गला बैठना भी है एक बीमारी, जानें इसके कारण लक्षण और बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 17, 2018
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Quick Bites

  • गला बैठना लंबे समय तक रहने वाला हो सकता है।
  • गला बैठने के ज्यादातर मामले एक अस्थायी वायरल संक्रमण
  • निरंतर रूप से आवाज़ का फटना या बैठ जाना

लैरिंक्स को स्वर यंत्र भी कहा जाता है। जिसके कारण हम बोलने में सक्षम हो पाते हैं। लैरिंक्स में कार्टिलेज स्‍केलेटॉन होते हैं, जो बलगम की परत से ढकी स्वर तंत्रियों का घर होते हैं। लैरिंक्स के अंदर स्थित मांसपेशियाँ स्वर तंत्रियों की स्थिति, आकार और खिंचाव को समायोजित करती हैं जिसके कारण हम ऊँचा या धीमा बोल पाते हैं।

गला बैठना या लेरिन्जाइटिस क्या है?  

लेरिन्जाइटिस स्वर यन्त्र (वॉइस बॉक्स) में होने वाली सूजन है, जो इसके अत्यधिक प्रयोग या संक्रमण के कारण होती है। लैरिंक्स के अंदर आपकी स्वर तंत्रियाँ होती हैं, मांसपेशी और उपास्थि को चारों तरफ से ढकने वाली श्लेष्मा झिल्ली की दो परतें। आमतौर पर, आपकी स्वर तंत्रियाँ आसानी से खुलती और बंद होती हैं और उनकी गतिविधियों और कंपन के माध्यम से ध्वनि बनती है।  लेकिन लेरिन्जाइटिस में, आपकी स्वर तंत्रियों में सूजन हो जाती है। यह सूजन उनके ऊपर से गुजरने वाली हवा द्वारा उत्पन्न ध्वनियों की विकृति का कारण बनती है। परिणामस्वरूप, आपकी आवाज़ कर्कश लगती है। गला बैठने के कुछ मामलों में आपकी आवाज़ को पहचानना भी लगभग मुश्किल हो जाता है।

गला बैठना कम समय तक रहने वाला या लंबे समय तक रहने वाला हो सकता है। गला बैठने के ज्यादातर मामले एक अस्थायी वायरल संक्रमण या स्वर तंत्रियों में खिंचाव से शुरू होते हैं और गंभीर नहीं होते हैं। निरंतर रूप से आवाज़ का फटना या बैठ जाना कभी-कभी अधिक गंभीर अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति का संकेत हो सकता है। जब लेरिन्जाइटिस के लक्षण तीन हफ्तों से अधिक अवधि तक देखे जाते हैं, तो इसे दीर्घकालिक माना जाता है। क्रोनिक लेरिन्जाइटिस गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग धूम्रपान, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने पर धुएं को सांस द्वारा अंदर लेना वायु प्रदूषण या शराब के सेवन के कारण हो सकता है। लेरिन्जाइटिस की वजह से होने वाली क्रोनिक सूजन स्वर तंत्रियों पर गाँठ (नोड्यूल) या पोलिप्स बनने का कारण बन सकता है।

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लेरिन्जाइटिस के कारण

इसकी प्रमुख वजह श्वसन तंत्र में संक्रमण या आम सर्दी जुकाम, बोलने, गाने या चिल्लाने के कारण स्वर तंत्रियों का अति प्रयोग; गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग जो रिफ्लक्स लेरिन्जाइटिस का कारण बनता है। धूम्रपान या धूम्रपान करने वाले किसी व्यक्ति के या प्रदूषित हवा के संपर्क में आना शामिल हैं। लेरिन्जाइटिस अगर संक्रमण के कारण हुआ है, तो संक्रामक होता है।

लेरिन्‍जाइटिस के लक्षण

लेरिन्‍जाइटिस या गला बैठने के सबसे आम संकेत और लक्षण आवाज बैठ जाना, आवाज बंद हो जाना या बोलने में गले में दर्द जैसी परेशानी होना आदि है। अतिरिक्त लक्षणों और संकेतों में गले में खुष्की और खराश, निगलने में दर्द और गले या गर्दन के फूलने का आभास होना शामिल हो सकते हैं। अगर लेरिन्जाइटिस एक संक्रमण के कारण हुआ है, तो संक्रमित व्यक्ति में बुखार, लिम्फ नोड्स (लिम्फ ग्रंथियों) में सूजन के लक्षण भी हो सकते हैं। शिशुओं या बच्चों में लेरिन्जाइटिस के अतिरिक्त संकेत और लक्षण क्रुप के साथ जुड़े हुए हैं और इसमें कर्कश ध्वनि वाली खाँसी व बुखार शामिल हैं।

लेरिन्‍जाइटिस से बचाव

  • धूम्रपान न करें, धुएं से आपका गला सूखता है और आपकी स्वर तंत्रियों में जलन पैदा करता है।
  • शराब और कैफीन का सीमित मात्रा में सेवन करें। इससे आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। खूब पानी पीएं।
  • तरल पदार्थ आपके गले में उपस्थित बलगम को पतला और आसानी से साफ होने में मदद करते हैं।
  • मसालेदार भोजन खाने से बचें। मसालेदार भोजन के कारण पेट में एसिड उत्पन्न हो सकता है और गले या भोजन नलिका (इसोफेगस) में जाकर सीने में जलन या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग का कारण बन सकता है।
  • अपने आहार में साबुत अनाज, फलों और सब्जियों को शामिल करें। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन सी शामिल होते हैं, जो बलगम झिल्ली को बनाये रखने में मदद करते हैं। ये बलगम झिल्ली गले को स्वस्थ बनाती हैं।

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