कैंसर मरीजों के लिए इंफेक्शन से बचाव के जरूरी टिप्स, किसी भी अंग में हो कैंसर, ऐसे बरतें सावधानी

कैंसर के मरीजों में इंफेक्‍शन होने का ज्‍यादा डर रहता है, अगर आपके घर में कोई कैंसर का मरीज है तो इन तरीकों से उसे इंफेक्‍शन से बचा सकते हैं

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Jul 26, 2021 01:26 IST
कैंसर मरीजों के लिए इंफेक्शन से बचाव के जरूरी टिप्स, किसी भी अंग में हो कैंसर, ऐसे बरतें सावधानी

ज‍िन लोगों को कैंसर होता है या कैंसर के दौरान ज‍िनकी कीमोथैरेपी होती है उनकी इम्‍यून‍िटी कमजोर हो जाती है क्‍योंक‍ि इम्‍यूनि‍टी बढ़ाने वाले वाइट ब्‍लड सैल्‍स कम हो जाते हैं।। रोग प्रत‍िरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। हमारी बॉडी में कई तरह के सैल्‍स होते हैं जो इंफेक्‍शन से लड़ने में हमारी मदद करते हैं पर अगर ये सैल्‍स कीमोथैरपी में रेड‍िएशन के दौरान कैंसर सैल्‍स के साथ नष्‍ट हो जाएं तो बॉडी में इंफेक्‍शन का खतरा पैदा हो जाएगा। कैंसर मरीजों को बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन या वायरस इंफेक्‍शन का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है। इस लेख में हम कैंसर के दौरान इंफेक्‍शन के कारण और बचने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

cancer

कैंसर के दौरान क‍िस तरह का इंफेक्‍शन हो सकता है? (Types of infection during cancer)  

कैंसर के दौरान क‍िसी भी तरह का इंफेक्‍शन हो सकता है जो जर्म्स, बैक्‍टीर‍िया या वायरस के कारण हुआ हो। अगर इंफेक्‍शन वायरस के कारण हुआ है तो मरीज को हर्पीज, फ्लू या कोल्‍ड हो सकता है। अगर इंफेक्‍शन बैक्‍टीरि‍या के कारण हुआ है तो मरीज को न‍िमोन‍िया के लक्षण, यूटीआई या कान में इंफेक्‍शन हो सकता है। वहीं अगर जर्म्स के कारण शरीर में इंफेक्‍शन हुआ है तो बुखार, ट‍िशू या ऑर्गन डैमेज की समस्‍या हो सकती है। अगर इंफेक्‍शन गंभीर हो जाए तो मरीज को सेप्‍स‍िस (sepsis) भी हो सकता है। ये एक जानलेवा बीमारी है इसल‍िए समय पर इंफेक्‍शन का इलाज जरूर करवाएं।

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कैंसर के मरीजों के ल‍िए इंफेक्‍शन एक गंभीर समस्‍या क्‍यों है? (Infection is a cause of concern during cancer)

cancer and infection

अगर आपकी उंगली कट जाए तो वो कुछ द‍िन में ठीक हो जाएगी पर कैंसर के मरीजों के साथ ऐसा नहीं है। अगर क‍िसी तरह का घाव है तो उसे ठीक करना और इंफेक्‍शन से बचाना जरूरी है क्‍योंक‍ि ऐसे घाव में इंफेक्‍शन हो सकता है। अगर आपके घर पर कैंसर का मरीज है और उसकी सर्जरी हुई है तो घाव को इंफेक्‍शन से बचाकर रखें क्‍योंक‍ि ऐसे घाव में इंफेक्‍शन होने का डर ज्‍यादा रहता है। कीमोथैरेपी में रेड‍िएशन के कारण स्‍क‍िन सैल्‍स डैमेज हो जाते हैं ज‍िसके कारण स्‍क‍िन में भी इंफेक्‍शन हो सकता है। डॉ सीमा यादव ने बताया क‍ि अगर एक थैरेपी के बाद इंफेक्‍शन के लक्षण है तो दूसरा सैशन शुरू होने से पहले इंफेक्‍शन खत्‍म करना जरूरी है। इसके साथ ही हो सकता है डॉक्‍टर एंटीबायोट‍िक्‍स का डोज़ बदलें ज‍िन्‍हें पेट में समस्‍या, रैशेज या अन्‍य समस्‍या हो रही हो।

कैंसर के मरीजों को कोरोना वायरस से भी रखें सुरक्षित 

अगर आपके घर में कोई कैंसर का मरीज है तो उसे कोव‍िड 19 वायरस से भी सुरक्ष‍ित रखने की जरूरत है क्‍योंक‍ि कैंसर मरीजों को कोव‍िड का ज्‍यादा खतरा है। उनकी गंभीर स्‍थित‍ि के बीच कोव‍िड होना खतरे का संकेत होगा इसल‍िए कोव‍िड के सभी न‍ियमों का पालन करें और कैंसर मरीज से करवाएं।

