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Low Blood Pressure Tips: ब्लड प्रेशर घटने पर आजमाएं ये 9 उपाय, डॉक्टर से जानें इमरजेंसी स्थिति में क्या करें

लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन तब होता है, जब रक्तचाप सामान्य से कम हो जाता है। इसे बढ़ाने के लिए आप डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इन 9 उपायों आजमा सकते हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jan 21, 2022Updated at: Apr 29, 2022
Low Blood Pressure Tips: ब्लड प्रेशर घटने पर आजमाएं ये 9 उपाय, डॉक्टर से जानें इमरजेंसी स्थिति में क्या करें

लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे? बढ़ते तनाव और खराब जीवनशैली की वजह से हम इंसान कई तरह की बीमारियों के बीच घिर चुके हैं। इसमें से एक है लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure)।  ब्लड प्रेशर घटने पर फेफड़ों, ब्रेन और किडनी में खून की सप्लाई नहीं हो पाती है। इस वजह से ऑर्गन ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। लो ब्लड प्रेशर हृदय की बीमारियों, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का भी कारण सकता है। दुनियाभर में बड़ी तादाम में लोग लो ब्लड प्रेशर का सामना कर रहे हैं। अगर आपका भी बार-बार बीपी लो हो जाता है, तो आप घर पर ही कुछ उपायों को आजमा सकते हैं। मणिपाल अस्पताल, बैंगलोर के सलाहकार-आंतरिक चिकित्सा डॉक्टर जगदीश के.एच (Dr Jagadeesh K H, Consultant -Internal Medicine, Manipal Hospital, Sarjapur Road, Bangalore) से जानें बीपी लो होने की इमरजेंसी स्थिति में ब्लड प्रेशर कैसे बढ़ाएं-

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण (low blood pressure symptoms)

डॉक्टरों के अनुसार लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन वह स्थिति होती है, जब रक्तचाप 90 और 60 से कम होता है। थकान, बेहोशी, उल्टी आना, चक्कर आना, मतली, डिहाइड्रेशन, कंसंट्रेशन में कमी, धुंधला दिखाई देना और ठंडी त्वचा लो ब्लड प्रेशर के लक्षण हैं। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी से भी ब्लड प्रेशर गिर सकता है।

लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करें? (low bp treatment at home)

डॉक्टर जगदीश के.एच बताते हैं कि लो बीपी को बढ़ाने के लिए इसके लक्षणों में कमी करना जरूरी होता है। अगर आपका बीपी अचानक से गिर जाता है, तो आप घर पर इस तरह से ब्लड प्रेशर सामान्य कर सकते हैं।

salt water

1. दवाइयां बंद कर दें: डॉक्टर जगदीश के.एच बताते हैं कि बीपी लो होने पर ऐसी दवाइयों का सेवन करना बंद कर दें, जो यह समस्या पैदा कर रही है। उदाहरण के लिए उच्चरक्तचापरोधी और मूत्रवर्धक। 

2. नमक और पानी पिएं: ब्लड प्रेशर सामान्य करने के लिए सबसे अच्छा उपाय है पानी और नमक का घोल पीना। बीपी लो होते ही एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक डालें और पी जाएं। लगातार इस पानी को पीने से ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगेगा। इसके साथ ही उच्च नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

3. जीवनशैली में बदलाव करें: बीपी लो होने की स्थिति में आपको अपनी जीवनशैली में भी बदलाव करना जरूरी होता है। इसके लिए धीरे-धीरे उठें, बैठें और लेटें। साथ ही तनाव से भी बचें। खुश रहें और चिंता से दूर रहें।

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4. नियमित व्यायाम करें: ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए नियमित व्यायाम या योग भी जरूरी है। ब्लड प्रेशर लो होने की स्थिति में आप योग का अभ्यास कर सकते हैं। नियमित व्यायाम करने से काफी फायदा मिलता है

5. गर्म वातावरण से बचें: बीपी लो होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में आपको अत्यधिक गर्म वातावरण से बचना चाहिए। साथ ही गर्म पानी से नहाने से भी बचें।

6. हैवी डाइट से बचें: बीपी लो होने पर आपको हैवी डाइट लेने से बचना चाहिए। इसके लिए कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन न करें। साथ ही शराब पीने से बचें। भोजन के तुरंत बाद एक्सरसाइज भी न करें।

coffee for low bp

7. कॉफी पिएं: ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए कॉफी पीना भी एक अच्छा उपाय है। बीपी लो के लक्षण दिखते ही और कॉफी पी लें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा। लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों में भी कमी आएगी।

8. चॉकलेट खाएं: कॉफी की तरह की चॉकलेट भी लो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने में मदद करता है। अगर आपको लो ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, तो आप नियमित रूप से चॉकलेट ले सकते हैं। डार्क चॉकलेट अधिक लाभकारी होता है।

9. भूखे न रहें: अकसर देखा जाता है कि व्रत के दौरान या डाइटिंग पर होने की वजह से बीपी लो हो जाता है। ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने के लिए कभी भी भूखे और प्यासे न रहें। भूख लगने पर तुरंत खाना खाएं। लो बीपी की समस्या से बचने के लिए पानी पीना भी बहुत जरूरी है।

अगर आपको इसके बाद भी आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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ब्लड प्रेशर क्या है (What is Blood Pressure)

ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं की दीवारों के खिलाफ रक्त की शक्ति है। हृदय द्वारा पूरे शरीर में रक्त पंप किया जाता है। रक्तचाप को दो अलग-अलग संख्याओं से मापा जाता है। ऊपर की संख्या को सिस्टोलिक प्रेशर कहते हैं। जब दिल धड़क रहा होता है, तो यह दबाव होता है। नीचे की संख्या को डायस्टोलिक दबाव कहा जाता है। जब दिल धड़कनों के बीच आराम करता है, तो यह दबाव होता है। डायस्टोलिक दबाव आमतौर पर सिस्टोलिक दबाव से कम होता है। दोनों को पारा के मिलीमीटर में मापा जाता है। स्वस्थ रक्तचाप लगभग 120/80 मिमी एचजी है। 

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