Macular Edema: रेटिना में सूजन के हो सकते हैं 9 कारण, जानें लक्षण और इलाज

रेटिना में सूजन आने की स्थिति को मैक्यूलर एडिम कहते हैं। इस स्थिति के बार में विस्तार से जानने के लिए जानें लक्षण, कारण और बचाव...

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Mar 19, 2021 16:37 IST
Macular Edema: रेटिना में सूजन के हो सकते हैं 9 कारण, जानें लक्षण और इलाज

आंख के पिछले भाग में अंदर की तरफ फैली हुई पतली परत रेटिना कहलाती है। यह परत ऑप्टिक नर्स के पास मौजूद होती है और इसका मुख्य काम रोशनी को प्राप्त करना होता है। उसके बाद इस रोशनी को तंत्रिका संकेतों में परिवर्तित करके दिमाग तक भेजा जाता है। वहीं मैक्यूला रेटिना (Macular Edema) वह हिस्सा होता है जो आंखों से दूर रखें चीजों के कलर को पहचानना और देखना में मदद करता है। ऐसे में अगर रेटिना में सूजन आ जाए तो अनेक कार्यों में रुकावट आ जाती है। आज का हमारा यह लेख रेटिना में सूजन के लक्षण पर है। आज हम आपको बताएंगे कि रेटिना में सूजन क्यों आती है और इसके लक्षण, बचाव क्या हैं। पढ़ते हैं आगे...

रेटिना में सूजन के लक्षण (symptoms of macular edema)

आमतौर पर इस समस्या के होने पर शरीर किसी भी प्रकार का दर्द या तनाव महसूस नहीं करता। यहां तक कि रेटिना में सूजन पड़ने पर भी शरीर में किसी भी प्रकार के लक्षण नजर नहीं आते। यह लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। आइए जानते हैं मैकुलर एडिमा की आम लक्षण...

1 - धुंधला दिखाई देना

2 - रखी वस्तु का हिलना

3 - काला धब्बा दिखाई देना

4 - रंगों में बदलाव रंग धुंधला हुआ दिखाई देना

5 - अक्षरों को पढ़ने में दिक्कत महसूस करना

6 - किसी वस्तु की आकृति को ना समझ पाना

डॉक्टर के पास कब जाएं

अगर ऊपर दिए लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि आंख बेहद नाजुक हिस्सा होता है इसलिए इस प्रकार के लक्षण आंखों की गंभीर समस्याओं को दर्शाते हैं। इसके अलावा निम्न लक्षण भी हैं जो दिखाई देते हैं-

7 - आंखों में जलन या दर्द महसूस करना

8 - आंखों का हर वक्त लाल रहना

9 - आंखों से पानी आना या खुजली महसूस करना

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रेटिना में सूजन के कारण (Causes of macular edema)

यह समस्या खून जमने के कारण विकसित होती है। आंखों के अंदर मौजूद रक्त वहिकाएं जब क्षतिग्रस्त होती हैं तो उनके हिसाब से यह खून जमा हो जाता है। कई ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं, जिनकी वजह से रेटिना में द्रव या खून जमा हो जाता है यह स्थितियां निम्न प्रकार हो सकती हैं।

1 - डायबिटीज होने पर

जो लोग डायबिटीज से पीड़ित होते हैं उनके शरीर में शुगर का अधिक स्तर उनकी आंखों में मौजूद रक्त वहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और खून का रिसाव होने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक मैकुलर एडिमा के नाम से जाना जाता है।

2 - आरवीओ यानी रेटिनल वेन अकल्जन

यह एक ऐसा रोग है जो रक्त वाहिकाओं से संबंधित है इसमें रेटिना में मौजूद नसें सूखने लगती हैं और खून रिसने लगता है।

3 - कुछ दवाओं के कारण

कुछ ऐसी दवाई होती हैं, जिनके सेवन से भी शरीर में साइड इफेक्ट नजर आते हैं इन साइट इफेक्ट्स में रेटिना की सूजन भी शामिल है।

4 - आंख में सूजन होने के कारण

आंखों के कुछ रोग जैसे यूवाइटिस के कारण रेटिना को क्षति पहुंचती है। इस स्थिति में रेटिका की रक्त वाहिका क्षतिग्रस्त होती है और सूजन आ जाती है।

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5 - उम्र बढ़ने के कारण

एएमडी (Age-related macular degeneration) यानी बढ़ती उम्र में मैक्यूलर क्षतिग्रस्त हो जाता है ऐसी स्थिति में आंखों में मौजूद रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं और खून का रिसाव होने के कारण सूजन आ जाती है।

6 - आंखों का ट्यूमर होने के कारण

जब आंख में ट्यूमर यानी कैंसर रहित या कैंसर युक्त ट्यूमर पैदा हो जाता है तब भी रेटिना में सूजन आने लगती है।

7 - चोट लगने के कारण

बता दें कि अगर आंख में किसी भी प्रकार की चोट लग जाए तब भी रेटिना में सूजन आ सकती है।

कुछ अन्य कारण (other causes)

8 - हाई बीपी और डायबिटीज के कारण समय अकाउंट से ज्यादा खून रिसने लगता है, जिसके कारण रेटिना में सूजन आ जाती है।

9 - सूजन संबंधित रोग या सर्जरी के कारण आंखों के अंदर सूजन बढ़ सकती है और एडविना में सूजन आ जाती है।

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रेटिना में सूजन से कैसे छुटकारा पाएं-

एक्सपर्ट आंखों का परीक्षण करते हैं और पुतली को चौड़ा करके आपके पीछे के रेटिना को देखते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य टेस्ट भी करते ,हैं जिनकी मदद से बारीकी की जांच करते हैं इसकी जांच के लिए भी दो टेस्ट फ्लोरोसिस एंजियोग्राफी और ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी की मदद लेते हैं।

1 - फ्लोरोसिस एंजियोग्राफी में नसों में इंजेक्ट करके डाई रक्त वाहिकाओं के अंदर एक विशेष कैमरा डाला जाता है और उसकी मदद से यह बात की जांच की जाती है कि खून का रिसाव कितना हो रहा है और स्थिति कितनी गंभीर हो गई है।

2 - ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी में रेटिना के अंदर ओसीटी की जाती है। इस टेस्ट के दौरान एक मशीन रेटिना कुछ काम करती है इसके माध्यम से बारीक चीजों की जांच की जाती है। इसी से आंखों में सूजन का पता लगाया जाता है।

नोट - रेटिना की सूजन आंखों को क्षतिग्रस्त कर सकती है ऐसे में अगर इलाज बीच में छोड़ दिया जाए तो देखने की क्षमता और आंख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसे बाद में सही भी नहीं किया जा सकता है। इस समस्या के कारण व्यक्ति अंधेपन का शिकार भी हो सकता है। ऐसे में ऊपर दिए लक्षण अगर नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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