ग्रीन कॉफी बींस हैं वजन कम करने में सहायक, एक्सपर्ट से जानें कॉफी डाइट के बारे में सब कुछ

जिन लोगों को केवल ब्लैक कॉफी के बारे में पता हैं उन्हें बता दें कि इन दिनों ग्रीन कॉफी को भी काफी पसंद किया जा रहा है।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Dec 07, 2020Updated at: Dec 07, 2020
ग्रीन कॉफी बींस हैं वजन कम करने में सहायक, एक्सपर्ट से जानें कॉफी डाइट के बारे में सब कुछ

लोग ना जानें कितने समय से खुद को फिट रखने के लिए योग, एक्सरसाइज के साथ-साथ अपनी डाइट में ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी का सेवन कर रहे हैं। अगर आप भी इन लोगों में से एक हैं, अगर आप भी ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो बता दें कि आप इन दोनों के अलावा ग्रीन कॉफी को भी अपनी डाइट में जोड़ सकते हैं। अब सवाल ये है कि इसे कैसे लिया जाए? इसके लिए हमने आकाश हेल्थकेयर की न्यूट्रिशनिस्ट अनुजा गौर से बातचीत की। उन्होनें हमें ग्रीन कॉफी के साथ कॉफी डाइट के बारे में भी बताया। आज कल लोग फिट रहने के लिए कॉफी डाइट को फॉलो कर रहे हैं। इस डाइट में लोग ग्रीन और ब्लैक कॉफी, दोनों में से किसी एक को जोड़कर ये कॉफी डाइट को अपना रहे हैं ।

वहीं वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी ज्यादा मददगार है। इसके सेवन से मिलने वाले फायदों के कारण इन दिनों इसे काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अंदर भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं वे अगर इसका नियमित रूप से करते हैं तो उनका वजन 9 से 10 किलो तक कम हो सकता है। इसके लिए आपको किसी तरह की योगा, एक्सरसाइज भी नहीं करनी पड़ेगी। 

क्या है ग्रीन कॉफी बींन? ग्रीन कॉफी बनाने का क्या है तरीका? क्या है कॉफी डाइट? डाइट को लेते वक्त किन बातों का रखें ख्याल? इन सभी सवालों के जवाब आपको दिए जा रहे हैं। पढ़ते हैं आगे...

green coffee

ग्रीन कॉफी बींस क्या है?

कॉफी को दो तरीकों से बनाया जाता है। पहले तरीके में कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को चुनकर उन्हें रोस्ट किया जाता है। उसके बाद उन्हें अच्छे से पीसकर कॉफी तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान कॉफी का रंग हरा होने के बजाय भूरा हो जाता है। और स्वाद भी दोगुना हो जाता है लेकिन कॉफी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण नष्ट हो जाते हैं। वहीं अगर कॉफी को बिना भुने उसका पाउडर तैयार किया जाता है तो उसे ग्रीन कॉफी कहा जाता है। इसके अंदर मौजूद गुणकारी तत्व नष्ट नहीं होते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक नियमित रूप से 200 से 400 एमजी ग्रीन कॉफी का सेवन करने से शरीर को बेहद लाभ मिलता है।

कैसे बनाएं ग्रीन कॉफी

बता दें कि ग्रीन कॉफी को दो तरीकों से बनाया जाता है यह तरीके निम्न प्रकार हैं-

पहला तरीका- इस तरीके में थोड़ी देर ग्रीन कॉफी बींस को धूप में सुखाकर पीस लिया जाता है। इसके बाद पाउडर को उबलते पानी में 2 मिनट तक वॉयल करके छान लिया जाता है।

दूसरा तरीका- रात भर एक गिलास में 1 टीस्पून ग्रीन कॉफी बींस को भिगोकर रखें। अगले दिन इस पानी को ग्रीन टी या कॉफी की तरह उबालकर थोड़ा ठंडा करके इसे पिएं। शुरुआत में आप स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं लेकिन बाद में कोशिश करें कि आप इसका सेवन फीका ही करें। इससे शरीर को ज्यादा फायदा मिलेगा।

इसे भी पढ़ें- हड्डियों को मजबूत करे अंडे का सफेद हिस्सा, जानिए इसके और भी 5 फायदे

