ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो 20-30 की उम्र में इन 10 बातों का रखें ध्यान

कमर दर्द और हड्डियों में कहीं भी दर्द रहना ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण हो सकते है। ऐसे में इन टिप्स की मदद से कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस से बचना चाहिए।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Oct 18, 2021Updated at: Oct 18, 2021
ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो 20-30 की उम्र में इन 10 बातों का रखें ध्यान

ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) हड्डियों से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डी अंदर से खोखली होने लगती है। इससे हड्डियां तेजी से कमजोर हो जाती हैं और दर्द व फ्रैक्चर की शिकार हो सकती हैं। पर ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि हड्डियों की बीमारियां सिर्फ बढ़ती हुई उम्र में होती है। जबकि ऐसा नहीं है। आज कल हमारी खराब होती लाइफस्टाइल भी हमारी हड्डियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है और इसे अंदर से खोखला करती है। जिसके कारण 20 से 30 की उम्र में भी लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि इस उम्र में हड्डियों के स्वास्थ्य को खास ध्यान देना चाहिए। इसी बारे में हमने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनिल कुमार, ज्वाइंट एंड बोन क्लीनिक, पटना से बात की। उन्होंने हमें इस उम्र में ध्यान देने वाली कुछ अनहेल्दी आदतों के बारे में बताया जो कि हमारे बोन हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने हमें 10 टिप्स भी दिए जिनकी, मदद से हम 20 से 30 की उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस से बच सकते हैं। 

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20 से 30 की उम्र में कैसा होता है हमारी हड्डियों का स्वास्थ्य

20 से 30 की उम्र में हमारी हड्डियां अंदर से मजबूत होती हैं और उनका बोन मॉस भी सही होता है। पर आज कल जब हमारी लाइफस्टाइल खराब है और हमारा सोने-जाने और खाने-पीने का तरीका सही नहीं है तो हमें हड्डियों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। जी हां, फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण हमारी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और अपना हेल्दी मास धीमे-धीमे खो सकती हैं। इसके अलावा डाइट में कैल्शियम की कमी या फिर शरीर में कैल्शियम को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों का ज्यादा सेवन करना भी आपके  हड्डियों का स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। इसके अलावा विटामिन डी की कमी और पुरुषों और महिलाओं में तेजी होता हार्मोनल बदलाव भी ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बनता है। ऐसे में जरूरी है कि हड्डियों को मजबूती देने के लिए और ऑस्टियोपोरोसिस से बचे रहने के लिए हमें इन बातों का भी खास ध्यान देना चाहिए। 

ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो 20-30 की उम्र में इन 10 बातों का रखें ध्यान-How to Prevent osteoporosis between 20 to 30 

1.  कैल्शियम से भरपूर चीजों का करें सेवन

ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में हड्डियों का घनत्व तेजी से कम होता है। यानी कि हड्डियां अंदर से खोखली होती जाती हैं। ऐसे में कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम कर सकता है। साथ ही कैल्शियम हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं जिससे ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों में कमी लाने में मदद मिल सकती है। ऐसे में आप 

-20-30 की उम्र में रोजाना दही और दूध का सेवन करना चाहिए। 

- इम उम्र के लोग सब्जियों और साग खाने पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में हरी सब्जियां खास कर कि गहरे हरे रंग के साग जरूर खाएं।

-टोफू का सेवन करें क्योंकि उसनें कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है।

-बीन्स खाएं। 

-खट्टे फल खाएं।

-शरीर के कैल्शियम नुकसान पहुंचाने वाले बाहरी खाद्य पदार्थों को खाने से बचें।

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2. विटामिन डी 

पर्याप्त विटामिन डी लेना आपकी हड्डियों में कैल्शियम के अवशोषण और उनकी बनावट को बेहतर बनाने में मदद करती है। अमेरिकन अकैडमी ऑफ़ ओर्थोपेडिक सर्जन्स (american academy of orthopaedic surgeons) की मानें तो, विटामिन डी की कमी से कम उम्र में लोगों को घुटने का दर्द और जोड़ों का दर्द होता है। साथ ही गाउट की समस्या भी विटामिन डी से जुड़ी होती है। इसलिए आपको विटामिन डी की कमी से बचना चाहिए। हालांकि इसके लिए कोई उपयुक्त खाद्य पदार्थ नहीं है। सुबह की पहली धूप कुछ हद तक विटामिन डी देती है पर जब आपको ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण होंगे तो डॉक्टर आपको विटामिन डी सप्लीमेंटेंस दे सकते हैं। 

