मोटापे से कम समय में छुटकारा दिलाती है लिपोसक्शन सर्जरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 30, 2013
Quick Bites

  • लिपोसक्शन सर्जरी में अतिरिक्‍त चर्बी को कम किया जाता है।
  • अमेरिका और ब्रिटेन में लिपोसक्शन का है ज्‍यादा चलन।
  • छिद्रों से खून का रिसाव भी हो सकता है सर्जरी के बाद।
  • मोटापे का स्‍थायी उपचार नहीं है लिपोसक्शन सर्जरी।

liposuction surgeryलिपोसक्शन को लिपोप्‍लास्‍टी भी कहते हैं। यह कॉस्‍मेटिक सर्जरी की एक तकनीक है, इससे कम समय में शरीर के मोटापे को आसानी से कम किया जा सकता है। लिपोसक्शन में शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों से चर्बी कम करके मोटापे से छुटकारा दिलाया जाता है।

अनियमित दिनचर्या और जीवनशैली के कारण बड़ों के साथ बच्‍चे भी तेजी से मोटापे के शिकार हो रहे हैं। चर्बी बढ़ने का कारण फास्‍ट फूड का सेवन और व्‍यायाम का अभाव है। फास्‍ट फूड खाने के बाद जिस अनुपात में मेहनत करनी चाहिए, वह हम नहीं करते। जिसका परिणाम यह होता है कि हमारे शरीर पर चर्बी बढ़ जाती है।

लिपोसक्शन अमेरिका और ब्रिटेन में सामान्‍य तौर पर होने वाला कॉस्‍मेटिक ऑपरेशन है। दोनों देशों में प्रत्‍येक वर्ष चार लाख से ज्‍यादा लोग लिपोसक्शन तकनीक से मोटापे से छुटकारा पाते हैं। इस लेख के जरिए हम आपको लिपोसक्शन के बारे में विस्‍तार से बताते हैं।



क्‍या है लिपोसक्शन

कम समय में मोटापा कम करने की तकनीक है लिपोसक्शन। इसमें शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों से अतिरिक्‍त वसा को बाहर निकालकर शरीर को सुडौल बनाया जाता है। इस तकनीक में जांघों, कूल्हों, पेट, गर्दन, ठोढ़ी, कंधों, छाती और कमर पर से चर्बी को कम किया जाता है।


लिपोसक्शन प्रक्रिया

लिपोसक्शन प्रक्रिया में चिकित्‍सक शरीर के छिपे हुए स्थानों में छोटे छिद्र बनाकर आधुनिक उपकरणों की मदद से अतिरिक्‍त वसा को बाहर निकाल देते हैं। आपके शरीर की चर्बी को कम होने में कितना वक्‍त लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने मोटे हैं।


लिपोसक्शन कराने से पहले

लिपोसक्शन एक शल्‍य चिकित्‍सा है। इसे कराने के लिए प्‍लास्टिक सर्जन से परामर्श कर लेना उचित रहता है। लिपोसक्शन कराने से पहले यह जानकारी कर लें कि यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा या नहीं। ऐसा न हो कि आपको इससे कोई फायदा न हो बल्कि आपके लिए परेशानी बढ़ जाएं।


कैसे होता है उपचार

लिपोसक्शन में सर्जरी करने से पहले व्‍यक्ति के शरीर की जांच की जाती है। ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल के नॉर्मल रहने पर ही ऑपरेशन किया जाता है, जिससे संबंधित व्‍यक्ति को कोई परेशानी न हो। इसमें एक सक्शन मशीन को कैनुला के जरिए जोड़ा जाता है। शरीर के जिस हिस्‍से से वसा निकालनी है, वहां छुपे स्थानों में छोटे-छोटे छिद्र बनाए जाते हैं। इन छिद्रों के माध्‍यम से अतिरिक्‍त चर्बी को कम किया जाता है। इस ट्रीटमेंट की खास बात यह है कि इसमें कोई टांका नहीं आता। ऑपरेशन के दौरान बनाए गए छिद्र कुछ दिनों में खुद भर जाते हैं।


देखभाल

लिपोसक्शन सर्जरी कराने के बाद कई बार छिद्रों से खून का रिसाव भी होता है, लेकिन ऐसा होने पर घबराने की जरूरत नहीं होती। यह परेशानी कुछ समय पश्‍चात खुद ही ठीक हो जाती है। लिपोसक्शन के जरिए शरीर को सुडौल बनाने के बाद नियमित व्‍यायाम बहुत जरूरी होता है। साथ ही आपको अपने खान-पान पर भी नियंत्रण रखना चाहिए।


क्‍या स्‍थायी उपचार है लिपोसक्शन

लिपोसक्शन मोटापे का स्‍थायी उपचार नहीं है। यदि आप लिपोसक्शन सर्जरी कराने के बाद अपनी पुरानी आदतों को नहीं बदलते तो फिर से मोटापे का शिकार हो सकते हैं। हालांकि लिपोसक्शन के बाद व्‍यक्ति हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल व्‍यतीत नहीं कर पाता। सर्जरी कराने के बाद बचे हुए फैट सेल्‍स के बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इस खतरे से बचने के लिए नियमित व्‍यायाम के साथ ही खान-पान पर कंट्रोल रखना चाहिए। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इससे भी दूर रहना होगा। अधिक वसा वाले खाने से फिर से चर्बी जमा हो सकती है।

 
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