काला नमक या सेंधा नमक? जानें कौन सा नमक है सेहत के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद

शरीर में सूजन की समस्या है तो सेंधा नमक खाना चाहिए। पर अगर आपको अपच की समस्या हो रही है तो काला नमक खाना चाहिए। जानते हैं दोनों में बेहतर कौन है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 30, 2021
काला नमक या सेंधा नमक? जानें कौन सा नमक है सेहत के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद

नमक हमारे खाने में होना बेहद जरूरी है। पर नमक को लेकर ध्यान देने वाली बात ये है कि इसकी कमी हो या अधिकता दोनों ही सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वाद बढ़ाने वाले गुणों के अलावा, नमक कई शारीरिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नमक में मिलने वाले सोडियम ब्लड प्रेशर,  तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के कामकाज को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही ये शरीर में हाइड्रेशन बैलेंस करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। पर प्रश्न ये है कि आपको कौन से नमक का सेवन करना चाहिए। दरअसल, लखनऊ आयुर्वेदा क्लीनिक में कार्यरत डॉ. संजय शास्त्री की मानें तो, नमक शरीर में सूजन का कारण बनता है और ज्यादातर लोगों को इसी वजह से एडिमा की परेशानी होती है। इसलिए हमें नॉर्मल सफेद वाली आयोडीन नमक की जगह सेंधा नमक या काला नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। तो, आइए जानते हैं रोज के खाने में हमें इन दोनों में से कौन सा नमक ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। 

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काला नमक या सेंधा नमक? जानें कौन सा नमक है ज्यादा हेल्दी -Kala Namak vs Sendha Namak

काला नमक (Kala Namak)

समुद्री नमक सफेद रंग का होता है और इसे आयोडीनयुक्त बनाने के लिए किए गए प्रयोगों की वजह से ये कई बार शरीर के लिए नुकसानदेह हो जाता है। पर काला नमक जिसे हिमालयन काला नमक भी कहा जाता है ये खाने के लिए कई प्रकारों से फायदेमंद होता है। यह सूजन, कब्ज, एसिडिटी और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं का इलाज करने में मददगार है। इसमें 84 प्राकृतिक खनिज और पोषक तत्व होते हैं जो मानव शरीर के लिए आवश्यक हैं। इसका रंग काला से लेकर गहरा गुलाबी तक होता है। काला नमक शरीर के कई अन्य कार्यों में भी सहायता करने के लिए जाना जाता है, जैसे ब्लड शुगर को संतुलित रखना, ब्लड वेसेल्स के पीएच में सुधार करना और बॉवेल मूवमेंट को तेज करना। काला नमक के फायदे (Kala Namak benefits) की बात करें, तो 

-यह चाट, सलाद और चटनी में इस्तेमाल होने वाला नमक है क्योंकि काला नमक के उपयोग से सूजन, अपच, पेट दर्द, एसिडिटी और मतली आदि का इलाज किया जाता है। और ये सभी व्यंजन इसमें हमारी मदद करते हैं। 

-काला नमक कम संसाधित और कम आयोडीन युक्त होता है जो कि व्हाइट टेबल नमकी की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। 

-काला नमक एसिडिक नहीं बल्कि बेसिक गुणों वाला है। इसमें कुछ ऐसे खनिज मौजूद हैं जो कि एसिड रीफ्लक्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। 

-ये एक लैक्टेसिव की तरह भी काम करता है जो कि कब्ज की समस्या को दूर कर मल त्याग को आसान बनाता है। 

-काले नमक के फायदे इसकी पोटेशियम सामग्री के कारण होते हैं जो मांसपेशियों को आराम देने और ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं। पोटेशियम कई अन्य खनिजों के अवशोषण में सुधार करने में भी मदद करता है। साथ ही ये दिल से जुड़ी बीमारियों में भी फायदेमंद है। दरअसल, पोटेशियम ब्लड वेसेल्स को खोलने में मदद करते हैं और ब्लड सर्कपलेशन को आरामदायक बनाने में मदद करते हैं। 

-काले नमक में सोडियम की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। सोडियम की अधिकता से वाटर रिटेंशन होता है इसलिए काला नमक का उपयोग करना अच्छा होता है।

