प्रेगनेंसी पिलो (मैटरनिटी तकिया) गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों फायदेमंद होता है? जानें प्रयोग का तरीका

प्रेग्नेंसी पिलो महिलाओं के घुटने, पैर, कमर, हिप आदि के दर्द की समस्या को दूर करता है। इसके इस्तेमाल से उन्हें नींद अच्छी आती है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 02, 2021Updated at: Jul 02, 2021
प्रेगनेंसी पिलो (मैटरनिटी तकिया) गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों फायदेमंद होता है? जानें प्रयोग का तरीका

प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय होता है जब महिला को विशेष आराम की जरूरत पड़ती है। इस दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को नींद न आने की समस्या, पेट में दर्द, पैर में दर्द या सूजन आदि शिकायतें होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि उसको नींद बेहतर तरीके से आए। अगर महिला को ठीक से नींद नहीं आती है तो शिशु को भी नुकसान पहुंच सकता है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए महिलाओ को प्रेगनेंसी पिलो (तकिया) की जरूरत पड़ती है। प्रेगनेंसी में अगर महिला ठीक से सोएगी, अच्छे से आराम करेगी तो उससे शिशु भी स्वस्थ रहेगा। आज के इस लेख में हम मदरहुड अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा रंजन से जानेंगे कि प्रेगनेंसी पिलो क्या है, इसकी जरूरत कब पड़ती और इसके फायदे क्या हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं। 

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प्रेगनेंसी पिलो क्या है?

कई लोगों को प्रेग्नेंसी पिलो के बारे में नहीं मालूम होता है। तो आपको बता दें कि प्रेग्नेंसी पिलो एक तरह का तकिया होता है। यह ऐसा विशेष तकिया होता है जो प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए होता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को सोने में अधिक दिक्कत होती है। इसलिए इस तकिया को ऐसे बनाया गया है जिससे उन्हें सोने में दिक्कत न हो। यह तकिया सामान्य से लंबा होता है। इस तकिया से गर्भवती महिलाओं को सही सपोर्ट मिलता है।

प्रेगनेंसी पिलो की जरूरत कब पड़ती है?

अक्सर लोगों का सवाल होता है कि इस प्रेग्नेंसी पिलो को कब से शुरू करना चाहिए। इस सवाल के जवाब में डॉ. मनीषा का कहना है कि प्रेग्नेंसी पिलो की जरूरत प्रेगनेंसी के 16 से 20वें हफ्ते में पड़ती है। क्योंकि इस समय तक महिलाओं का पेट बढ़ने लगता है। यूटरस का सपोर्ट लूज हो जाता है। जिस वजह से लेटने में दिक्कत होती है, इसलिए प्रेग्नेंसी पिलो की जरूरत पड़ती है। तो वहीं, इस समय तक पैरों में दर्द, लेटने में असहजता, वजन का बढ़ना आदि परेशानियां शुरू हो जाती हैं, इसलिए भी प्रेग्नेंसी पिलो की जरूरत पड़ती है। डॉ. मनीषा का कहना है कि  20वें हफ्ते के बाद से लेकर जब तक डिलीवरी हो नहीं जाती तक तक इस प्रेग्नेंसी पिलो का इस्तेमाल किया जाता है। 

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प्रेगनेंसी पिलो इस्तेमाल करने के फायदे

प्रेग्नेंसी पिलो को इस्तेमाल करने के निम्न फायदे हैं-

गर्भाशय को सपोर्ट

प्रेगनेंसी के दौरान यूटरस का साइज बढ़ता है जिसकी वजह से वह से शिशु को मूव करने का स्पेस मिलता है। शिशु की मूवमेंट से भी मां की नींद खराब होती है। इसलिए यूटरस को सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। यह सपोर्ट प्रेगनेसी पिलो से दिया जा सकता है। प्रेगनेंसी वैज पिलो यूटरस के लिए अधिक फायदेमंद हो सकता है। इसका साइज छोटा होता है, पर गर्भवती महिला के यूटरस को सपोर्ट में देने में कारगर है। इसलिए प्रेग्नेंट महिला को नींद अच्छे से आती है। गर्भावस्था में पिलो का सही उपयोग सही लाभ देता है।

बेहतर नींद दे

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में सबसे कॉमन शिकायत होती है नींद न आने की। उन्हें रात में ठीक से नहीं नहीं आती क्योंकि शिशु की मूवमेंट से मां के पेट पर दबाव बढ़ता और मांसपेशियों में दर्द होता है। इस वजह से बीच-बीच में मां की आंख खुल जाती है। नींद पूरी न होने से महिलाएं चिड़चिड़ी भी हो जाती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी पिलो लाभदायक है। प्रेग्नेंसी पिलो इतना मुलायम होता है कि मां जब सोती है तो उसे दर्द का एहसास भी नहीं होता। इस तरह प्रेग्नेंसी बेहतर नींद के लिए जरूरी है। 

शरीर के दर्द में दे आराम

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ने से शरीर में दर्द होने लगता है। इस समय पैरों में दर्द, सूजन आदि परेशानियां होती हैं। पैरों में सूजन अक्सर होती है। ऐसे में जब वे चलती हैं, तो चुभन महसूस होती है। नींद भी ठीक से नहीं आती। मैटरनिटी पिलो का इस्तेमाल करने से दर्द में भी आराम मिलता है। जब महिलाओं को नींद अच्छी आएगी तो उनका शरीर और मन स्वस्थ रहेगा।

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ब्लड सर्कुलेशन को रखे ठीक

प्रेग्नेंसी पिलो ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में भी मददगार है। प्रेग्नेंसी में पिलो का इस्तेमाल करने से पेट में रक्त का संचार बेहतर तरीके से होता है। अगर गर्भवती महिलाओ  प्रोन पोजीशन में सोती है पेट में रक्त का संचार ठीक होगा। इसलिए प्रेग्नेंसी पिलो के साथ सोना गर्भवती महिलाएं के लिए फायदेमंद है। फुल लेंथ प्रेग्नेंसी पिलो को हग करके सोने से वह पैर और पेट सुविधा होती है। 

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मैटरनिटी पिलो खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान

मुलायम

प्रेग्नेंसी पिलो खरीदते समय ध्यान रखना चाहिए कि पिलो मुलायम हो। तकिया के ऊपर जो कपड़ा है वह सख्त न हो। न ही ऐसा हो जिससे महिला की स्किन छिल जाए। इसलिए मैटरनिटी पिलो खरीदते समय ध्यान दें कि तकिया इतना मुलायम हो जितना कि मखमल। जब मां सोए तो उसे एहसास हो जैसे वो किसी खास जगह पर है।

अपनी लंबाई के अनुसार लें तकिया

आजकल बाजार में फुल लेथ पिलो, टोटल बॉडी पिलो और प्रेग्नेंसी वैज पिलो जैसी तकिया आ रही हैं। आप अपनी जरूरत के अनुसार तकिया लें। आपकी हाइट जैसी है वैसी तकिया लें। अगर आप छोटे कद के हैं तो छोटी तकिया लें और लंबे हैं तो बड़ी तकिया लें। इस प्रकार मैटरनिटी पिलो का चुनाव करने से आप अपनी जरूरत के अनुसार पिलो खरीदेंगे।

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यूटरस के कर्व के अनुसार देखें पिलो

आपके यूटरस का साइज कितना है उसकी कर्व के अनुसार मैटरनिटी पिलो देखें। इससे पिलो को सही सपोर्ट मिलेगा। प्रेगनेंसी पिलो ऐसी देखें जिससे हिप, पेट, घुटने आदि को सही सपोर्ट मिले।  पिलो लेने के बाद उसे पीठ और पेट के सहारे रख कर सो सकते हैं। प्रेग्नेंसी वेड्स पिलो ऐसा ही तकिया है जो पेट और पीठ को सहारा देता है।  

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तकिए के अंदर भरे हुए सामान के बारे में जान लें

प्रेग्नेंसी पिलो खरीदते समय ध्यान दें कि पिलो के अंदर किस तरह का मटीरियल भरा है। कई बार इतना सख्त मटीरियल होता है कि महिलाओं को नींद नहीं आती है। तकिया सख्त होने की वजह से शरीर अकड़ आता है। इसलिए मैटरनिटी पिलो खरीदते समय ध्यान दें कि उसके अंदर जो चीजें भरी हैं वे ज्यादा सख्त न हों। हालांकि इस तरह से हों कि प्रेगनेंट महिला के सोने से उससे उसे तकलीफ न हो। 

प्रेग्नेंसी पिलो का प्रयोग करने से महिला को नींद अच्छी आती है। वह तनाव से दूर रहती है। अगर उसकी नींद पूरी नहीं होगी तो इसका असर बच्चे पर पड़ेगा। मैटरनिटी पिलो महिलाओं के घुटने, पैर, कमर, हिप आदि के दर्द की समस्या भी दूर करता है। इसलिए सही प्रेग्नेंसी पिलो का चुनाव करना जरूरी है। 

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