International Yoga Day: योग से जुड़े ये 7 झूठ जिनपर कभी न करें भरोसा, एक्‍सपर्ट से जानें क्‍या है इसकी सच्‍चाई

आज यानी 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के मौके पर हम आपको योग से जुड़े कुछ भ्रम और उनके तथ्‍यों के बारे में बता रहे हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiUpdated at: Jun 15, 2020 20:07 IST
International Yoga Day: योग से जुड़े ये 7 झूठ जिनपर कभी न करें भरोसा, एक्‍सपर्ट से जानें क्‍या है इसकी सच्‍चाई

हर साल 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2020) के रूप में मनाया जाता है। 2015 में यूनाइटेड नेशन द्वारा इस दिन की शुरूआत हुई। इस साल 6 वां अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के देश शामिल हो रहे हैं। भारत में भी योग दिवस मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी है। लेकिन कुछ लोगों में योग को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिसे दूर करना बहुत जरूरी है। आज योग दिवस के मौके पर हम आपको योग करने के फायदों और योग से जुड़ी 10 ऐसी भ्रांतियों के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में जानना बहुत जरूरी है।

नियमित योग करने के फायदे (Health Benefits Of Yoga) 

तन और मन को तंदरूस्‍त रखने के लिए ज्‍यादातर लोग योग, ध्‍यान और प्राणायाम करते हैं। योग आपके शरीर को लचीला बनाने के साथ, ढेरों फायदे देता है। योग शरीर में रक्‍त संचार को बेहतर बनाता है। साथ ही योग क्रियाएं कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, श्‍वसन संबंधी विकार, जोड़ो और अन्‍य शरीर के रोगो से हमें बचाता है। नियमित योगाभ्‍यास शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। योग को बच्‍चे, महिलाएं और वयस्‍क भी कर सकते हैं। हालांकि कुछ मामलों में योगाभ्‍यास के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अगर आपको किसी प्रकार की समस्‍या है तो एक्‍सपर्ट की सलाह के बगैर योगाभ्‍यास न करें। योग के विशेषज्ञ निर्भय राजपूत बता रहे हैं योग से जुड़ी भ्रांतियां और उसकी सच्‍चाई। 

योगाभ्‍यास से जुड़ी भ्रांतियां (Yoga Myth And Reality) 

भ्रम: योग करने के लिए शरीर लचीला होना चाहिए

आपने अक्सर लोगों से सुना होगा कि योग करने के लिए शरीर लचीला होना जरूरी है। जबकि ये बात बिल्‍कुल गलत है। योगाभ्‍यास के लिए इच्छाशक्ति का होना ज्‍यादा जरूरी है। योगाभ्‍यास से धीरे-धीरे शरीर खुद लचीली हो जाती है। यह आपके अभ्‍यास पर निर्भर करता है। 

भ्रम: पुरुषों को योग की जरूरत नहीं है 

ज्‍यादातर लोग यह मानते हैं कि पुरुषों को योगाभ्‍यास की जरूरत नहीं है। जो बिल्‍कुल झूठ है। योग पुरुषों, महिलाओं, बच्‍चों और बुजुर्गों को भी करना चाहिए। योग करने से आप स्‍वस्‍थ्‍य जीवन जी सकेंगे। 

भ्रम: योग एक धर्म विशेष की पूजा है 

योग को ज्‍यादातर लोग एक विशेष धर्म की पूजा से जोड़कर देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। योग आपके शरीर और मन को अंदरूनी ताकत देता है। योग पूजा नहीं है। योग शरीर और मन का मिलन है। 

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भ्रम: योग से कैलोरी बर्न नहीं होती है 

कुछ लोग ये मानते हैं कि जितनी कैलोरी ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज करके बर्न कर सकते हैं उतना योग से नहीं कर सकते हैं। जबकि ऐसा नहीं है। योग में कई ऐसे आसन हैं जिससे आप ज्‍यादा से ज्‍यादा कैलोरी बर्न कर सकते हैं। शरीर के फैट को घटा सकते हैं। इससे शरीर लचीला होता है। 

भ्रम: योग करने में समय ज्‍यादा लगता है 

आमतौर लोग ये सोचकर योग नहीं करते हैं कि इसे करने में समय ज्‍यादा लगेगा। जब तक पर्याप्‍त समय न हों योग करना संभव नहीं है। जबकि ये गलत धारणा है। योग करने के लिए 10 मिनट ही काफी है। इतने समय भी अगर आप रोजाना योग करते हैं तो इसके भी ढेरों फायदे मिलंगे। 

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भ्रम: योग पतले और फिट लोगों को ही करना चाहिए 

ये बात बिल्‍कुल गलत है। ऐसा नहीं है कि जो लोग शरीर से पतले और फिट हों वही योग कर सकते हैं। अगर आप मोटे हैं तो भी योग कर सकते हैं। आपको इसका लाभ जरूर मिलेगा। योग करने से शरीर फिट रहता है। मोटापा कम होता है। 

भ्रम: योग दर्द और चोट में नहीं कर सकते हैं 

योग को लेकर एक बात काफी प्रचलित है कि चोट या दर्द से पीड़ित व्यक्ति को योग नहीं करना चाहिए। जबकि ऐसा नहीं है। ऐसे लोग भी योग कर सकते हैं, लेकिन ये आप किसी प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। 

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