कुपोषण मुक्त भारत के लिए पीएम मोदी की बड़ी योजना है फोर्टिफाइड राइस, जानें क्या है ये और इसे खाने के फायदे

Nutrition Week 2021 के तहत आज हम जानेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी की फोर्टिफाइड चावल वितरण योजना के बारे में और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ।

 
Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Aug 31, 2021
कुपोषण मुक्त भारत के लिए पीएम मोदी की बड़ी योजना है फोर्टिफाइड राइस, जानें क्या है ये और इसे खाने के फायदे

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index), जो कि दुनिया भर में भूख और कुपोषण को लेकर देशों की रैंकिंग करता है उसमें भारत कुल 107 देशों में 94 पायदान पर है।  यानी कि भारत में अब भी एक बड़ी आबादी भुखमरी से पीड़ित है और कुपोषित है। इसे देखते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कुपोषण से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने गरीब महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए घोषणा की है कि 2024 तक राशन की दुकानों से लेकर मिड डे मील तक में सभी को फोर्टिफाइड चावल वितरित (fortified rice distribution scheme) किए जाएंगे। पर क्या आप जानते हैं कि फोर्टिफाइड राइस (fortified rice in hindi) क्या है, कैसे बनता है और इसे खाने के क्या फायदे हैं। आइए हम आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

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फोर्टिफाइड चावल क्या है -What is fortified rice in hindi?

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार फोर्टिफिकेशन का मतलब है भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) की सामग्री को बढ़ाना। ताकि भोजन की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो शरीर को वे पोषक तत्व मिल पाएं जो कि कुपोषण को दूर करे। इसे आसान शब्दों में समझें तो, इसमें अनाज को पीस कर ऊपर से पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसी तर्ज पर राइस फोर्टिफिकेशन (rice fortification) में नियमित चावल में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को जोड़ने की एक प्रक्रिया है। ये पोषक तत्व आहार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जोड़ा जाता है।

फोर्टिफाइड चावल कैसे बनता है?

चावल के फोर्टिफिकेशन में कोटिंग और डस्टिंग जैसे कई तकनीकों की मदद ली जाती है। जैसे कि अनाज को पीस कर उसनें ऊपर से माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं। यही चावल के साथ भी किया जाता है। इसमें चावल को पीसकर पाउडर तैयार कर इसमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जोड़े जाते हैं। उसके बाद इस फोर्टिफाइड चावल के मिश्रण को फिर से चावल के आकार में बदला जा सकता है, जिसे ‘फोर्टिफाइड राइस कर्नेल’ (FRK) कहा जाता है। इस परियोजना के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) को सामान्य चावल के साथ 1: 100 के अनुपात में मिलाया जाता है और इसके बाद इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public distribution system) और मिड डे मील (mid day meal scheme) के तहत लोगों में बांटा जाएगा। 

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फोर्टिफाइड चावल की न्यूट्रिशनल वैल्यू

FSSAI के मानदंडों के अनुसार, 1 किलो फोर्टिफाइड चावल में शामिल होंगे

  • -28 mg-42.5 mg आयरन 
  • -75-125 mg फोलिक एसिड 
  • -0.75-1.25 mg विटामिन B-12 
  • -10-15 mg जिंक
  • - विटामिन ए 
  • -विटामिन बी-6

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फोर्टिफाइड चावल खाने के फायदे- fortified rice benefits

1. कुपोषण दूर करने में मददगार

भारत में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण का स्तर बहुत अधिक है। ऐसे में फोर्टिफाइड चावल महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर करेगा और उनमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी से होने वाली बीमारियों को दूर करेगा। साथ ही ये शरीर में  विटामिन ए, विटामिन बी-6 और जिंक जैसे जरूरी तत्वों की पूर्ति करेगा जिससे उनके शरीर और मस्तिष्क दोनों का विकास हो।

2. एनीमिया दूर करेगा

भारतीय खाद्य मंत्रालय के मुताबिक देश में हर दूसरी महिला एनीमिक है और हर तीसरा बच्चा अविकसित है। ऐस में फोर्टिफाइड चावल वितरित (fortified rice distribution scheme) करने की ये योजना इन महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी को दूर करेगा। दरअसल, आयरन की कमी से सूखी त्वचा, खराब बाल और सफेद नाखून के अलावा प्रग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं की मौत भी हो जाती है। साथ ही  एनीमिक मांओं के बच्चे दिमाग और शरीर दोनों से ही कमजोर भी होते हैं। इसलिए फोर्टिफाइड चावल का आयरन इन महिलाओं और बच्चों में एनीमिया दूर करेगा। 

3. इम्यूनिटी बूस्टर है

फोर्टिफाइड चावल इम्यूनिटी बूस्टर भी है क्योंकि इसमें आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी और जिंक है जो कि इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद करता है। इसमें फोलिक एसिड भी होता है जो कि महिलाओं के लिए सबसे जरूरी न्यूट्रिएंट है। फोलिक एसिड के फायदे की बात करें, तो शरीर की हर कोशिका के विकास में मदद करती है। ये रेड ब्लड सेल्स को बनाने में मदद करता है जो कि फेफड़ों से शरीर के बाकी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाती है और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखती है। इस तरह ये शरीर के सभी सेल्स को हेल्दी रखने में मदद करती है। 

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फोर्टिफाइड चावल कैसे खाया जाता है?

फोर्टिफाइड चावल का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को लगता है ये नॉर्मल चावल से अलग है और इसलिए इसे अलग तरीके से खाया जाता होगा। पर ऐसा नहीं है। ये अलग भले है पर इस चावल को पकाने के लिए  किसी विशेष प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती। हमेशा की तरह

  • - पकाने से पहले चावल को सामान्य तरीके से साफ करें।
  • -पानी में अच्छे से धो लें और फिर चावल की मात्रा के अनुसार पानी डाल कर इस चावल को पकाएं और खाएं। 

तो, इस तरह फोर्टिफाइड चावल भारत को कुपोषण से लड़ने में मदद कर सकता है। तो, उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री की ये योजना सफल हो और भारत जल्द से जल्द कुपोषण और भुखमरी से लड़कर एक स्वस्थ देश के रूप में उभर कर सामने आए। 

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