Fri Oct 9, 2026 | 01:30 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

क्या गर्मियों में बादाम खाना सही है? एक्सपर्ट से जानें मात्रा, फायदे और खाने का तरीका

गर्मियों में बादाम खाने से लोग बचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि बादाम खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है। इस लेख में एक्सपर्ट ने बताया है कि गर्मियों में कितने बादाम खाने चाहिए और इसे खाने का सही तरीका क्या है?
क्या गर्मियों में बादाम खाना सही है? एक्सपर्ट से जानें मात्रा, फायदे और खाने का तरीकाक्या गर्मियों में बादाम खाना सही है? एक्सपर्ट से जानें मात्रा, फायदे और खाने का तरीका

आमतौर पर लोग गर्मियों में बादाम खाना नहीं चाहते, क्योंकि बादाम की तासीर गर्म होती है। इसलिए लोग मानते हैं कि इसे गर्म मौसम में खाने से शरीर को नुकसान हो सकता है। क्या सच में गर्मियों में बादाम नहीं खाना चाहिए? इस बारे में हमने Ms. Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से जाना। उन्होंने बताया कि बादाम में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, फाइबर, विटामिन E, कैल्शियम, मैग्नीशियम और कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। गर्मियों में शरीर को अतिरिक्त एनर्जी और न्यूट्रिशन की जरूरत होती है। ऐसे में अगर बादाम सीमित मात्रा में खाया जाए, तो शरीर को कई फायदे दे सकता है।

गर्मियों में बादाम खाना क्यों फायदेमंद है?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, “गर्मियों में बहुत ज्यादा पसीना आता है, जिससे शरीर में कमजोरी, थकान और डिहाइड्रेशन हो सकती है। ऐसे में बादाम खाने से शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। बादाम में मौजूद प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, गर्मियों में बादाम खाने के कई फायदे हैं।”

  • गर्मियों में तेज धूप और पसीने से स्किन ड्राई, डल और टैन हो सकती है। बादाम में मौजूद विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से न्यूट्रिशन देने में मदद करते हैं।
  • बादाम के हेल्दी फैट्स बालों की सेहत के लिए भी अच्छे माने जाते हैं।
  • बादाम में मौजूद मैग्नीशियम और हेल्दी ओमेगा फैट्स दिमाग के फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए गर्मियों में छात्रों और वर्किंग प्रोफेशनल्स को सीमित मात्रा में बादाम खाना फायदेमंद हो सकता है।

गर्मियों में बादाम खाने का सही तरीका क्या है?

मीना कुमारी ने बताया, “गर्मियों में बादाम को रात में भिगोकर रख दें। भीगे हुए बादाम का छिलका हटा दे, ताकि उसमें मौजूद टैनिन कम हो जाए। इससे शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है।”

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बादाम कितने खाने चाहिए?

मीना कुमारी के मुताबिक, “आमतौर पर रोज सुबह चार से छह भीगे हुए बादाम खाना काफी रहता है। वैसे जरूरत और शरीर की कंडीशन के अनुसार बादाम की मात्रा अलग भी हो सकती है, लेकिन एक हेल्दी व्यक्ति के लिए चार से छह बादाम काफी है।”

गर्मियों में बादाम कैसे खाए जा सकते हैं?

 मीना कुमारी के अनुसार, “बादाम सुबह खाली पेट, नाश्ते के साथ, फ्रूट बाउल या ठंडे दूध के साथ लिए जा सकते हैं। अगर आप फ्रूट्स की स्मूदी या जूस बनाते हैं, तो उसमें भी बादाम डाल सकते हैं।”

निष्कर्ष

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं कि गर्मियों में जरूरत से ज्यादा बादाम खाने से कुछ लोगों को शरीर में गर्मी, भारीपन, एसिडिटी या ब्लोटिंग महसूस हो सकती है। इसके अलावा, किडनी की बीमारी वाले लोगों या मेवों से एलर्जी वाले लोगों को बादाम खाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। गर्मियों में बादाम संतुलित मात्रा में लिए जाए, तो यह शरीर को बहुत फायदा पहुंचाते हैं।

FAQ

  • बादाम को कितनी देर तक भिगोना चाहिए?

    बादाम को कम से कम 8 से 10 घंटे तक भिगोना चाहिए। रात में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना सबसे अच्छा माना जाता है।
  • क्या बादाम खाने से वजन बढ़ता है?

    सीमित मात्रा में बादाम खाने से वजन नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे आप अनहेल्दी स्नैक्स खाने से बचते हैं।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 12, 2026 18:48 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 12, 2026 18:48 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari