जीका वायरस से बचाव के लिए गर्भवती महिलाएं रखें खास ध्यान, जानें इसके लक्षण, खतरे और जरूरी सावधानियां

जीका वायरस एक मच्छर जनित रोग है। बुखार, मांसपेशियों में दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं। जानें गर्भवती महिलाओं को इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए- 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 28, 2021
जीका वायरस से बचाव के लिए गर्भवती महिलाएं रखें खास ध्यान, जानें इसके लक्षण, खतरे और जरूरी सावधानियां

जीका वायरस क्या है (What is Zika virus)? जीका वायरस एडीज मच्छर से फैले एक वायरस की वजह से होता है, यह मच्छर आमतौर दिन के समय काटता है। यह वही मच्छर है, जो डेंगू और चिकनगुनिया फैलाता है। वैसे तो जीका वायरस को आसानी से ठीक किया जा सकता है, लेकिन गर्भवती या प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए और उनके भ्रूण के लिए यह खतरनाक हो सकता है। 

जीका वायरस के मच्छर से गर्भवती महिलाओं, प्रजनन उम्र की महिलाओं और छोटे बच्चों को खासकर बचाकर रखना चाहिए। इसका असर गर्भावस्था में उनके अंदर पल रहे भ्रूण पर भी पड़ सकता है। जीका वायरस गर्भवती महिलाओं से उसके भ्रूण में जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को इसका अधिक खतरा होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस वायरस से बचाव के लिए खास सावधानी अपनानी चाहिए। कोलंबिया एशिया व्हाइटफील्ड की कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर श्रुति आर्य से जानें जीका वायरस के लक्षण, बचाव टिप्स। जीका वायरस कैसे फैलता है, यह भी जानें- 

zika virus

(image : imom.com)

जीका वायरस के लक्षण (Zika virus symptoms)

जिस तरह से डेंगू के मच्छर काटने पर व्यक्ति में कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, उसी तरह से जीका वायरस के मच्छर काटने पर भी व्यक्ति या रोगी में कुछ लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जीका वायरस के लक्षण भी डेंगू और मलेरिया के समान ही होते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • बुखार और खांसी
  • आंखों में लाली
  • मांसपेशियों में दर्द
  • जोड़ों में दर्द होना
  • सिरदर्द
  • बेचैनी महसूस होना
  • शरीर पर लाल दाने निकलना

जीका वायरस के ये लक्षण 2-7 दिनों तक रह सकते हैं और इससे संक्रमित अधिकतर लोगों में लक्षण ही नजर नहीं आते हैं। ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करके इसकी जांच करवानी चाहिए। तरल पदार्थ, आराम और दवाइयों से जीका वायरस के लक्षणों में कमी की जा सकती है। 

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जीका वायरस कैसे फैलता है?

  • मच्छर के काटने (Mosquito bite)
  • मातृ भ्रूण संचरण (Maternal fetal transmission)
  • शारीरिक संबंध बनाने (physical relation)
  • रक्त - आधान (Blood transfusion)
  • अंग प्रत्यारोपण (Organ transplantation)

मच्छर के काटने और नैदानिक अभिव्यक्ति की शुरुआत के बीच ऊष्मायन अवधि आमतौर पर 2 से 14 दिनों की होती है।

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गर्भवती महिलाएं- इस तरह करें जीका वायरस से अपना बचाव (How to Prevent Zika virus in pregnancy)

  • जीका वायरस से बचाव के लिए सबसे जरूरी है अपने घर और घर के आस-पास सफाई रखी जाए। 
  • घर में पानी जमा न होने दें और कोशिश करें कि घर के आसपास भी मच्छर पैदा न हो।
  • घर या उसके आसपास कहीं पानी जमा है, तो उसे तुरंत साफ कर दें।
  • घर और घर के बाहर अपने पूरे शरीर को कवर करके रखें। फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें, शरीर को कही से भी नग्न न छोड़ें।
  • रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • अगर आपका पार्टनर किसी ऐसी जगह से आ रहा है, जहा जीका वायरस फैला है तो कम से कम आठ सप्ताह तक शारीरिक संबंध न बनाएं। ऐसा करने से संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है। ऐसे में आपको अधिक खतरा हो सकता है।
  • जीका वायरस से बचाव के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें आप नारियल पानी, फलों का जूस और पानी का सेवन कर सकते हैं।
  • पूरा आराम करें और भरपूर नींद लें। अधिक थकान होने वाले कार्य को करने से बचें।
  • जीका वायरस से बचने के लिए समय-समय पर मच्छरों को मारने वाले स्प्रे का छिड़काव करते रहें।

जीका वायरस का खतरा

जीका वायरस से मरीज के मौत होने की आशंका न के बराबर या बहुत कम होती है। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, सामान्य रहने पर इसका इलाज घर पर ही किया जा सकता है। इसका सबसे अधिक खतरा गर्भवती महिलाओं को होता है, क्योंकि इसका असर उनके भ्रूण पर भी पड़ता है। गर्भावस्था में जीका वायरस होने पर गर्भपात और मृत शिशु के जन्म लेने का खतरा रहता है। इसलिए ऊपर बताए गए बचाव टिप्स को अपनाकर गर्भवती महिलाओं को खुद को जीका वायरस से बचाकर रखना चाहिए।

जीका वायरस का अभी तक कोई इलाज और वैक्सीन नहीं है, लेकिन सामान्य दर्द और बुखार की दवाइयों से इसका निदान किया जा सकता है। लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही इसकी मेडिसिन लें।

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