकती है आपकी आयु, जानें क्या कहता है रिसर्च

भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियां हमें कई बीमारियों से बचा सकती है और इस तरह ये धीरे-धीरे हमारी जीवन प्रत्याशा बढ़ाने में मदद करती है। दरअसल ये बात हम नहीं हाल ही में आए में शोध से पता चली है। हाल ही के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग जीवनभर भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं, वो एक लंबी आयु तक जीते हैं। ब्रिटिश जर्नल स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग रोज लगभग आधे घंटे तक रनिंग करते हैं, उनमें हृदय से जुड़ी बीमारियां 30 प्रतिशत तक कम होती हैं। वहीं ऐसे लोगों में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने की संभावनाएं भी 23 प्रतिशत तक कम पाई गई हैं।

Inside_running for long life

'ब्रिटिश जर्नल स्पोर्ट्स मेडिसिन' में प्रकाशित इस रिपोर्ट में कुछ शोधकर्ताओं ने रनिंग और डेथ रेट को जाड़ते हुए कुल 14 अध्ययन किए। फिर इन अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें कुल 232,149 लोग शामिल थे। इस विश्लेषण के दौरान वैज्ञानिकों इन लोगों के साढ़े पांच की उम्र से लेकर 35 वर्ष कर की आयु तक का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि, इस अवधि के दौरान मरने वाले 25,951 व्यक्तियों में, जो नियमित रूप से भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियां करते थे, उनमें किसी भी करह के खतरनाक बीमारियों से मृत्यु का जोखिम 27 प्रतिशत तक कम था। इसके अलावा जो लोग बिलकुल भी नहीं चलते थे, उनमें कई खतरनाक बीमारियों के होने की संभावना पाई गई।

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शोध में पुरुषों और महिलाओं दोनों के बीच तुलना करके इसका अध्ययन किया गया और पाया गया कि महिलाएं इस काम में पीछे रही हैं। वहीं ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित पेपर का एक निष्कर्ष ये भी है कि सप्ताह में केवल एक बार चलने वाली कोई भी शारीरिक क्रिया दौड़ने से बेहतर है। शोध में कह गया है कि यहां तक कि चलने की छोटी खुराक शरीर के लिए एक रामबाण इलाज है। अध्ययन में ये भी कहा गया है चलने से की थोड़ी सी कोशिश और भागने-दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधियां लोगों के स्वास्थ्य और दीर्घायु होने में काफी सुधार ला सकती है।

वहीं इस डेटा में कई सारी कमियां भी हैं। ये शोध इस बात का पूरी तरह से प्रमाणित नहीं कर पाया है कि इस तरह के शारीरिक गतिविधियों को करने से हम पूरी तरह से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से भी बच पाएंगे। ऐसा इसवलिए क्योंकि पूरा विश्व इस समय जलवायु परिवर्तन जैसी कई बड़ी मुश्किलों से सामना कर रहा है। जलवायु परिवर्लन के कारण भारत समेट पूरे विश्व में कई नई बीमारियां फैल रही हैं। इस बात का ख्याल रखते हुए रिपोर्ट कहता है कि आज जलवायु परिवर्तन से बचना एक सबसे अहम और जरूरी काम है। अगर इसे नहीं किया गया तो तो पूरी मानव सभ्यता स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करती रहेगी।

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शोधकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि दौड़ से दीर्घायु होने के बीच देखे गए संबंधों के संभावित कारणों के बारे में अभी भी पूरी करह से कुछ भी नहीं कह जा सकता। पर ये लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में मददगार साबित हो सकती है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए दौड़ने-भागने जैसी शारीरिक गतिविधियां एक कारगर उपाय साबित हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दौड़-भाग या रनिंग आपके ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और इससे आपका बॉडी ठीक तरह से काम कर पाता है। इसके अलावा इस तरह के किसी भी शारीरिक गतिविधियां आपको भविष्य में डायबिटीज, लंग्स से जुड़ी परेशानियां, लीवर और गुर्दे आदि की गंभीर बीमारियों से बचा सकती है। 

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