क्या है कॉफी डाइट

आजकल लोग डॉक्टर की सलाह पर कॉफी डाइट को फॉलो कर रहे हैं। इस डाइट में एक्सपर्ट कहते हैं कि एक व्यक्ति दिन में तीन कप ब्लैक कॉफी या ग्रीन कॉफी आराम से ले सकता है। लेकिन केवल उन ब्लैक कॉफी बींस का चुनाव करें जो हल्के भुने हुए हो और अच्छी क्वालिटी के हो क्योंकि उसमें कैफीन कम मात्रा में पाया जाता है। बता दें कि कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट (पॉलिफिनइल्स तत्व) मौजूद होता है, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है और यह कैंसर से बचाव में भी मददगार है। इसके अलावा कॉफी ब्लड सरकुलेशन में सुधार और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करती है।   

ब्लैक कॉफी बींस लेने का तरीका

कॉफी डाइट के अनुसार, ब्लैक कॉफी बींस को बिना दूध के पकाएं। हर दिन अपनी डाइट में ग्रीन या ब्लैक कॉफी को 3 कप कम से कम जरूर लें। इस डाइट में तली भुनी चीजें, कोल्ड ड्रिंक्स, रिफाइंड कार्ब्स आदि नहीं ले सकते। 

और क्या जोड़ें अपनी डाइट में

कॉफी डाइट में आप कॉफी के अलावा पोषक तत्वों से भरपूर फ्रूट्स, नट्स, हरी सब्जी आदि जोड़ सकते हैं। अगर आपको इस डाइट के दौरान पाचन संबंधित परेशानी नजर आती है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और सही डाइट प्लान बनवाएं। ध्यान दें कि अगर आप दो कॉफी ले रहे हैं तो बीच में कम से कम 3 घंटे का अंतर जरूरत रखें। शाम 5:00 बजे के बाद कॉफी का सेवन न करें। सोने से पहले कॉफी नहीं पीनी चाहिए। इससे आपको नींद ना आने की परेशानी हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- खील खाने से सेहत को होते हैं कई फायदे, जानिए खील से बनी 2 इंस्टेंट स्वादिष्ट रेसिपी

कुछ जरूरी बातें

  • बता दें कि ग्रीन कॉफी के अंदर अधिक मात्रा में क्लोरोजेनिक एसिड नाम का केमिकल मौजूद होता है, इसके माध्यम से अल्फा ग्लूकोसाइडेज को सक्रिय होने से रोका जा सकता है। मतलब खाना खाने के बाद यह कोशिकाओं में कार्बोहाइड्रेट को जमने से रोकता है, जिसके माध्यम से शरीर स्वस्थ रहता है।
  • ध्यान दें कि ग्रीन कॉफी बींस प्राकृतिक डिटॉक्स का काम भी करती हैं क्योंकि इसके सेवन से अतिरिक्त फैट, बैड कोलेस्ट्रॉल और लीवर से नकारात्मक जीवाणु बाहर आ जाते हैं इसी के साथ मेटाबॉलिज्म में सुधार इसी के माध्यम से लाया जा सकता है।
green coffee

कॉफी डाइट का बनाने से पहले यह बातें जाननी है जरूरी

  • अगर आप कॉफी डाइट को अपना रहे हैं तो पहले निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
  • सुबह खाली पेट ग्रीन कॉफी का सेवन करें, इसका असर तेजी से होता है।
  • अगर आप इसे दोपहर में ले रहे हैं तो खाने के 1 घंटे बाद या 1 घंटे पहले ही पिएं।
  • अगर आपकी पाचन क्रिया सही नहीं है तो उसका सेवन ना करें। ग्लूकोमा के मरीज इसका सेवन ना करें।
  • इसके अलावा एंग्जाइटी पीड़ित लोग इसके सेवन से बचें।

ग्रीन कॉफी बना रहे हैं तो इसमें चीनी या शहद का प्रयोग ना करें। साथ ही एक्सपर्ट दूध भी मिलाने के लिए मना करते हैं। इसे ऐसे ही पिया जाता है। एक्सपर्ट इसका सेवन 1 दिन में दो कप या तीन कप से अधिक लेने के लिए मना करते हैं। अगर आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करेंगे तोो शरीर में अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं ग्रीन कॉफी का सेवन ना करें। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Read More Articles on Healthy diet in hindi

Disclaimer