Doctor Verified

टीनएज में सिगरेट की लत खराब कर सकती है सेहत, जानें धूम्रपान की आदत से बच्चे को कैसे बचाएं

अगर आपका बच्‍चा स‍िगरेट की लत का श‍िकार है तो उसे छुड़ाने के ल‍िए आप कुछ आसान ट‍िप्‍स फॉलो कर सकते हैं 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 25, 2022Updated at: May 30, 2022
टीनएज में सिगरेट की लत खराब कर सकती है सेहत, जानें धूम्रपान की आदत से बच्चे को कैसे बचाएं

आज के समय में युवा वर्ग और टीनएजर्स में स‍िगरेट पीने की लत बढ़ती जा रही है, स‍िगरेट का सेवन क‍िसी के ल‍िए भी फायदेमंद नहीं होता है और जब बात बच्‍चों की हो तो उनमें रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बड़ों से कम होती है साथ ही टीनएज में हार्मोनल बदलाव के कारण बच्‍चों के शारीर‍िक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव आता है ज‍िसे ध्‍यान में रखते हुए भी हमें टीनएजर्स पर ध्‍यान देना चाह‍िए और अगर वे धूम्रपान की लत का श‍िकार हैं तो आपको उन्‍हें इस लत से बाहर न‍िकालना चाह‍िए ज‍िसमें आप डॉक्‍टर और एक्‍सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं। इस लेख में हम टीनएज में स‍िगरेट पीने के नुकसान और इस लत से बच्‍चे को बचाने के तरीकों पर बात करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Asian Heart Institute, Mumbai के Senior Cardiologist, Dr Santosh Kumar Dora से बात की।

smoking teens        

स्‍मोक‍िंग पीने के नुकसान (Side effects of smoking for teens)

स्मोक‍िंंग सेहत के ल‍िए हान‍िकारक होता है, धूम्रपान का सेवन बड़ों से ज्‍यादा बच्‍चों के ल‍िए हान‍िकारक होता है। जान लें इसके 

1. सांस लेने की समस्‍या 

कि‍शोरों को सांस लेने और व्‍यायाम करने में परेशानी हो सकती है। ज‍िन बच्‍चों को ज्‍यादा स‍िगरेट पीने की लत होती है उन्‍हें सांस लेने की समस्‍या हो सकती है खासकर ज‍िनके घर में अस्‍थमा की ह‍िस्‍ट्री रही है उन बच्‍चों को ज्‍यादा द‍िक्‍कत हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- इमली की पत्तियों से बढ़ाएं स्किन की खूबसूरती, इस तरह करें इस्तेमाल

2. हार्ट रेट बढ़ना  

स‍िगरेट पीने से बच्‍चे का हार्ट रेट बढ़ सकता है। स्‍मोक‍िंंग करने से दि‍ल प्रत‍ि म‍िनट 10 से 25 म‍िनट से ज्‍यादा तेज धड़कता है। अगर आपका बच्‍चा स‍िगरेट पीता है तो उसकी आदत जल्‍द से जल्‍द उसे डॉक्‍टर के पास लेकर जाएं। स‍िगरेट पीने के बाद बीपी में बदलाव होने लगता है। बीपी बढ़ने से शरीर में न‍िकोट‍िन का नॉर्मल रेंज बढ़ जाता है। अगर बच्‍चे स‍िगरेट का सेवन ज्‍यादा करेंगे तो उनकी स्‍क‍िन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।

4. बीपी बढ़ सकता है 

स‍िगरेट का सेवन करने से बीपी बढ़ सकता है। अगर आप स‍िगरेट का सेवन करते हैं बच्‍चे का बीपी बढ़ सकता है और कम उम्र में ज्‍यादा बीपी बढ़ने से बच्‍चे को अन्‍य समस्‍याएं भी हो सकती हैं जैसे सांस लेने में समस्‍या, थकान महसूस होना, स‍िर में दर्द की समस्‍या आ‍द‍ि।

इसे भी पढ़ें- दूध पीने में आनाकानी करते हैं बच्चे? घर पर बनाएं ये स्वादिष्ट म‍िल्‍क ड्र‍िंक पाउडर, मिलेंगे कई फायदे

5. कैंसर 

स्‍मोक‍िंंग का सेवन करने से बच्‍चों को आगे जाकर कैंसर का खतरा हो सकता है। लंग कैंसर, ओरल कैंसर, यूर‍िनरी ब्‍लैडर कैंसर, सर्व‍िकल कैंसर, क‍िडनी कैंसर आद‍ि का खतरा आगे जाकर हो सकता है इसल‍िए बच्‍चे को स्‍मोक‍िंग से दूर रखें। 

तंबाकू से हार्ट में हो सकता है ब्‍लॉकेज 

डॉ संतोष ने बताया क‍ि तंबाकू का सेवन करने से हार्ट में ब्‍लॉकेज की समस्‍या बढ़ सकती है। अगर आपका बच्‍चा स‍िगरेट पीने की लत का श‍िकार है तो उसे कम उम्र में हार्ट अटैक का र‍िस्‍क बढ़ सकता है। तंबाकू का ज्‍यादा सेवन करने से हार्ट में कई जगह ब्‍लॉकेज बढ़़ सकते हैं जो आपके हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए अच्‍छा साइंन नहीं है।         

स‍िगरेट की लत से बच्‍चे को कैसे बचाएं?

  • अगर बच्‍चे के कपड़े या सांस से तंबाकू की स्‍मेल आ रही है तो समझ जाएं क‍ि आपका बच्‍चा तंबाकू की लत का श‍िकार है। अगर आपके बच्‍चे के नाखून या हाथ नीले नजर आते हैं या होंठ नीले और काले हो जाते हैं तो भी ये स्‍मोक‍िंग पीने के लक्षण हो सकते हैं। आप इन तरीकों से बच्‍चे के स‍िगरेट पीने की लत छुड़वा सकते हैं- 
  • स‍िगरेट की लत छुड़ाने के ल‍िए आप बच्‍चे को अलग-अलग एक्‍ट‍िव‍िटीज में ब‍िजी रखें। आपको उसे ज्‍यादा से ज्‍यादा समय के ल‍िए अच्‍छे काम के बीच ब‍िजी रखना है।
  • बच्‍चों में स‍िगरेट की लत को छुड़ाने के ल‍िए आपको पेर‍िट‍िंंग ट‍िप्‍स को भी फॉलो करना होगा क्‍योंक‍ि इस उम्र में बच्‍चे ज‍िद्दी होते हैं आप उन्‍हें डाटकर आदत नहीं छुड़वा सकते, इस दौरान प्‍यार से पेश आएं और उनसे खुलकर इस बारे में बात करें।     
  • इसके अलावा आप स‍िगरेट की लत छुड़ाने के ल‍िए मेड‍िकल काउंसलर की मदद भी ले सकते हैं। आपको बच्‍चे को स‍िगरेट की लत छुड़ाने के ल‍िए बच्‍चे को स‍िगरेट पीने के नुकसान के बारे में भी जानकारी देनी चाह‍िए।  

 स‍िगरेट के अलावा बच्‍चे पान, बीड़ी, हुक्‍का आद‍ि का भी श‍िकार हो सकते हैं ज‍िससे बचाने के ल‍िए आपको बच्‍चे की काउंसल‍िंंग करनी चाह‍िए या जरूरत पड़ने पर एक्‍सपर्ट की मदद लेनी चाह‍िए।  

Disclaimer