हमारे यहां कई घरों में सरसों तेल कुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हमारे यहां सैलून से इस तेल का यूज हो रहा है। यही नहीं, स्किन और बालों के लिए भी सरसों का तेल अच्छा माना जाता है। सरसों के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों में मददगार साबित होते हैं। यहां यह सवाल भी उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी में भी कुकिंग के लिए सरसों के तेल का उपयोग किया जा सकता है? आइए, जानते हैं इस बारे में आयुर्वेदिक सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) क्या बताते हैं।
क्या प्रेग्नेंसी में सरसों के तेल का सेवन कर सकते हैं?- Is Mustard Oil Good During Pregnancy
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जैसा कि इसका जिक्र किया गया है कि सरसों के तेल में कई तरह के कंपाउंड पाए जाते हैं, जो हमारी ओवर ऑल हेल्थ को लाभ पहुंचाते हैं। तो क्या प्रेग्नेंसी में भी इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है? इस सवाल के जवाब में आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं, "प्रेग्नेंसी में आमतौर पर सरसों के तेल का सेवन करना फायदेमंद नहीं होता है। असल में एरुसिक एसिड और एलिल आइसोथियोसाइनेट तत्व पाए जाते हैं। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान हो सकता है। हालांकि, हमारे यहां कई इलाकों में इसी से खाना पकाया जाता है। मगर डॉक्टर सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंसी में कुकिंग के लिए अन्य हेल्दी विकल्पों को चुनना बेहतर होता है।"
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प्रेग्नेंसी में सरसों के तेल का सेवन क्यों न करें?- Why Mustard Oil Is Bad For Pregnancy
1. एरुसिक एसिड
सरसों के तेल में एरुसिक एसिड काफी मात्रा में पाया जाता है। कई अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हुई है कि एरुसिक एसिड का सेवन करने से हार्ट हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी में यह मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकता है।
2. केमिकल कंपाउंड
सरसों के तेल में एलिल आइसोथियोसाइनेट जैसे कंपाउंड होते हैं, जो कि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं। असल में यह कंपाउंड शिशु के विकास को बाधित करता है। जाहिर है, यह कंडीशन सही नहीं है।
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प्रेग्नेंसी में किस तेल से कुकिंग करें?
प्रेग्नेंसी में कई तरह के तेलों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे ऑलिव ऑयल तिल का तेल आदि। हमारे देश के कई क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए नारियल तेल का भी इस्तेमाल किया जाता है। आप चाहें, तो उसे उपयोग कर सकत हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह के ऑयल का उपयोग करने से पहले उसमें मौजूद कंपाउंड का ध्यान जरूर रखें। साथ ही, यह जानकारी रखें कि कहीं आपको किसी तेल विशेष से एलर्जी तो नहीं है।
निष्कर्ष
निःसंदेह हमारे यहां कई घरों में कुकिंग के लिए सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है। इससे खाने का स्वाद बढ़ता है, लेकिन प्रेग्नेंसी में कुकिंग के लिए इसका उपयोग करना सही नहीं है। डॉक्टर भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो शिशु के विकास को बाधित कर सकते हैं और गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को भी नुकसान हो सकता है। बेहतर है कि आप सरसों के तेल के बजाय सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल करें।
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FAQ
गर्भावस्था के दौरान कौन सा तेल लगाना सुरक्षित है?
प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं को स्किन ड्राइनेस और इचिंग की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में आप स्किन को नमी देने और स्ट्रेच मार्क्स कम करने के लिए नारियल तेल, बादाम तेल, जैतून का तेल यूज कर सकते हैं।सरसों का तेल हानिकारक क्यों है?
वैसे सरसों का तेल हानिकारक नहीं है। हां, अगर आप अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो इससे पेट खराब हो सकता है, दस्त या डायरिया की दिक्कत हो सकती है। इसमें आइसोथियोसाइनेट्स पाया जाता है, जो कि पाचन तंत्र में जलन पैदा कर सकते हैं। अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम पहले से ही कमजोर है, तो बेहतर है कि सरसों के तेल का सेवन न करें।सरसों का तेल किसे नहीं खाना चाहिए?
सरसों के तेल में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसका मतलब है कि हार्ट के मरीजों, प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्टफीड करा रही महिलाओं को इसका सेवन सीमित या डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।
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Dec 24, 2025 13:07 IST
Modified By : Meera Tagore Dec 24, 2025 13:07 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma