पहाड़ी पौधे “पियारांगा” की जड़ में होते हैं कई औषधीय गुण, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके फायदे और प्रयोग

पियारांगा का पौधा पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे ममीरा के नाम से भी जाना जाता है। इस पौधे में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। जानें इसके फायदे

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 08, 2021Updated at: Apr 08, 2021
पहाड़ी पौधे “पियारांगा” की जड़ में होते हैं कई औषधीय गुण, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके फायदे और प्रयोग

अगर आप पहाड़ी इलाकों में रहते हैं या वहां के निवासी हैं तो आपने पियारांगा या पीलाजड़ी (piyaraanga ya pilajadi) का नाम जरूर सुना होगा। इसके जड़ में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में पियारांगा के जड़ (Root of Piyaraanga) को स्वास्थ्यवर्द्धक और औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। इस पौधे की जड़ का इस्तेमाल आयुर्वेद में औषधि के रूप में किया जाता है। इसकी जड़ दुर्गंध रहित (odorless) और पीले रंग (Yellow Color) की होती है। यह कफ और वात रोगों का शमन करता है। इसका वानस्पतिक नाम थैलिक्ट्रम फोलियोलोसम (Thalictrum Foliolosum) है। यह पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। वहां इसे ममीरी, पिंजरी और पीतरांगा के नाम से भी जाना जाता है। उत्तराखंड में इसे बारमत (Barmat) और पीलाजड़ी कहा जाता है। पंचकर्म आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, प्रशांत विहार, दिल्ली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पराशर बता रहे हैं पहाड़ी पौधे पियारांगा के जड़ के स्वास्थ्य लाभ और इसके प्रयोग का तरीका-

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पियारांगा के फायदे (Health Benefits of Piyaraanga)

बवासीर में फायदेमंद है पियारांगा की जड़ (Beneficial in Piles)

आजकल हर दूसरा व्यक्ति बवासीर की समस्या से पीड़ित है। इसका कारण है गलत खानपान और जीवनशैली (Lifestyle)। अकसर लोग खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से पेट में गैस, कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं। लंबे समय तक कब्ज की समस्या होने पर यह बवासीर का रूप ले लेता है। बवासीर एक पीड़ादायक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पियारांगा की जड़ को लाभकारी माना जाता है। यह बवासीर की समस्या को ठीक करने में सहायक माना जाता है। आयुर्वेद में बवासीर होने पर इसके जड़ के लेप को बवासीर पर लगाने की सलाह दी जाती है। इससे मरीज को फायदा मिलता है। इसके साथ ही बवासीर होने पर आपको अपने खानपान का भी ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान आपको हल्का भोजन लेना चाहिए और ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए। 

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वात रोगों को दूर करे (Good for Vaat Rog)

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आजकल महिला हो या पुरूष दोनों में वात रोगों की शिकायत बढ़ती जा रही हैं। ज्यादातर महिलाएं जोड़ों में दर्द, कमजोरी महसूस करना जैसी शिकायते करती हैं। ऐसे में पियारांगा चूर्ण का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। आयुर्वेद में पियारांगा या पीलाजड़ी के जड़ के चूर्ण को वात रोगों को ठीक करने के लिए असरकारी बताया गया है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने, जोड़ों के दर्द को ठीक करने में सहायक होता है। इस चूर्ण का सेवन करने से आप अपने वात रोगों को ठीक कर सकते हैं। अगर आप भी वात रोग से परेशान हैं तो इस दौरान आपको ठंडी चीजें खाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके भी इस रोग को ठीक कर सकते हैं।

सूजन दूर करने में मददगार (Helpful in Inflammation)

पियारांगा का इस्तेमाल सूजन को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से सूजन में आराम मिलता है और यह समस्या ठीक हो सकती है। इसके लिए आप पियारांगा के जड़ को उबालकर पीस लें। इसमें नमक मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से सूजन कम हो सकती है। इसके साथ ही आप चाहें तो इसका काढ़ा भी पी सकते हैं। इसका काढ़ा पीने से भी सूजन दूर हो सकती है।

कफ रोगों का शमन करता है पियारांगा का जड़ (Beneficial in Cough Rog)

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पियारांगा के जड़ का चूर्ण या काढ़ा पीने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती हैं। यह शरीर में मौजूद इंफेक्शन को ठीक करने में मददगार होता है। इसके साथ ही इसके सेवन से सभी तरह के कफ रोगों का भी शमन किया जा सकता है। यह खांसी, बुखार को ठीक करने में सहायक होता है। बुखार आने पर गिलोय और पियारांगा के जड़ का काढ़ा पीने से बुखार में आराम मिलता है। खांसी होने पर भी आप इसका सेवन कर सकते हैं, इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।

पेट के रोगों में लाभकारी है पियारांगा (Beneficial in Stomach Diseases)

पियारांगा का जड़ पेट के रोगों को दूर करने में मदद करता है। इसके जड़ का चूर्ण खाने से पेट में जलन, गैस और अपच की समस्या ठीक होती है। इसके साथ ही यह लंबे समय से हो रही कब्ज की समस्या को भी ठीक करता है। 

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पियारांगा के अन्य फायदे (Other benefits of Piyaraanga)

  • - पियारांगा के इस्तेमाल से त्वचा रोगों को ठीक किया जा सकता है।
  • - पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद होता है।
  • - भूख न लगने पर भी इसका सेवन करना लाभकारी होता है।
  • - आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक
  • - फैटी लिवर में फायदेमंद
  • - श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारियों को ठीक करता है।

उपयोग का तरीका (Uses of Piyaraanga)

आयुर्वेद में पियारांगा के जड़ का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। मरीज को इसके जड़ का चूर्ण या काढ़ा का सेवन करने के सलाह दी जाती है। आप भी इसके सेवन से सारे स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। लेकिन अगर आपको कोई गंभीर बीमारी है या आप गर्भवती हैं तो आपको इसका सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करनी चाहिए।

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