सर्दी के दिनों में क्यों होता है निमोनिया का ज्यादा खतरा, जानें ठंड में कैसे करें इससे बचाव

अगर आप भी सर्दी के दौरान निमोनिया जैसी बीमारी से बचना चाहते हैं तो जान लें ठंड में कैसे होता है निमोनिया का ज्यादा खतरा।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Nov 22, 2020
सर्दी के दिनों में क्यों होता है निमोनिया का ज्यादा खतरा, जानें ठंड में कैसे करें इससे बचाव

बढ़ती सर्दियों के दौरान अक्सर कई बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है, यही वजह है कि एक्सपर्ट और डॉक्टर्स लोगों को सर्दी के दौरान ज्यादा ख्याल रखने की सलाह देते हैं। ऐसे ही निमोनिया है जिसका सर्दी के दौरान खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ये तो आप भी जानते हैं कि ठंड के दिनों में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के एक आम समस्या है। लेकिन कई बार यही लक्षण आपको निमोनिया का संकेत दे रहे होते हैं, जिसे लोग समझने में असफल हो जाते हैं और गंभीर स्थिति में पहुंचा जाते हैं। आपको बता दें कि निमोनिया ज्यादा उम्र वाले लोगों को और बच्चों को ज्यादो होने का खतरा रहता है। इसके अलावा जो लोग डायबिटीज या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित होते हैं उन्हें भी इसका खतरा काफी होता है। इसलिए जरूरी है कि सर्दी के दौरान आपको अपना ख्याल अच्छी तरह से रखना चाहिए। लेकिन उससे पहले आपको ये जानना जरूरी है कि सर्दी के दिनों में निमोनिया का ज्यादा खतरा क्यों होता है। 

सर्दियों में क्यों होता है निमोनिया का ज्यादा खतरा?

वैसे तो निमोनिया का खतरा हमेशा रहता है, लेकिन सर्दी के दौरान इसका खतरा ज्यादा हो जाता है। अक्सर सर्दी के दिनों में देखा जाता है कि निमोनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे: फ्लू और वायरस आसानी से इस दौरान हवा में स्थिर रहते हैं और कण आसानी से शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। जरूरी नहीं कि सिर्फ ये आपके सांस के जरिए ही जाए बल्कि कुछ बैक्टीरिया और वायरस आपकी त्वचा के जरिए भी आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। वहीं, इसका एक मुख्य कारण ये भी है कि ज्यादातर लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर रहता है। 

निमोनिया कैसे करता है आपके स्वास्थ्य को खराब

निमोनिया भी ऐसा है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकता है और आपको संक्रमित कर सकता है। आपको बता दें कि निमोनिया फेफड़ों को संक्रमित करता है जिस कारण आपके फेफड़े काम करने में असफल रहते हैं और उनमें सूजन पैदा होने लगती है। इसके बाद आपको सांस लेने में परेशानी होती है क्योंकि यह ऑक्सीजन की आपूर्ति को रक्तप्रवाह में बाधा पैदा करता है। इसके लिए आपको जरूरी सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी होती है। क्योंकि ये कई कारणों से आप तक पहुंच सकता है जैसे: 

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  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना।
  • खुले मुंह और नाक के कारण हवा के जरिए बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। 
  • सताहें जिनके संपर्क में आप बार-बार आते हैं।
  • संक्रमण के बीच रहने के कारण।

सर्दी के दौरान निमोनिया के लक्षण

  • बुखार के साथ ठंड लगना।
  • सिरदर्द।
  • दस्त और उल्टी
  • त्वचा में असामान्य रंग दिखाई देना। 
  • मांसपेशियों और शरीर में दर्द रहना।
  • खांसी, कफ और जुकाम।

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सर्दियों में कैसे करें बचाव

  • बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं। 
  • अपने चेहरे को मास्क या कपड़े से ढककर रखें। 
  • किसी के साथ बहुत करीब होकर बात करने से बचें। 
  • बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और संबंधित जांच कराएं। 
  • धूम्रपान करने से बचें।
  • अपनी डाइट में ताजी सब्जियां, फल और पोष्टिक आहार शामिल करें। 
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  • सर्दी के दौरान अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश करें।

 

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