बच्चों को किस उम्र से खिलाना शुरू करें मसाले? जानें उन्हें कौन से मसाले खिलाना सुरक्षित है

Benefits of Spices For Children: बच्चों को मसाले खिलाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन आपको उनके आहार में उम्र के अनुसार मसाले डालने चाहिए।

 
Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: Jun 24, 2022Updated at: Jun 26, 2022
बच्चों को किस उम्र से खिलाना शुरू करें मसाले? जानें उन्हें कौन से मसाले खिलाना सुरक्षित है

Benefits of Spices: हमारे किचन में ऐसे कई मसाले और जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। मसाले हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही बेहतरीन खुशबू भी प्रदान करते हैं। साथ ही इन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए भी जाना जाता है। अक्सर पेरेंट्स इस बात को लेकर काफी असमंजस में रहते हैं कि क्या छोटे बच्चों को मसाले खिलाने चाहिए? या किस उम्र से उन्हें मसाले खिलाना सुरक्षित है? 6 महीने तक बच्चों को सिर्फ मां का दूध पिलाने की ही सलाह दी जाती है, उसके बाद उन्हें ठोस पदार्थ खिलाना शुरू किया जाता है। छोटे बच्चों का पाचन कमजोर होता है इसलिए उन्हें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ठोस पदार्थ खिलाए जाते हैं। बच्चों को मसाले खिलाना बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि यह उनकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। आप जब बच्चों को ठोस पदार्थ खिलाना शुरू करते हैं तो उनके भोजन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ मसाले डाल सकते हैं। लेकिन सभी मसाले नहीं। इस लेख में हम आपको बच्चों को किस उम्र में कौन से मसाले खिलाने चाहिए, साथ ही कैसे खिलाना चाहिए इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं। 

बच्चों को किस उम्र में खिलाएं कौन से मसाले और कैसे (Spices That Are Beneficial For Children)

1. हल्दी (Turmeric)

आप बच्चे को 8 महीने की उम्र के बाद हल्दी खिलाना शुरू कर सकते हैं। दाल, सांभर अन्य सब्जियों और प्यूरी में आप एक छोटी चुटकी हल्दी डालकर बच्चों को खिला सकते हैं। हल्दी के सेवन से उनका पाचन दुरुस्त होगा, इम्यूनिटी मजबूत होगी, एलर्जी से बचाव होगा साथ ही सांस लेने में तकलीफ की समस्या भी नहीं होगी।

Spices for children

2. मिर्च पाउडर (Chili Powder)

18 महीने से कम के बच्चों के भोजन में आपको मिर्च पाउडर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उसके बाद भी आपको बहुत कम मात्रा में व्यंजनों में इसका प्रयोग करना है। यह एक एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में कार्य करता है।

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3. अदरक (Ginger)

अदरक आपको बच्चों को 2 साल की उम्र के बाद खिलानी चाहिए। आप सब्जियों और चावल, बिरयानी जैसे व्यंजनों में अदरक डालकर बच्चों को दे सकते हैं, लेकिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में। अदरक पाचन को बेहतर बनाने, मतली और उल्टी को रोकने में मदद करती है। साथ ही साँस संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत फायदेमंद है।

4. लहसुन (Garlic)

लहसुन आप बच्चे को 8-10 महीने के बाद दे सकते हैं। दाल, सांभर, करी, और सब्जी आदि में लहसुन का प्रयोग किया जा सकता है। यह गैस्ट्रिक समस्याओं से राहत प्रदान करता है और एक रोगाणुरोधी एजेंट के रूप में कार्य करता है।

5. जीरा (Cumin)

जीरा का सेवन भी 8 महीने बाद बच्चों के लिए सुरक्षित है। आप दाल, सांभर, चटनी, करी, सब्जी आदि में तड़के के लिए जीरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पेट में कीड़ों का इलाज करता है, पेट के दर्द, सांस की बीमारियों, खून की कमी से छुटकारा दिलाने के साथ ही इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है।

6. मेथी के दाने (Methi Seeds)

18 महीने बाद आप बच्चों के आहार में मेथी के दाने शामिल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल इडली-डोसा के बैटर, सब्जी और करी में थोड़ी मात्रा में किया जा सकता है। इससे पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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7. धनिया (Coriander)

8 महीने बाद बच्चों के आहार में धनिया के बीज और पाउडर डाले जा सकते हैं। लेकिन थोड़ी मात्रा में ही डालें। यह गैस्ट्रिक समस्याओं को रोकने और कम करने में मदद करता है।

8. पुदीना (Pudina)

बच्चों के आहार में पुदीना 8 महीने बाद शुरू किया जा सकता है। चटनी, करी और चावल आदि में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पाचन में सुधार, श्वसन संबंधी रोगों को दूर करने और बच्चों को शांत करने में मदद करता है। साथ ही मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

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बच्चों को मसाले खिलाते समय ध्यान रखें ये बातें (Precautions While Giving Spices To Kids)

जब आप बच्चों के आहार में मसाले डालना शुरू करें तो यह जरूर देखें कि इससे बच्चों में किसी तरह की एलर्जी की प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही है। त्वचा पर लाल चकत्ते, लाल त्वचा, चेहरे/जीभ/होंठों में सूजन, उल्टी-दस्त, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, चक्कर आना आदि जैसी समस्याएं होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। उनसे इसके कारणों और जरूरी सावधानियों के बारे में बात करें।

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