अब मच्छर ही खत्म करेंगे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां, ICMR और VCRC ने बनाए ये खास मच्छर

ICMR-VCRC के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे अब मच्छरों से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां खत्म होंगी।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 08, 2022Updated at: Jul 08, 2022
अब मच्छर ही खत्म करेंगे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां, ICMR और VCRC ने बनाए ये खास मच्छर

Mosquitoes to Control Dengue: बरसात का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का कहर शुरू हो जाता है। इस मौसम में मच्छर जनित बीमारियां (Vector Borne Diseases)- डेंगू, चिकनगुनिया और टाइफाइड का खतरा बढ़ जाता है। वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर (VCRC) एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है, जो न सिर्फ इन बीमारियों को कंट्रोल करने में कामयाब हो सकेगी बल्कि मच्छरों को खत्म करने का काम भी करेगी। दरअसल ICMR-VCRC के वैज्ञानिक डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों को खत्म करने के लिए एक ऐसा मच्छर तैयार कर रहे हैं, जो इन मच्छरों को पनपने से रोकेगा। इसे एडीज एजिप्टी मच्छरों को वोल्बाचिया बैक्टीरिया- डब्ल्यू-एमईएल और डब्ल्यू-एएलबीबी से संक्रमित कर तैयार किया जाएगा।  पुडुचेरी स्थित ICMR-VCRC के निदेशक डॉ अश्विनी कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में बताया, "इस तकनीक में मच्छर जनित बीमारियों को खत्म करने की अच्छी क्षमता है। इस प्रोजेक्ट की मंजूरी सरकार से मिलनी बाकी है।"

ऑस्ट्रेलिया से मंगाए गए अंडे

जानकारी के मुताबिक साल 2017 में आईसीएमआर और वीसीआरसी ने इस तकनीक पर काम करना शुरू किया था। ऑस्ट्रेलिया में इस तरह की रिसर्च पहले से चल रही थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय से 10 हजार अंडे मंगाए गए थे। इन अण्डों में एक खास तरह का बैक्टीरिया मिलाया गया था। आईसीएमआर के मुताबिक इस बैक्टीरिया के जाने के बाद मच्छरों के काटने पर डेंगू या चिकनगुनिया का खतरा नहीं रहता है। चार साल तक इस रिसर्च पर काम करने के बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर (VCRC) के शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट आईसीएमआर की एक्सपर्ट कमिटी को दी है।

Mosquitoes to Control Dengue

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आखिरी चरण में है ये शोध

आईसीएमआर द्वारा की जा रही ये शोध अपने आखिरी स्टेज में है। लैब में बनाए गए इन मच्छरों को अब किसी इलाके में छोड़कर यह देखा जाएगा कि इसका असर इंसानों पर कितना होता है। इसके बाद ट्रायल के दौरान अगर अच्छे परिणाम आते हैं तो सरकार इसे मंजूरी दे सकती है। गौरतलब हो दुनिया में सबसे पहले यह शोध ऑस्ट्रेलिया के मोनाश यूनिवर्सिटी में शुरू हुई थी। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड शहर में इन मच्छरों को प्रयोग के लिए छोड़ा गया था, जिसके बाद वैज्ञानिकों का दावा है कि उस इलाके में डेंगू के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं।

आपको बता दें कि, डेंगू एक ऐसी बीमारी हैं जो एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से होता है। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर पर चकत्‍ते बनने शुरू हो जाते हैं। जहां यह महामारी के रूप मे फैलता है वहां एक समय में अनेक प्रकार के विषाणु सक्रिय हो सकते है। डेंगू बुखार बहुत ही दर्दनाक और अक्षम कर देने वाली बीमारी है। इसमें मरीज के शरीर में दर्द बहुत ज्‍यादा होता है, इसलिए इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। डेंगू के लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उचित इलाज जरूर कराना चाहिए।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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