ज्यादा दिन तक गला बैठना हो सकता है लेरिन्जाइटिस रोग का संकेत, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

गला बैठना कम समय तक रहने वाला या लंबे समय तक रहने वाला हो सकता है। गला बैठने के ज्यादातर मामले एक अस्थायी वायरल संक्रमण या स्वर तंत्रियों में खिंचाव स

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Apr 03, 2020 19:00 IST
ज्यादा दिन तक गला बैठना हो सकता है लेरिन्जाइटिस रोग का संकेत, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

गला बैठना एक आम समस्या है, जिसकी वजह से कई बार गले में खराश भी होती है। अक्सर गले के बैठने का कारण गला सूखना या फिर गले में सूजन होती है या फिर कई बार सर्दी-जुकाम के कारण इस तरह की समस्या पैदा होती है। गले के बैठने से आवाज में बदलाव देखने को मिलता है। अगर किसी वायरस या फिर बैक्टीरिया के कारण ऐसा होता है तो ये करीब 2 हफ्ते के अंदर ठीक हो जाता है। लेकिन अगर ये कुछ दिनों बाद ठीक न हो तो इसका मतलब ये सामान्य नहीं है। 

ज्यादा दिन तक गले के बैठने को आप नजरअंदाज करते हैं तो ये एक गंभीर बीमारी का भी रूप ले सकती है। जिसे लेरिन्जाइटिस रोग भी कहा जाता है। लेरिन्जाइटिस स्वर यन्त्र (वॉइस बॉक्स) में होने वाली सूजन है, जो इसके ज्यादा प्रयोग या संक्रमण के कारण होती है। आमतौर पर आपकी स्वर तंत्रियां आसानी से खुलती और बंद होती हैं और उनकी गतिविधियों और कंपन के माध्यम से ध्वनि बनती है।  लेकिन लेरिन्जाइटिस में आपकी स्वर तंत्रियों में सूजन हो जाती है। 

कारण 

वैसे तो गले बैठने की समस्या आम कारणों से भी होती है लेकिन कई बार ये बैक्टीरिया जैसी चीजों के कारण हो जाती है, जो खांसी-जुकाम से शुरू होती है। 

  • ज्यादा तेज चिल्लाने की आदत। 
  • वायरस के कारण। 
  • उत्तेजक पदार्थ का सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करना। 
  • धूम्रमान। 
  • तंबाकू का ज्यादा सेवन करना। 
  • फंगल संक्रमण। 
  • सर्दी-जुकाम। 
  • लगातार ज्यादा दिन तक खांसी का प्रकोप। 

लेरिन्जाइटिस के लक्षण क्या है? 

  • लेरिन्‍जाइटिस या गला बैठने के सबसे आम संकेत और लक्षण की तरह ही होते हैं। 
  • आवाज बैठ जाना
  • आवाज बंद हो जाना। 
  • बोलने में गले में दर्द होना। 
  • बुखार। 
  • सांस लेने में परेशानी होना। 
  • ज्यादा खांसी होना। 
  • गले में सूजन महसूस होना। 
  • खांसी के साथ खून निकलना। 
  • निगलने में दर्द। 
  • गले में खराश रहना। 
  • अगर लेरिन्जाइटिस एक संक्रमण के कारण हुआ है, तो संक्रमित व्यक्ति में बुखार, लिम्फ नोड्स में सूजन के लक्षण भी हो सकते हैं। 

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लेरिन्जाइटिस से बचाव कैसे करें? 

  • शराब और कैफीन की मात्रा का सीमित सेवन करें। 

  • धूम्रपान से दूरी बनाएं रखें। 
  • गले को हमेशा साफ रखने  के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। 
  • मसालेदार भोजन खाने से बचें। मसालेदार भोजन के कारण पेट में एसिड पैदा हो सकता है और गले या भोजन नलिका (इसोफेगस) में जाकर सीने में जलन या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग का कारण बन सकता है।
  • अपने आहार में साबुत अनाज, फलों और सब्जियों को शामिल करें। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन सी शामिल होते हैं, जो बलगम झिल्ली को बनाये रखने में मदद करते हैं। ये बलगम झिल्ली गले को स्वस्थ बनाती हैं।

