महिलाओं में बवासीर क्यों होता है? जानें इसके 5 कारण और बचाव के उपाय

महिलाओं में बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान भी महिलाओं को बवासीर की समस्या हो सकती है।

Priya Mishra
Written by: Priya MishraUpdated at: Nov 09, 2022 17:21 IST
महिलाओं में बवासीर क्यों होता है? जानें इसके 5 कारण और बचाव के उपाय

आजकल बवासीर की समस्या से काफी आम हो गई है। इस बीमारी में मरीज के मलाशय और गुदा में सूजन आ जाती है, जिसकी वजह से मल त्यागने में दिक्क्त होती है। इसके अलावा, बवासीर में मल द्वार में जलन, खुजली और चुभन भी महसूस होती है। ज्यादातर लोग बवासीर की समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं या इसका इलाज करवाने से हिचकिचाते हैं। लेकिन, सही समय पर इलाज न करने से यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है। वैसे तो बवासीर किसी को भी हो सकता है। लेकिन, महिलाओं को इस समस्या से ज्यादा परेशानी हो सकती है। महिलाओं में बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं। गलत खानपान, खराब जीवनशैली या कब्ज बवासीर के मुख्य कारण होते हैं। इसके अलावा, महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान भी बवासीर की समस्या हो सकती है। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि महिलाओं में बवासीर किन किन कारणों से हो सकता है (Mahilaon me bawasir ke karan kya hai)  -     

महिलाओं में बवासीर के कारण (Causes Of Piles In Women In Hindi)

महिलाओं को बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं. कब्ज, फाइबर का कम सेवन या प्रेगनेंसी महिलाओं में बवासीर की समस्या के मुख्य कारण हैं. इसके अलावा, भारी वजन उठाने या कम पानी पीने के कारण भी महिलाओं को बवासीर हो सकता है. आइए जानते हैं -  

फाइबर का कम सेवन 

फाइबर का सेवन करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। यह मल को मुलायम बनाता है, जिससे मल त्यागने में आसानी होती है। जो महिलाऐं फाइबर का कम सेवन करती हैं, उन्हें बवासीर की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, ज्यादा मसालेदार या तली चीजों का सेवन करने से भी बवासीर हो सकता है। इससे बचने के लिए फाइबर युक्त चीजों का सेवन करें, जैसे फल-सब्जियां, साबुत अनाज आदि।  

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प्रेगनेंसी

कई महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान बवासीर हो सकता है। दरअसल, प्रेगनेंसी में कुछ हार्मोनल बदलावों के कारण नसें प्रभावित हो सकती हैं। इसके साथ ही, गर्भाशय में बच्चे का साइज बढ़ने से ब्लैडर पर अधिक दबाव पड़ने लगता है, जिसकी वजह से गुदा के आसपास सूजन हो सकती है। अगर आपको प्रेगनेंसी में ऐसे लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर से संपर्क करें। ये प्रेगनेंसी में बवासीर का संकेत हो सकते हैं।   

कम पानी पीना 

स्वस्थ रहने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। कम पानी पीने से कब्ज की समस्या हो सकती है, जिसकी वजह से बवासीर हो सकता है। दरअसल, कम पानी पीने से मल सूख जाता है, जिससे मल त्यागने में दिक्क्त होती है। जो महिलाऐं कम पानी पीती हैं, उनमें बवासीर की समस्या ज्यादा देखी गई है। इससे बचने के लिए खूब पानी पिएं। इसके अलावा आप पानी वाले फलों, जूस, लस्सी, नारियल पानी आदि का सेवन भी कर सकती हैं। 

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मल त्यागने में जोर लगाना

कई महिलाओं को कब्ज की शिकायत होती है, जिसकी वजह से उन्हें मल त्यागने में दिक्क्त होती है। ऐसे में, वे मल त्यागने में बहुत जोर लगाती हैं, जिसके कारण उन्हें बवासीर की समस्या हो सकती है। दरअसल, मल त्यागने के लिए बहुत जोर लगाने से गुदा खुलने लगती है और इसके अंदरूनी या बाहरी हिस्सों में गांठ जैसे बनने लगते हैं। इसकी वजह से बवासीर की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक मल त्यागने में ज्यादा जोर लगाने से बवासीर हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए मल त्यागने में जोर ना लगाएं।  

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भारी वजन उठाना 

कई बार भारी वजन उठाने की वजह से भी महिलाओं में बवासीर की समस्या हो सकती है। ज्यादा भारी वजन उठाने से ब्लैडर और पेल्विक एरिया पर दबाव पड़ता है। इसकी वजह से गुदा के आसपास के हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म और बॉवेल मूवमेंट भी प्रभावित होते हैं, जिसकी वजह से बवासीर हो सकता है। इससे बचाव के लिए महिलाओं को भारी वजन उठाने से बचना चाहिए।

इन सभी कारणों की वजह से महिलाओं में बवासीर की समस्या हो सकती है। अगर आपको गुदा के आसपास सूजन, दर्द या जलन महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

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