लोग सुबह-सुबह उठकर दूध वाली चाय पीते हैं, बच्चे दूध पीकर स्कूल जाते हैं, शिशुओं को बोतलोंं में दूध पिलाया जाता है। ऐसे में अगर आपको पता चले कि जो दूध आप पी रहे हैं वो मिलावटी है, तो कैसा लगेगा? हाल ही में दूध में मिलावट पाई गई है जिसके बाद यह सवाल मन में आता है कि पैकेट वाला दूध चुनें या टेट्रा पैक वाले दूध का सेवन करें। फूड सेफ्टी एंड स्टैडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बताया कि गुजरात के एक फैक्ट्री यूनिट में छापा मारा जहां सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया खाद, कॉस्टिक सोडा, रिफाइंड पाम, सोयाबीन ऑयल, व्हे पाउडर और स्किम्ड मिल्क पाउडर जैसी चीजों को मिलाकर दूध तैयार किया जा रहा था।
Trustified नाम के YouTube Channel ने हाल ही में अपने एक वीडियो में दावा किया गया था कि अमूल ताजा और गोल्ड मिल्क, अमूल टेट्रा पैक, मदर डेयरी दूध और कंट्री डिलाइट का दूध लैब टेस्ट में फेल हो गया। अमूल दूध में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया एफएसएसएआई की सुरक्षित मात्रा से ज्यादा पाए गए। मदर डेयरी मिल्क और कंट्री डिलाइट टोटल प्लेट काउंट की सेफ लिमिट तय सीमा से ज्यादा निकली। ऐसी खबरें पढ़कर मन में सवाल आता है कि पैकेट वाले दूध को पिएंं या टेट्रा पैक वाले दूध का सेवन करें? दोनों में से ज्यादा हेल्दी विकल्प क्या है? इस सवाल का जवाब आगे एक्सपर्ट से जानेंगे। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
#Gujarat A major joint raid in Himatnagar, Gujarat, has shut down a dairy unit producing milk from Urea and Palm Oil. The raid was conducted by Food Safety Dept. Gujarat. Investigation into the supply chain is underway. #FSSAIAction #FSSAIinStates #FSSAIAction pic.twitter.com/YIIFaHn1jT
— FSSAI (@fssaiindia) February 8, 2026
पैकेट वाले दूध और टेट्रा पैक वाले दूध में अंंतर- Difference Between Packet Milk And Tetra Pack Milk

- टेट्रा पैक वाले दूध को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए बनाया जाता है। वहीं दूसरी ओर पैकेट वाले दूध की शेल्फ लाइफ एक से तीन दिन के बीच होती है।
- पोषक तत्वों की बात करें, तो दोनोंं में ही प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन टेट्रा पैक में यूएचटी प्रोसेसिंग के कारण न्यूट्रिएंट्स थोड़े कम हो सकते हैं।
- स्वाद की बात करें, तो मेरे निजी अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकती हूं कि आपको टेट्रा पैक वाले दूध का स्वाद उतना पसंद नहींं आएगा, ऐसा लगेगा जैसे दूध ज्यादा पका हुआ है वहीं पैकेट वाले दूध का स्वाद ताजा लगता है और इसे ज्यादातर लोग पसंद करते हैं।
- टेट्रा पैक वाले दूध को अल्ट्रा हाई तापमान प्रोसेसिंग से गुजरना पड़ता है जिसके कारण इसके सारे बैक्टीरिया मर जाते हैं, यहां तक कि लैक्टिक एसिड भी खत्म हो जाता है जिससे दही बनता है। साथ ही इसे उबालने की जरूरत नहीं होती वहीं दूसरी ओर पाश्चुरीकृत दूध में कुछ बैक्टीरिया होते हैं जिस वजह से इसे ज्यादा समय हो जाने पर उबालने की जरूरत पड़ती है।
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किस दूध को चुनें?

Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि अगर लंबे समय तक स्टोर करने वाले विकल्प को चुनना है, तो टेट्रा पैक वाले दूध को चुनें और अगर ज्यादा ताजगी और स्वाद वाला दूध चाहिए, तो पैकेट वाले दूध को चुनें, लेकिन इसकी शेल्फ लाइफ का ध्यान रखें। पैकेट वाले दूध का स्वाद बेहतर होता है, लेकिन इसमें बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं। अगर पैकेट वाले दूध को सही तापमान और हाइजीन के साथ स्टोर करेंगे, तो रोगजनक बैक्टीरिया का काउंंट कम हो सकता है।
निष्कर्ष:
अपनी जरूरत के मुताबिक पैकेट वाला दूध या टेट्रा पैकेट वाले दूध को चुन सकते हैं। दोनों के ही पोषक तत्व लगभग समान होते हैं। पैकेट वाले दूध में न्यूट्रिएंट्स थोड़े ज्यादा होते हैं लेकिन उसकी शेल्फ लाइफ कम होती है वहीं टेट्रा पैक वाले दूध की शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है, लेकिन इसका स्वाद आपको थोड़ा अलग लग सकता है।
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Current Version
Feb 11, 2026 20:25 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 11, 2026 20:25 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha