डायबिटीज बन सकता है अनियमित पीरियड्स की वजह: शोध

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 23, 2018
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हाल में हुए एक शोध में दावा किया गया है कि जिन महिलाओं को टाइप-2 डायबिटीज की समस्या होती है उनमें अनियमित पीरियड्स का खतरा बढ़ जाता है। ये अध्ययन अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो में किया गया। हालांकि अनियमित पीरियड्स की वजह सिर्फ डायबिटीज ही नहीं होता है इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे प्रेगनेंसी, हार्मोनल असंतुलन, किसी तरह का इंफेक्शन, बीमरियां और दवाओं का अधिक सेवन आदि।

मोटोपे के कारण होता है डायबिटीज और पीसीओएस

जिन महिलाओं का वजह ज्यादा होता है या जो मोटापे से ग्रस्त होती हैं उनमें इस तरह की समस्या ज्यादा पाई जाती है क्योंकि मोटापे के कारण महिलाओं में पीसीओस का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है और पीसीओएस के कारण डायबिटीज और कई तरह की मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। पीसीओएस एक तरह का हार्मोनल डिसआर्डर है जिसमें महिलाओं के ओवरी यानि अंडाशय के किनारों पर छोटी सी गांठ बन जाती है। ये गांठ इंसुलिन को बनने से रोकती है और इंसुलिन की कमी ही टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनता है। इसके अलावा इस गांठ की वजह से अण्डोत्सर्ग भी ठीक से नहीं हो पाता है और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।

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पीसीओएस की समस्‍या के लक्षण

पीसीओएस के लक्षणों पर अक्‍सर लड़कियों का ध्‍यान नहीं जाता है। चेहरे पर बाल उग आना, अनियमित रूप से माहवारी आना, यौन इच्छा में अचानक कमी, गर्भधारण में मुश्किल होना, आदि कुछ ऐसे लक्षण हैं। इसके अलावा त्वचा संबंधी रोग जैसे अचानक भूरे रंग के धब्बों का उभरना या बहुत ज्यादा मुंहासे भी हो सकते हैं।
छोटी उम्र में पीसीओएस के कारण

मोटापा

आजकल मोटापे की समस्‍या बहुत ही आम हो गई है। हर दूसरा व्‍यक्ति ज्यादा वसा युक्त भोजन, व्यायाम की कमी और जंक फूड का सेवन करने के कारण मोटापे से ग्रस्‍त है। मोटापे के कारण आज छोटी उम्र की लड़कियों में भी पीसीओएस की समस्‍या पाई जाने लगी है। अत्यधिक चर्बी से एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा बढ़ने से ओवरी में सिस्ट बनता है। मोटापा कम करने से इस बीमारी को बहुत हद तक काबू में किया जा सकता है। बीमारी के बावजूद वजन घटाने से ओवरीज में वापस अंडे बनने शुरू हो जाते हैं।

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खराब डाइट

जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए जंक फूड, अत्यधिक तैलीय, मीठा व फैट युक्त भोजन खाने से बचें। साथ ही डायबिटीज भी इस बीमारी का बड़ा कारण हैं। इसलिए मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। इसके बजाय अपने आहार में हरी-पत्तेदार सब्जियां और फलों को शामिल करें।

लाइफस्‍टाइल

तनाव और चिंता के चलते आजकल की लड़कियां अपने खान पान पर बिल्‍कुल ध्‍यान नहीं देती। साथ ही लेट नाइट पार्टी में ड्रिंक और स्‍मोकिंग लड़कियों की लाइफस्‍टाइल का हिस्‍सा बन गया है। इसलिए पीसीओएस की समस्‍या से बचने के लिए अपनी दिनचर्या को सही करना बहुत जरूरी है। हार्मोंन को संतुलित करके पीसीओएस की समस्‍या को ठीक किया जा सकता है। इसके लिए लड़कियों को सही आहार और नियमित एक्सरसाइज को अपनाना होगा।

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