पीरियड्स के दौरान किसका इस्‍तेमाल है ज्‍यादा सुरक्षित, पैड या टैम्पोन? जानिए

पीरियड्स के दौरान रक्‍तश्राव होना स्‍वाभाविक है। ऐसी स्थिति में महिलाएं पैड्स या टैम्‍पोन का इस्‍तेमाल करती हैं। मगर इनमें से कौन ज्‍यादा सुरक्षित है?

Atul Modi
Written by: Atul ModiUpdated at: Oct 22, 2020 15:31 IST
पीरियड्स के दौरान किसका इस्‍तेमाल है ज्‍यादा सुरक्षित, पैड या टैम्पोन? जानिए

जब भी पीरियड्स होते हैं तो महिलाओं को पैड और टैम्पोन की बहुत आवश्यकता होती है। ये दोनों ही पीरियड्स के दौरान बहाव को सोखने में सहायता करते हैं, परंतु इन दोनों की अलग-अलग विशेषताएं हैं। कुछ महिलाएं पैड और टैम्‍पोन को लेकर भ्रमित रहती हैं कि इनमें से किसका इस्‍तेमाल करना फायदेमंद है? आइए, इसे विस्‍तार से समझते हैं। 

पैड और टैम्पोन के बीच अंतर और समानताएं

यह माना जाता है कि पीरियड्स के दौरान बहाव को रोकने के लिए टैम्पोन ज्यादा बेहतर है। इस बात पर ध्यान देते हुए कि इसे वजाइना के अंदर रखा जाता है, यह आने वाले बहाव की संभावना को पैड की तुलना में कम कर देता है। हालांकि टैम्पोन को लेकर कुछ रिपोर्ट साझा हुई जिसमें इसे रोगों का कारण बताया गया। सैनिटरी पैड की तुलना में टैम्पोन इस्तेमाल कर रही महिलाओं को उस समय सावधान रहना चाहिए जब वह इसे बदल रही होती हैं। दूसरी ओर पैड इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के लिए इसका उपयोग थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

Pads-Vs-Tampon

यह बहुत ज़रुरी है कि महिलाओं को इन दोनों के इस्तेमाल के बारे पता होना चाहिए और इनके बीच के फर्क को लेकर उनमें जागरुकता होनी चाहिए। हालांकि सैनिटरी पैड बहाव को रोकने का आसान तरीका हो सकता हैं परंतु टैम्पोन बहाव को रोकने और सुविधा के मामले में ज्यादा बेहतर हैं। 

  • आजकल कई सुरक्षित और बेहतर तरीके उपलब्ध हैं जो बहाव को बेहतर तरीके से सोखते हैं और दिनभर चिंतामुक्त रखते हैं।
  • भारी और हल्के बहाव के लिए पैड्स अलग-अलग आकारों और खुशबू वाले फ्लेवर में आते हैं, लेकिन ये पैड्स वजाइना में जलन पैदा कर सकते हैं।
  • हां, अगर भारी फ्लो है तो पैड को बदलते रहना चाहिए। पैड को नियमित रूप से 3 से 4 घंटे के बाद बदल देना चाहिए, भले ही फ्लो ज्यादा न हो।

टैम्पोन बहाव के दौरान महिलाओं को सुरक्षा देने वाली वस्तु है। यह कॉटन से बना हुआ होता है। इसे बहाव को सोखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टैम्पोन वजाइना के भीतर सुरक्षित तरीके से फिट हो जाता है। यह उन लड़कियों या महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है जो खेल-कूद जैसे तैरना, नाचने जैसे काम करती हैं। टैम्पोन लगाने के बाद तैरने, नाचने या दूसरे काम करने की पूरी आज़ादी महसूस होती है और महिलाएं चिंतामुक्त होकर अपना काम कर सकती हैं।

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  • टैम्पोन को बैग और पर्स में ले जाना और उपयोग करना बहुत आसान और सुविधाजनक हैं। दूसरी ओर पैड्स थोड़े ज्यादा भारी होते हैं लेकिन वह भी बेहतर हैं।
  • अगर आप एक हैवी बहाव से गुज़र रही हैं, तो पैड्स और टेम्पोन, दोनों का इस्तेमाल करना ठीक है, लेकिन अगर पैड अच्छी क्वालिटी का है तो सिर्फ पैड इस्तेमाल करना बेहतर है।

अगर पीरियड्स के दौरान सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहन रही हैं, तो एक ही समय में बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और फ्लो को सोखने के लिए दोनों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

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आप बिना किसी हिचक के टाइट कपड़े पहन सकती हैं, क्योंकि आपने पैड और टैम्पोन, दोनों ही पहने हैं। अगर आप टैम्पोन का सही तरीके से इस्तेमाल करती हैं तो यह पैड की तुलना में कभी-कभी आपको बेहतर अनुभव देगा। पैड उन लड़कियों या महिलाओं के लिए भी ज्यादा बेहतर हैं जो किसी दूसरे तरीकों को अपनाने से हिचकती या डरती हैं। टैम्पोन बेहतर है या पैड्स, यह महत्व नहीं रखता, ज़रुरी यह है कि कौन सी चीज़ इस्तेमाल में आसान और आरामदायक है।

नोट: यह लेख पी सेफ/रहो सेफ की सह-संस्थापक सृजना बगारिया से हुई बातचीत पर आधारित है।

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