एकाग्रता की कमी के कारण नहीं कर पाते काम पर फोकस? आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय

Ayurvedic Ways To Improve Concentration: एकाग्रता बढ़ाने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक तरीके आजमा सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में -

Priya Mishra
Written by: Priya MishraUpdated at: Jan 25, 2023 11:53 IST
एकाग्रता की कमी के कारण नहीं कर पाते काम पर फोकस? आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय

Ayurvedic Ways To Improve Concentration In Hindi: क्या आप किसी भी काम पर फोकस करने या किसी चीज को याद रखने में कठिनाई महसूस करते हैं? अगर हां, तो ऐसा एकाग्रता की कमी के कारण हो सकता है। ध्यान और कंसंट्रेशन की कमी की समस्या काफी परेशान करने वाली हो सकती है। आजकल की आधुनिक जीवनशैली में वयस्कों और बच्चों में भी यह समस्या काफी अधिक देखी जा रही है। कई लोग एकाग्रता को बढ़ाने के लिए दवाइयों और टॉनिक का सहारा लेते हैं। लेकिन एकाग्रता या फोकस की कमी कोई ऐसी गंभीर समस्या नहीं है, जिसके लिए दवाइयों का सेवन किया जाए। ऐसे में अक्सर कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि एकाग्रता या कंसंट्रेशन कैसे बढ़ाएं (How to improve concentration)? आप अपनी कंसंट्रेशन पावर बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपायों (Concentration Badhane Ke Ayurvedic Upay) का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही आयुर्वेदिक नुस्खे और उपाय बताएंगे, जो कंसंट्रेशन और ब्रेन पावर को बढ़ा सकते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से -

एकाग्रता बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीके - Ayurvedic Ways To Improve Concentration

मेडिटेशन 

एकाग्रता बढ़ाने का एक तरीका मेडिटेशन करना भी है। मेडिटेशन करने से एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने में मदद मिलती है। नियमित रूप से मेडिटेशन करने मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ावा मिलता है। इसका अभ्यास कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है। मेडिटेशन मन को शांत करता है और एकाग्रता विकसित करने में भी मदद करता है। 

शंखपुष्पी

शंखपुष्पी औषधीय गुणों से भरपूर है। ब्राह्मी की तरह, इसका उपयोग दिमाग को आराम देने और मेमोरी बूस्टर के रूप में भी किया जाता है। यह तनाव और चिंता को कम करने का काम करती है। शंखपुष्पी का इस्तेमाल एकाग्रता और फोकस में सुधार के लिए किया जाता है। शंखपुष्पी का इस्तेमाल नींद से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए आप नियमित रूप से गुनगुने पानी में आधा चम्मच शंखपुष्पी मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

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ब्राह्मी 

ब्राह्मी एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। ब्राह्मी का इस्तेमाल ब्रेन टॉनिक के रूप में सदियों से किया जा रहा है। ब्राह्मी मस्तिष्क के कार्य को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद मानी जाती है। ब्राह्मी याददाश्त और ध्यान से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में ये मदद करती है। इसका सेवन करने से याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है। आप ब्राह्मी पाउडर का सेवन दूध या पानी में मिलाकर कर सकते हैं। इसका नियमित सेवन करने से कंसंट्रेशन पावर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अश्वगंधा

अश्वगंधा एक प्राचीन औषधीय जड़ी बूटी है। सालों से इसका इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जा रहा है। अश्वगंधा न सिर्फ एक इम्यूनिटी बूस्टर है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सही रखता है। अश्वगंधा मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ावा देने के लिए बहुत लाभकारी है। अश्वगंधा मस्तिष्क में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने के लिए जाना जाता है। यह न केवल याददाश्त और फोकस को मजबूत करता है, बल्कि मस्तिष्क रोगों के जोखिम को भी कम करता है। आप अश्वगंधा पाउडर या कैप्सूल का सेवन दूध या पानी के साथ कर सकते हैं। 

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चीनी का कम सेवन करें  

अगर आप अपने मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको अपने खानपान का भी खास ख्याल रखना होगा। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही, प्रोसेस्ड फूड और अधिक चीनी का सेवन करने से भी बचें। आयुर्वेद के अनुसउच्च मात्रा में चीनी के सेवन को स्मृति को प्रभावित करने के लिए भी जाना जाता है। चीनी के कम सेवन और गुड़ और खजूर जैसे स्वस्थ विकल्प का उपयोग करने से आपको याददाश्त, ध्यान और सामान्य स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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