क्या आपका बच्चा भी है शर्मीला? इन 7 तरीकों से दूर करें बच्चों का शर्मिलापन

बच्चों का शर्माना उनके भविष्य में कई रास्तों को बंद कर सकता है। ऐसे में समय रहते शर्माने की आदत को दूर करना जरूरी है। माता-पिता जाने कैसे करें दूर

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Sep 03, 2021 13:46 IST
क्या आपका बच्चा भी है शर्मीला? इन 7 तरीकों से दूर करें बच्चों का शर्मिलापन

हर बच्चे का स्वभाव अलग होता है। कुछ बच्चे अक्सर जल्दी लोगों से घूल-मिल जाते हैं। वहीं कुछ बच्चे घुलने मिलने में काफी टाइम लगाते हैं और कुछ बच्चे तो ऐसे भी होते हैं जो शर्म के कारण किसी से घुल मिल ही नहीं पाते। ऐसे में इन बच्चों का दायरा बेहद कम होता है। यह बच्चे ना दोस्त बना पाते हैं और ना ही खुद से कोई निर्णय ले पाते हैं। यह बच्चे अपनी बात किसी के सामने सही ढंग से नहीं रख पाते हैं। अगर आपके बच्चे जरूरत से ज्यादा शर्माते हैं तो इस समस्या को समय रहते ठीक करना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि जरूरत से ज्यादा शर्मिले बच्चों का शर्मिलापन कैसे दूर किया जाए। यहां दिए टिप्स माता-पिता के बेहद काम आ सकते हैं। इसके लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे

1 - पूछें शर्माने का कारण

हो सकता है कि आपके बच्चे का स्वभाव शर्मिला ना हो पर वह किसी परिस्थिति के चलते या किसी व्यक्ति के सामने शर्मा रहा हो। ऐसे में आपका फर्ज है कि ये पता लगाएं कि आपका बच्चा क्यों और किस कारण शर्मा रहा है। उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचे। ऐसे में आप अपने बच्चे से पूछ सकते हैं कि तुम्हारे शर्माने के पीछे क्या कारण है। साथ ही उस कारण को जानकर आप उसका हल भी निकाल सकते हैं।

2 - बच्चे को करें प्रेरित

माता-पिता की जिम्मेदारी है कि अगर उनका बच्चा शर्मीला है तो वह उसके शर्मीलेपन को दूर करने के लिए उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए माता-पिता किसी एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं जो ना केवल उसकी स्ट्रैंथ पर काम करेगा बल्कि उसकी स्किल्स को भी बढ़ाएगा। ऐसा करने से बच्चों की शर्माहट को दूर किया जा सकता है।

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3 - दूसरों के सामने अपनी बात रखना

अक्सर जब बच्चे दूसरों के सामने अपनी बात नहीं रख पाते हैं तो इसके पीछे कारण उनकी शर्म और हिचक होती है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चे को एक आसान तरीका सिखाएं और उसे समझाएं कि दूसरों के सामने अपनी बात को किस तरीके से रखा जाए। ऐसे में बच्चों की कम्यूनिकेशन स्कील्स अच्छी होगी। साथ ही बच्चा भविष्य में अपनी बात को आसानी से दूसरों के सामने रख पाएगा और उसके शर्म भी मिटेगी।

4 - व्यवहार को ना दें बढ़ावा

अकसर मां-बाप ऐसे होते हैं जो बच्चे के शर्माने की आदत को बढ़ावा दे देते हैं और बच्चा इस आदत को सही समझ कर जारी रखता है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चे की इस आदत को बढ़ावा बिल्कुल ना दें। साथ ही जब बच्चा जरूरत से ज्यादा शर्माए तो उसे आप थोड़ा सख्ती से भी ले सकते हैं, जिससे उसे समझ में आएगी यह आदत सही नहीं है।

5 - कभी ना करें तुलना

बच्चों के शर्माने के पीछे कहीं ना कहीं माता-पिता भी एक कारण हो सकते हैं। माता पिता अक्सर अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करते हैं। ऐसा करने से ना केवल बच्चों का आत्मविश्वास कम होता है बल्कि उनका मनोबल भी टूटता है और यही कारण होता है कि वह हर किसी के सामने जाने से कतराते हैं और शर्म महसूस करते हैं। ऐसे में माता-पिता अपने इस व्यवहार को बदलें और अपने बच्चों की तुलना कभी किसी के साथ ना करें।

6 - बच्चों को बनाए सोशल

बच्चों का सोशल बनना बेहद जरूरी है। सोशल बनने से मतलब यह नहीं कि आप बच्चों को फोन दे दें और वह हर वक्त फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य किसी सोशल अकाउंट पर लगा रहे। सोशल बनने से मतलब यह है कि बच्चों को बाहर लेकर जाएं। उसे दूसरों से मिलवाए और उसका मिलना जुलना बढ़ाएं। ऐसा करने से न केवल बच्चों का दायरा बढ़ेगा बल्कि बच्चों की हिचक और शर्म दोनों दूर होगी।

7 - रोज करें किसी टॉपिक पर बात

अगर आपका बच्चा शर्मिला है तो इसके लिए सबसे पहले आपको उसके अंदर की शर्म को मिटाना जरूरी है। ऐसे में आप बच्चों से नए विषय पर बात करें। रोज नए-नए विषय पर बात करने से न केवल आपके बच्चे के विचार खुलेंगे बल्कि वे शर्म को भी आसानी से दूर कर पाएगा।

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एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट का मानना है कि शर्मीले बच्चे आगे चलकर अपनी लाइफ स्टाइल को ठीक प्रकार से नहीं जी पाते। वह कई एक्टिविटीज जैसे- स्पोर्ट्स, डांस, म्यूजिक, ड्रामा आदि चीजों से खुद को दूर रखते हैं। ना तो वे कुछ नया जानने की कोशिश करते हैं और ना नए दोस्त बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। कपकपाना, हकलाना, शर्माना आदि समस्याओं का भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में ऊपर बताए गए कुछ बचाव बच्चों की समस्या को दूर कर सकते हैं। ऐसे माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों की इस समस्या को लेकर लापरवाही ना करके ऊपर बताए गए बचावो को उनकी दिनचर्या में जोड़ें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों का शर्माना उनके भविष्य के लिए एक अच्छी पहल नहीं है। ऐसे में समय रहते इस व्यवहार को बदलना जरूरी है। ऊपर बताए गए बिंदु माता-पिता की समस्या को दूर करने में बेहद काम आ सकते हैं।

ये लेख गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से बातचीत पर आधारित है। 

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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