How to Manage Fibroids During Pregnancy in Hindi: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से होकर गुजरना पड़ता है। प्रेग्नेंसी में कई बार बीमारियों को नजरअंदाज करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में छोटी-मोटी समस्याएं होने पर भी उसपर ध्यान देना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को फाइब्रॉएड (रसौली) की समस्या हो जाती है। हालांकि, रसौली आमतौर पर भी आपको परेशान कर सकती है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान रसौली की समस्या आपके लिए काफी असुविधाजनक साबित हो सकती है। आजकल बहुत सी महिलाओं में फाइब्रॉएड की समस्या देखी जा रही है।
कई बार यह रसौली गर्भाशय में होती है, जिसे गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterine Fibroid in Hindi) को लेयोमायोमास के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, खान-पान पर ध्यान देने के साथ ही एक अच्छा और हेल्दी लाइफस्टाइल मेनटेन करके प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाी रसौली से को मैनेज किया जा सकता है। आइए वृंदावन और नई दिल्ली स्थित मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की चिकित्सा निदेशक, स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं इसके बारे में। (How to Manage Fibroids During Pregnancy in Hindi) -
प्रेग्नेंसी में फाइब्रॉएड (रसौली) को कैसे मैनेज करें?
1. रेगुलर चेकअप कराएं
अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान फाइब्रॉएड की समस्या है तो ऐसे में इसे नजरअंदाज करने के बजाय आपको रसौली का रेगुलर चेकअप कराना चाहिए। रेगुलर चेकअप कराने से डॉक्टर आपकी रसौली के आकार को कम करने के साथ-साथ उसकी गंभीरता का भी पता लगा सकते हैं। जांच कराने से रसौली का पता शुरूआत में ही लगाया जा सकता है, जिससे उसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
2. आराम करें
प्रेग्नेंसी में फाइब्रॉएड (रसौली) को मैनेज करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत और प्रेशर वाला काम करने से बचना चाहिए। इसे मैनेज करने के लिए आपको पर्याप्त आराम करने की जरूरत है। आराम करने से प्रेग्नेंसी में होने वाली रसौली मैनेज होने के साथ ही साथ आपके लेबर पेन में भी काफी राहत मिलती है। इससे दर्द में काफी हद तक आराम मिलता है।
3. खुद को हाइड्रेट रखें
प्रेग्नेंसी के दौरान खुद को हाइड्रेट रखना न केवल आपकी फाइब्रॉएड (रसैली) को मैनेज करता है, बल्कि सेहत के लिए अन्य भी कई तरीकों से फायदेमंद होता है। हाइड्रेटेड रहने से प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली रसौली आसानी से मैनेज हो सकती है। यह आपकी पूरी हेल्थ को सपोर्ट करने के साथ-साथ रसौली के लिए भी हेल्दी हो सकता है।
4. डाइट पर दें ध्यान
प्रेग्नेंसी के दौरान फाइब्रॉएड होने पर आपको अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए। एक अच्छी और हेल्दी डाइट मेनटेन करके आप रसौली में होने वाले दर्द को मैनेज कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आपको हाई शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से परहेज करने की जरूरत है। इस समस्या में आपको फाइबर युक्त आहार लेने के साथ-साथ हरी पत्तेदार सब्जियां और ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेन करना चाहिए।
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5. स्ट्रेस कम करें
स्ट्रेस सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बनता है। प्रेग्नेंसी में स्ट्रेस लेने से न केवल आपकी फाइब्रॉएड की समस्या और बढ़ती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसे कम करने के लिए आपको माइंडफुलनेस का अभ्यास करने के साथ-साथ योग और मेडिटेशन भी करनी चाहिए।
FAQ
प्रेग्नेंसी में फाइब्रॉएड क्यों होता है?
प्रेग्नेंसी में फाइब्रॉएड होने के पीछे वैसे तो कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। ऐसे में महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन बढ़ने लगते हैं, जिसका नतीजा फाइब्रॉएड हो सकता है।क्या गर्भाशय फाइब्रॉएड ठीक हो सकते हैं?
जी हां गर्भाशय के दौरान होने वाले फाइब्रॉएड कई मामलों में ठीक हो सकते हैं। अगर आप शुरूआती चरण में इसका इलाज कराते हैं तो इसके ठीक होने की उम्मीद बढ़ जाती है।क्या बिना सर्जरी के फाइब्रॉएड ठीक हो सकता है?
जी हां, कुछ मामलों में फाइब्रॉएड यानि रसौली का इलाज बिना किसी सर्जिकल प्रक्रिया के भी हो सकता है। कई बार हार्मोनल थेरेपी या अन्य उपचार द्वारा इसे ठीक किया जा सकता है।