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कैंसर में कीमोथैरेपी से इम्‍यून‍िटी घट जाती है? 

infection in cancer

कैंसर के मरीजों को इंफेक्‍शन का डर इसल‍िए भी होता है क्‍योंक‍ि इस थैरेपी में बॉडी से कैंसर सैल्‍स के साथ-साथ अच्‍छे सैल्स भी कम होने लगते हैं जिसके कारण इम्‍यून‍िटी कमजोर हो जाती है। हमारे शरीर में वाइट ब्‍लड सैल्‍स हमें इंफेक्‍शन से बचाने में मदद करते हैं। अगर आप कैंसर मरीज हैं तो कीमोथैरेपी के कारण ये सैल्‍स खत्‍म होने लगते हैं और शरीर में आसानी से इंफेक्‍शन हो सकता है। कैंसर मरीजों में वाइट ब्‍लड सैल्‍स की कमी से कीटाणु आसानी से शरीर में आ जाते हैं और इंफेक्‍शन का कारण बनते हैं। रोग प्रत‍िरोधक क्षमता कम होने के कारण बॉडी इन कीटाणु से लड़ नहीं पाती और कैंसर का मरीज बीमार पड़ सकता है इसल‍िए उसे कैंसर के दौरान इंफेक्‍शन से बचाना जरूरी है।

कैंसर मरीजों को न्‍यूट्रोपेन‍िया के कारण हो सकता है इंफेक्‍शन (Neutropenia during cancer)

न्‍यूट्रोपोन‍िया (neutropenia) क्‍या होता है? ये एक तरह का ब्‍लड ड‍िसऑर्डर है ज‍िसमें शरीर के अंदर न्युट्रोफिल की कमी हो जाती है। इस कमी के कारण शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्‍यून‍िटी कम हो जाती है और इस कारण इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। न्‍यूट्रोफ‍िल यानी वाइट ब्‍लड सैल्‍स की कमी को ही न्‍यूट्रोपोन‍िया कहते हैं।

कैंसर मरीज का तापमान जरूर चेक करें (Fever during cancer)

बुखार होने से इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ सकता है इसल‍िए कैंसर के मरीज का तापमान समय-समय पर चेक करते रहना चाह‍िए। अगर तापमान 100 से ज्‍यादा है या ठंड लग रही है तो डॉक्‍टर से सलाह लें। डॉक्‍टरों के मुताब‍िक कीमोथैरेपी के दौरान बुखार एक तरह की मेड‍िकल इमरजैंसी होती है इसल‍िए ऐसी स्‍थित‍ि आने पर तुरंत अस्‍पताल पहुंचें।

कैंसर के मरीज को इंफेक्‍शन से कैसे बचाएं? (How to prevent infection during cancer)

prevention from infection

  • कीमोथैरेपी के दौरान हाथों में गंदगी से इंफेक्‍शन ज्‍यादा फैलने का डर रहता है इसल‍िए कैंसर के मरीज के हाथों को साफ रखें। 
  • कीमोथैरेपी के दौरान भी मरीज को इंफेक्‍शन का खतरा होता है अगर आपको क‍िसी तरह के कोई लक्षण नजर आएं तो डॉक्‍टर के पास तुरंत जाएं।
  • अगर आपके घर में कोई कैंसर का मरीज है तो उसके बर्तन अलग रखें और बर्तनों को गरम पानी में उबालकर साफ करें। 
  • कैंसर के मरीजों को सेहतमंद खाना और हाइड्रेशन की जरूरत होती है।
  • डॉक्‍टर की सलाह पर जरूरी वैक्‍सीन लगवाएं ताक‍ि मरीज की इम्‍यून‍िटी बनी रहे।
  • कैंसर के मरीज को भीड़ वाले इलाके में ले जाने से बचें, वहां इंफेक्‍शन का डर हो सकता है।
  • कैंसर के मरीजों के कपड़े या कोई भी चीज़ जैसे बैडशीट या तौल‍िए को साबुन और पानी के अलावा ड‍िसइंफेक्‍टेंट से भी क्‍लीन करें। 
  • अगर आपके घर में कैंसर मरीज है तो उसे पालतू जानवरों से दूर रखें, इससे इंफेक्‍शन हो सकता है। 
  • कैंसर मरीज के पास पौधा या फूल न रखें, उससे भी मरीज को इंफेक्‍शन का खतरा हो सकता है। 
  • अगर आप कैंसर मरीज का ध्‍यान रखते हैं तो उनके पास सफाई बनाए रखें और ग्‍लब्‍स और मास्‍क पहनकर ही कैंसर मरीज की मदद करें।

अगर आप कैंसर के मरीज हैं या कोई अन्‍य व्‍यक्‍त‍ि ज‍िसे कैंसर है और उसे इंफेक्‍शन के लक्षण नजर आ रहे हैं तो देरी न करें आपको तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

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