निपाह वायरस से निपटने के लिए मलेशिया से आई दवा, ऐसे किया जाएगा इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 24, 2018
Quick Bites

  • करीब 19 मरीज ऐसे हैं जिनमें निपाह वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
  • निपाह वायरस से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है।
  • स्थिति और गंभीर न हो इसलिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग सावधानियां बरत रहा है।

निपाह वायरस का प्रकोप भारत में तेजी से बढ़ रहा है। दिल्‍ली एनसीआर समेत देश के बड़े शहरों में भी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार निपाह वायरस से केरल में लोग ज्‍यादा प्रभावित हो रहे हैं। केरल स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में करीब 19 मरीज ऐसे हैं जिनमें निपाह वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इससे कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। स्थिति और गंभीर न हो इसलिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग जरूरी सावधानियां बरत रहा है।

वहीं दूसरी ओर केरल स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती निपाह वायरस से पीडि़त मरीजों के इलाज के लिए मलेशिया से दवाइयां मंगवाई है। बता दें कि, ये दवाएं निपाह वायरस से निपटने के लिए मलेशिया में प्रयोग की जा रही हैं। एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, बुधवार को केरल के हॉस्पिटल में निपाह वायरस के मरीजों के लिए 8700 टैबलेट पहुंचा दी गई है।

केरल स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार, ये दवाएं चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा पूरी तरह से जांच के बाद रोगियों को दी जाएंगी क्योंकि दवाओं के कुछ दुष्प्रभाव होने की संभावना हो सकती है। संक्रमण के स्रोत को अभी तक स्थानिक क्षेत्रों में पहचाना नहीं गया है, और न ही किसी जानवर से निपाह वायरस के लक्षण प्राप्‍त हुए हैं। स्‍वास्‍थ्‍स विभाग स्‍वास्‍थ्‍य जानवारों के सैंपल एकत्र कर के निपाह वायरस की संभावनाओं की जांच कर रहा है।

निपाह वायरस के संभावित लक्षण

निपाह वायरस के अन्य सामान्य लक्षणों में तीव्र श्वसन सिंड्रोम, एसिम्प्टोमैटिक संक्रमण और घातक एन्सेफलाइटिस शामिल हैं। निपाह वायरस मुख्य रूप से एन्सेफैलिटिक सिंड्रोम का कारण बनता है और इसकी उच्च मृत्यु दर होती है।

निपाह वायरस से बचाव कैसे करें

वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए, हथेली के पेड़ के पास खुले कंटेनर में ब्रीड पीने से बचें। एक संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना महत्वपूर्ण है। आपको रोगी से दूरी बनाए रखना चाहिए और अपने हाथों को ठीक से धोना चाहिए। अपने कपड़े, बर्तन और बाथरूम आइटम जैसे मग और बाल्टी अलग से साफ करें। सुनिश्चित करें कि वे सभी स्वच्छता से बनाए रखा है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health News In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1570 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK