प्रेगनेंसी के दौरान हर समय रहने वाली थकान (Pregnancy Fatigue) को दूर करने में बहुत काम आएंगी ये 4 टिप्स

प्रेगनेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलावों और नींद ठीक से पूरी न होने के कारण थकान और आलस की समस्या बढ़ जाती है। जानें इससे निपटने के 4 तरीके।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Oct 05, 2020
प्रेगनेंसी के दौरान हर समय रहने वाली थकान (Pregnancy Fatigue) को दूर करने में बहुत काम आएंगी ये 4 टिप्स

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उनमें मॉर्निंग सिकनेस, चिड़चिड़ापन, पैरों में सूजन आदि के साथ-साथ थकान भी एक बड़ी समस्या है। प्रेगनेंसी के दौरान भारी थकान की समस्या को प्रेगनेंसी फटीग (Pregnancy Fatigue) कहा जाता है। इस दौरान महिला को महसूस होता है कि उसके शरीर में कोई शक्ति नहीं रह गई है और वो हर समय लेटे रहना चाहती है। ये एक प्राकृतिक व्यवस्था है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला के लिए आराम जरूरी है। लेकिन अगर इस थकान के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी आने लगे या स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगे, तो ये गलत बात है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली थकान को दूर करने के लिए हम आपको कुछ बेहद आसान और प्राकृतिक तरीके बता रहे हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

deal with pregnancy fatigue

क्यों होती है प्रेगनेंसी में थकान

गर्भवास्था के दौरान जब शिशु गर्भ में पल रहा होता है, तो आमतौर पर मां के लिए अच्छी नींद सोना मुश्किल हो जाता है। थकान की एक बड़ी वजह यह है कि पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती है। कुछ सामान्य समस्याओं जैसे- करवट लेते समय भारीपन महसूस होना, बार-बार पेशाब के लिए उठना आदि कारणों से भी नींद पूरी नहीं हो पाती है। थकान का दूसरा सबसे बड़ा कारण है शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव। इन कारणों से भी महिला को दिन के समय थकान महसूस होती है। महिलाएं इस तरह की थकान से निपटने के लिए कुछ तरीके अपना सकती हैं।

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बैलेंस डाइट लें

प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपने खानपान में पौष्टिक चीजों को ज्यादा शामिल करना चाहिए, ताकि दिनभर शरीर में एनर्जी का लेवल बना रहे। थकान हार्मोनल कारणों से होती है, लेकिन यदि शरीर में प्रोटीन, आयरन या कैलोरीज की कमी है, तो थकान से होने वाली समस्या बढ़ सकती है। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट में ज्यादा से ज्यादा फलों और सब्जियों को शामिल करें क्योंकि इनमें पोषक तत्व भी होते हैं और फाइबर भी होता है, जो एनर्जी को धीरे-धीरे रिलीज करने में सहायक होता है। इसके अलावा ध्यान रखें कि पानी खूब पिएं। पानी से शरीर हाइड्रेट रहता है और एनर्जी बनी रहती है।

सोने के लिए शांत माहौल तैयार करें

प्रेगनेंसी के दौरान हर रात 9-10 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। मगर अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान सोने के लिए उपयुक्त माहौल बनाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि रात में सोने से कम से कम एक-डेढ़ घंटे पहले ही जितना पानी पीना है पी लें और सोने से थोड़ी देर पहले पेशाब कर लें, ताकि पेशाब करने के लिए रात में उठना न पड़े। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान सोने के लिए खास स्लीपिंग पिलो आते हैं, जो मार्केट में आसानी से मिल सकते हैं। इनका प्रयोग करने से भी नींद अच्छी आती है। हवा और कमरे का तापमान ठीक रखकर भी अच्छी, गहरी और पर्याप्त नहीं ली जा सकती है। अगर रात में नींद न पूरी हो, तो दोपहर में आधा-एक घंटा सो लेने में कोई खास समस्या नहीं है।

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एक्सरसाइज करने से मिलता है फायदा

प्रेगनेंसी के दौरान भारी वजन उठाना, फास्ट एक्सरसाइज करना और बहुत तेज गति से होने वाली गतिविधियां करना सही नहीं है। लेकिन गर्भावस्था में कार्डियो, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना और फिजिकल एक्टिविटीज करते रहना भी बहुत जरूरी है। अगर आप कुछ नहीं कर सकती हैं, तो हर रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें, टहलें या योगासन आदि करें। इससे आप ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करेंगी और आपको थकान की समस्या नहीं होगी।

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टाइमिंग निर्धारित रखें

प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं का शिड्यूल या टाइम टेबल बिगड़ जाता है, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आपके पास करने के लिए ज्यादा काम नहीं भी है, तो अपने आपको दिन भर किसी न किसी काम में बिजी रखें, ताकि रात में सही समय से आपको तुरंत नींद आ जाए। अपने सोने, काम करने, खाने-पीने के समय का निर्धारण करें। रात में सोने से 1 घंटे पहले ही टीवी, मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप आदि का प्रयोग बंद कर दें।

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