कब तक रहता है लेरिन्जाइटिस

वैसे तो लेरिन्जाइटिस रोग पर निर्भर करता है कि वो कितने दिन तक किसी को परेशान करता है, लेकिन ये अपने आप भी ठीक हो जाता है। ये तकरीबन 7 दिनों में आसानी से ठीक हो जाता है। वहीं, अगर ये 3 हफ्तों से ज्यादा समय तक रहता है तो ये क्रोनिक लेरिन्जाइटिस हो सकता है। ऐसे में आपको तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसका इलाज काफी आसानी से किया जा सकता है। 

लैरिंगोस्कोपी है इलाज

लैरिंगोस्कोपी सबसे सामान्य परीक्षण है, जो स्वर तंत्रियों के पास की स्थिति को जांचने और देखने के लिए किया जाता है। इस परीक्षण में एक पतली ट्यूब का इस्तेमाल कर नाक के जरिए गले में डाला जाता है, जिसमें एक कैमरे की मदद से देखा जाता है। इस प्रक्रिया की मदद से डॉक्टर ये समझने की कोशिश करते हैं कि कहीं गले में सूजन या फिर गांठ तो नहीं जिसके कारण इस तरह की समस्या पैदा हो रही हो। 

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गला बैठने पर इन घरेलू उपाय को अपनाएं

शहद

शहद हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। शहद गले से जुड़ी समस्या जैसे बैठा हुआ गला, गले की सूजन व दर्द को दूर करने का काम करता है। शहद खाने से खांसी की समस्या से भी राहत मिलती हैं। इसलिए इस तरह की समस्या में शहद को लेने से काफी फायदा मिलता हैं। 

पुदीना

पुदीने का रस हमार गले के दर्द औऱ सूजन को दूर करता है। आप रोजाना पुदीने की ताजा पत्तियों को उबालकर उस पानी से गरारे करें। पुदीना सांसों को ताजा करने की में हमारी मदद करता है। पेपरमिंट ऑयल स्प्रे का इस्तेमाल करने से भी गले का दर्द मिनटों में दूर हो जाती हैं। 

भाप लें

गला सूजने की वजह से भी गला बैठता है जो कि नजरअंदाज करने पर एक गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इससे बचन के लिए आप स्टीम यानी भांप ले सकते हैं। आप नम हवा से राहत और गले की सूजन व दर्द को दूर करना चाहते है तो स्टीम शॉवर लें। इससे ट्रीटमेंट से भी काफी फायदा मिलेगा। स्टीम शॉवर के लिए गर्म पानी से भाप बनाएं। फिर सिर पर एक तौलिया डालें और भाप में सांस लें। कुछ देर तक आप उसी में रहें।

नमक के गरारे करें

नमक में मौजूद गुण हमारे गले में सूजन और बैक्टीरिया को दूर करने का का मकरते हैं। नमक के पानी से गरारे करने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता हैं। इसके लिए गर्म पानी में थोड़ा का नमक मिलाएं और कुछ देर तक गरारे करें। नमक का पानी न केवल गले में जमा बलगम खींचता है बल्कि गले की खराश को भी दूर करने का काम करता है।

बेकिंग सोडा

अगर आपके पास बेकिंग सोडा है तो भी आप गले की खराश और दर्द को दूर कर सकते हैं। इससे आपका बैठा हुआ गला भी ठीक हो जाएगा। इसके लिए आप गुनगुने पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर गरारे करें। इससे आपको काफी राहत मिलेगी। आपको बता दें कि बेकिंग सोडा में मौजूद गुण गले में जमे हुए बैक्टीरिया को नष्ट करता है और फंगस की समस्या को भी रोकने का काम करता हैं। 

अदरक 

आप सभी जानते हैं कि अदरक हमारे सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है, ये तब और भी ज्यादा मददगार हो जाता है जब बात बैक्टीरिया या किसी संक्रमण को खत्म करने की हो। इसलिए आप अदरक का इस्तेमाल कर अपने बैठे हुए गले को ठीक कर सकते हैं। इसके लिए प अदरक का रस का सेवन कर सकते हैं या फिर चाय में अदरक डालकर से पिएं। ये आपको काफी राहत देगा साथ ही आपके गले में हो रही सूजन को भी खत्म करने का काम करेगा। 

 
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