-काला नमक अपने एंटी इंफेल्मेटरी गुणों के कारण फटी एड़ी और डैमेज स्किन को ठीक करने में मदद करता है।

- यह अपने मोटे आकार और सफाई गुणों के कारण एक बहुत अच्छा स्क्रब है।

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सेंधा नमक (Sendha Namak)

सेंधा नमक, एक अलग प्रकार का नमक है जो कि समुद्र या झील के खारा पानी वाष्पित कर बनता है। इसका हल्का रंग सोडियम क्लोराइड के रंगीन क्रिस्टल के काराण होता है। इसे हिमालयन पिंक सॉल्ट के नाम से जाना जाता है और इसकी कई अन्य किस्में भी मौजूद हैं। सेंधा नमक आयुर्वेद में अत्यधिक मूल्यवान है, भारत में वैकल्पिक चिकित्सा जैसे ऑयुर्वेदा और होम्योपैथी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस परंपरा के अनुसार, सेंधा नमक कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जैसे सर्दी और खांसी का इलाज करना और पेट को स्वस्थ रखना। सेंधा नमक का उपयोग और लाभ (Sendha Namak benefits)की बात करें तो, 

-सेंधा हिमालयन नमक में कई ट्रेस मिनरल होते हैं जो शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करते हैं।

-सेंधा की प्रकृति में हीड्रोस्कोपिक है। ये शरीर क डिटॉक्स करने में मदद करता है।

-इसमें काला नमक की तुलना में थोड़ा कम आयोडीन होता है। 

-सेंधा नमक का उपयोग श्वसन रोगों के उपचार के लिए भी किया जाता है। जिन लोगों को बहुत ज्यादा कफ होता है वे अगर अपनी सुबह की पहली चाय में सेंधा नमक मिला कर पिएं तो, कफ आसानी से बाहर आ जाता है। 

-सेंधा नमक को आप हमेशा व्हाइट नमक की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और इससे आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कभी नहीं होगी। साथ ही जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उनके लिए भी ये नमक खाना रामबाण इलाज के रूप में काम करता है। ये ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है और इसे अचानक से बढ़ने से रोकता है। 

-महिलाएं जिन्हें वेरिकोस वेन्स की समस्या है या फिर उनके शरीर में सोडियम की अधिकता के कारण सूजन की समस्या का सामना करना पड़ता है, उनके लिए भी ये नमक खाना बेहद फायदेमंद है। 

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तो, कौन सा नमक है ज्यादा हेल्दी?

सेंधा नमक की अन्य किस्मों की तरह काले नमक में भी सामान्य नमक की तुलना में सोडियम की मात्रा कम होती है। इसलिए यह सेंधा नमक और काला नमक को एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनाता है क्योंकि अधिक सोडियम के सेवन से उच्च रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी, स्ट्रोक और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। पर काला नमक को आप रोज के खाने में इस्तेमाल नहीं कर सकते। आप इसे सलाद और चार्ट में इस्तेमाल कर सकते हैं पर अगर आप रेगुलर इसे इस्तेमाल करेंगे तो आपका पाचन क्रिया ओवर एक्टिव हो सकता है, जिससे आपका पेट खराब हो सकता है। वहीं सेंधा नमक के इस्तेमाल से आपको ये दिक्कत नहीं होगी। इसलिए रोज के रोटी, दाल और सब्जी आदि में आप सेंधा नमक का इस्तेमाल करें तो, ये ज्यादा बेहतर होगा। इसके अलावा सेंधा नमक सभी आवश्यक ट्रेस खनिज प्रदान करता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में काफी सुधार करता है। यह हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ता है और बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

तो, काला नमक हो या सेंधा नमक कोशिश करें कि दोनों को एक सीमित मात्रा में ही लें। इसके अलावा अगर आप टेबल सॉल्ट का सेवन कर रहे हैं, तो उससे बेहतर है कि आप सेंधा नमक का सेवन करें। तो, एक हेल्दी हार्ट और हेल्दी बॉडी के लिए आप इन दोनों नमक का सेवन कर सकते हैं।

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