How To Series: गर्मी में पसीने की दुर्गंध से कैसे पाएं छुटकारा? एक्सपर्ट से जानें 4 आसान उपाय

गर्मी में बैक्टीरिया के बढ़ने से पसीना की मात्रा भी तेजी से बढ़ती है। ऐसे में पसीने की दुर्गंध आने पर आप एक्सपर्ट्स के ये टिप्स अपना सकते हैं।  

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Apr 20, 2021Updated at: Apr 20, 2021
How To Series: गर्मी में पसीने की दुर्गंध से कैसे पाएं छुटकारा? एक्सपर्ट से जानें 4 आसान उपाय

गर्मियों में अक्सर हर कोई पसीने से परेशान रहता है। पर वो लोग थोड़ा ज्यादा परेशान रहते हैं, जिनके पसीने से बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है। पर आपने कभी सोचा है कि पसीना क्या है (What is body odor)? दरअसल पसीना, शरीर से निकलने वाली अप्रिय गंध है जब शरीर में रहने वाले बैक्टीरिया एसिड में पसीने को तोड़ते वक्त कुछ कैमिकल्स को छोड़ते हैं, जिनसे ये गंध आता है। शरीर की गंध पसीने को तोड़ने वाले बैक्टीरिया के कारण होती है और यह काफी हद तक एपोक्राइन ग्रंथियों से जुड़ी होती है। शरीर की अधिकांश गंध इन्हीं से आती है। ये ग्रंथियां स्तन, जननांग क्षेत्र, पलकें, बगल और कान में पाई जाती हैं। स्तनों में, ये स्तन की दूध में वसा की बूंदों का स्राव करते हैं। कान में, वे ईयरवैक्स बनाने में मदद करते हैं और त्वचा में अधिकांश एपोक्राइन ग्रंथियां कमर, बगल और निपल्स के आसपास स्थित होती हैं। तो, आज हम अपने एक एक्सपर्ट से जानेंगे कि गर्मी में पसीने की दुर्गंध से कैसे छुटकारा (How to Prevent Body Odour) पाया जा सकता है। तो, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

Inside1causesofbodyodour

डॉ. बनानी चौधरी, कंसलटेंट डर्मेटोलॉजी, जसलोक अस्पताल की मानें, तो शरीर में पसीने की दुर्गंध दो जगह से सबसे ज्यादा आती है, पहले तो हमारे बगल से और दूसरा हमारे प्राइवेट पार्ट्स से। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन जगहों पर हमारे शरीर में पसीन के सबसे एक्टिव ग्लैंड्स होते हैं। असल में पसीने का कोई दुर्गंध नहीं होता है, ये जब पसीने के साथ बैक्टीरिया मिल जाते हैं, तो ये दुर्गंध देने लगता है। ऐसे में इस दुर्गंध को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि आप इन जगहों पर बैक्टीरिया को कंट्रोल करें या इन्हें रोकें। 

पसीने की दुर्गंध दूर करने के लिए क्या करें-How to Prevent Body Odour?

1. अपने अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट्स को सूखा रखें

डॉ. चौधरी की मानें, तो अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट्स को साफ रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए जरूरी ये है कि नहाने के बाद अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट्स की अच्छे से सफाई करें और इन जगहों को गीला न छोड़े। नहाने के बाद इन एरिया को जरूर ड्राई करें। 

इसे भी पढ़ें : इन घरेलू उपायों से ठीक हो सकती है पित्ताशय की पथरी, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके लक्षण और कारण

2. एंटीपसपिरेंट या डियोड्रेंट का इस्तेमाल करें

नहाने के बाद डॉ. चौधरी कहती हैं कि एंटीपसपिरेंट या डियोड्रेंट का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये बैक्टीरिया के विकास के रोकता है। इसके लिए नहाने के बाद इन जगहों पर एंटीपसपिरेंट पाउडर या डियोड्रेंट जरूर लगाएं।  इससे जब आप धूप में निकलेंगे या बाहर जाएंगे तो ये पसीने के अमाउंट को भी कम कर देगा। साथ ही ये पसीने आने के बाद बैक्टीरिया के कॉटेक्ट या रिएक्शन को भी रोक देता है।

3. एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें

अगर आपके पसीने  से ज्यादा दुर्गंध आ रही है, तो आपको डॉक्टर से कह कर एंटीबैक्टीरिय साबुन लेना चाहिए। इससे नहाने और रेगुलर इस्तेमाल करने से आपके बैक्टीरिया का काउंट कम हो जाएगा। साथ ही इससे शरीर में खुजली और दाने आदि होने की संभावना भी कम हो जाती है।

Inside3bodyodourtips

इसे भी पढ़ें : Rose Petals Benefits: 'गुलाब की पंखुड़ी' के सेवन और उपयोग से सेहत को होते हैं ये 7 फायदे, जानें इसके नुकसान भी

4. रोज दो बार नहाएं

पसीने की दुर्गंध से बचने का एक उपाय ये भी है कि आप रोज दो बार नहाएं। इससे शरीर में बैक्टीरिया के बढ़ने को रोका जा सकता है और इससे दुर्गंध की दूर रहती है। तो, जरूरी ये है कि आप गर्मियों में सुबह और शाम दो बार  एंटीबैक्टीरिय साबुन का इस्तेमाल करके नहाएं। 

नहाने के बाद शरीर के कोने जहां पर पसीना ज्यादा होता है, वहां तौलिए से ड्राई जरूर करें और फिर कोई अच्छा सा पाउडर या डियो लगाएं। इससे शरीर में पसीने के प्रोडक्शन को रोका जा सकता है और दुर्गंध आदि से बचा जा सकता है। इसके अलावा कुछ लोग पानी में नीम का रस या चंदन का रस मिला कर भी नहाने को कहते हैं। ये दोनों एंटीमाइक्रोबियल है और शरीर को ठंडा रखने के साथ पसीने की दुर्गंध को भी दूर करता है। तो, गर्मी में अपने शरीर के साफ-सफाई का रखें खास ध्यान और खूब पानी पीते रहें, जिससे पसीना निकलने के बाद शरीर में पानी की कमी न हो। 

Read more articles on Home-remedies in Hindi

Disclaimer