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3. प्रोटीन और पोटेशियम का सेवन

बचपन से आप जानते होंगे कि हेल्दी बोन्स के लिए शरीर में प्रोटीन की एक अच्छी मात्रा होना बेहद जरूरी है। दरअसल, हड्डियां खनिजों और कैल्शियम से जुड़े प्रोटीन स्ट्रैंड्स से जुड़ी हुई होती हैं, इसलिए मजबूत हड्डियों के लिए प्रोटीन जरूरी है। इसके लिए प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करें। साथ ही बहुत कम लोग जानते हैं कि  पोटेशियम कैल्शियम चयापचय में सुधार करता है। वयस्कों को प्रति दिन 4,700 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है, लेकिन अक्सर लोगों में इसकी कमी होती है। ऐसे में आप पोटेशियम से भरपूर केला, टमाटर, किशमिश और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। 

4. फिजिकल एक्टिविटी करें

फिजिकल एक्टिविटी को ना करना आपकी हड्डियों की सेहत के को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में वॉकिंग, डांसिंग, एरोबिक्स और घर के छोटे-छोटे कामों को करने जैसी गतिविधियां भी आपकी हड्डियों को काम पर रखती है, रीमॉडेलिंग को उत्तेजित करती हैं और हड्डी को मजबूत रखती हैं। इसलिए ध्यान रखें कि फिजिकली एक्टिव जरूर रहें। 

5. स्मोकिंग से बचें

तंबाकू के उपयोग से महिलाओं और पुरुषों दोनों के हड्डियों का नुकसान होता है।साथ ही अगर किसी में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण नजर आ रहे हैं तो, ये उसे और बढ़ा सकता है। जैसे कि हाथों के दर्द, जोड़ों के दर्द और घुटनों का दर्द आदि। साथ ही कुछ लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस के कारण ये कमर दर्द को भी बढ़ावा देता है। 

6. शराब और कैफीन के ज्यादा सेवन से बचें

शराब और कैफीन को अधिक मात्रा में लेने आपकी हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है। इससे कम उम्र में आप आसानी से ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं। साथ ही शराब और कैफीन के ज्यादा सेवन से हड्डियों के कैल्शियम का नुकसान भी होता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण बढ़ने लगते हैं। 

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7. महिलाएं एक्ट्रोजन के लेवल का रखें खास ध्यान

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा अधिक होता है क्योंकि होर्मोनल हेल्थ हड्डियों के घनत्व को प्रभावित करते हैं। स्वस्थ हड्डियों के लिए महिला हार्मोन एस्ट्रोजन आवश्यक है। कई बार खराब जीवन शैली के कारण एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है। इससे हड्डियों के घनत्व में तेजी से कमी आ जाती है। 

8. पुरुष टेस्टोस्टेरोन के लेवल का रखें खास ध्यान

पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस का कुछ खास कारण तो नहीं है पर मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन,  हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। दरअसल, स्मोकिंग, स्ट्रेस और कुछ दवाइयां  जैसे स्टेरॉयड टैबलेट टेस्टोस्टेरोन के लेवल को प्रभावित करते हैं। इससे पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

9. तनाव कम करें

तनाव ग्रोथ हार्मोन को असंतुलित करता है। लंबे समय तक शरीर में स्ट्रेस बने रहने से हड्डियों का नुकसान हो सकता है। इससे हड्डियां तेजी से अपना बोन मास खो देती हैं और धीमे-धीमे कमजोर होने लगती हैं। साथ ही तनाव खराब मेटाबोलिज्म और हार्मोनल असंतुलन से भी जुड़ा हुआ है जो कि हड्डयों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

10. एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। खास कर कि हड्डियों के स्वास्थ्य से तो ये पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो पूरा शरीर फिट रहता है और हड्डियां लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रहती हैं। 

तो, इस तरह इन 10 बातों का ध्यान रख कर आप कम उम्र से ही  ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी से बच सकते हैं। साथ ही अगर आपकी हड्डियों में अभी से ही कट-कट की आवाज आ रही हो, जोड़ों में दर्द रहता हो या फिर कमर दर्द और हथेलियों में दर्द रहता हो तो आपको ऑस्टियोपोरोसिस की जांच करवानी चाहिए।

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