क्या आपका बच्चा आपकी बात नहीं मानता? अपनाएं ये 6 टिप्स

बड़े होते बच्चों में शिष्टाचार हो और वो  सबका कहना मानें ऐसा जरूरी नहीं है। बच्चों में अवज्ञाकारी व्यवहार भी एक आम समस्या है। जिसके अपने कारण होते हैं।

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Sep 04, 2021Updated at: Sep 04, 2021
क्या आपका बच्चा आपकी बात नहीं मानता? अपनाएं ये 6 टिप्स

कुछ बच्चे बेहद गुस्सैल और आक्रामक रवैये के होते हैं। ये व्यवहार बच्चों की उम्र के साथ और भी तेजी से बढ़ता है। इस व्यवहार को जल्द ठीक करने की जिम्मेदारी किसी और की नहीं, बल्कि पैरेंट्स की होती है। इस व्यवहार से कैसे निपटा जाए, ये भी जानना जरूरी है। हालांकि अवज्ञाकारी बच्चे में सकारात्मकता बढ़ाना काफी मुश्किल है। लेकिन ये काम आपके लिए और भी आसान हो सकता है, अगर आपको बच्चों के ऐसे व्यवहार से निपटने के तरीके के बारे में जानकारी हो। आज का हमारा ये खास लेख आपकी काफी मदद करेगा। 

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1. ‘ना’ कहने से करें पहरेज

अगर आप भी उन पैरेंट्स में से एक हैं, जो बात-बात पर अपने बच्चे को सिर्फ ‘ना’ की कहते हैं। तो, आपका ये व्यवहार उन्हें काफी हताश कर देता है और वो विद्रोही बन जाते हैं। आपकी लगातार रोक-टोक और ना करने की आदत आपको अपने बच्चे से ना सिर्फ दूर कर देगी बल्कि उन्हें अवज्ञाकारी भी बना देगी।

2. थोड़ा बच्चे को भी समझें

अगर आप अपने बच्चों के लिए किसी चीज को लेकर सीमाएं बनाते हैं तो, ये सीमाएं किस लिए हैं, उन्हें इस बात को समझाएं। अगर आप उन्हें किसी चीज के लिए रोक रहे हैं, तो उन्हें उसका कारण भी बताएं। इससे बच्चे आपको अच्छे से समझ पाएंगे।

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3. बच्चों को ना दें कोई टैग

बच्चों में अक्सर एक ऐसी आदत होती है, जिसे वो सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। ये आदत है, किसी भी टैग को अपनी विशेषता बनाना। अगर आप अपने बच्चे को अभिमानी का टैग देंगे तो वो उसे अपनी विशेषता समझने लगता है और उसी व्यवहार के साथ खुद को आगे बढ़ाने लगते हैं। उन्हें लगने लगता है कि वो कभी गलत व्यवहार नहीं करेंगे। अगर आप बच्चे को डांट रहें हैं या तारीफ कर रहे हैं तो उन्हें कोई भी टैग ना दें। वरना गलत व्यवहार के समय, खुद को सही साबित करने के लिए बहस भी करेंगे।

4. कहीं बच्चों पर ना पड़े बुरा प्रभाव

बच्चों पर सबसे ज्यादा बुरा असर तब पड़ता है जब, परिवार में अक्सर लड़ाई झगड़े का माहौल रहता है। अगर घर में हमेशा नकारात्मक माहौल रहता है, तो बच्चें जिद्दी हो जाते हैं और वो अवज्ञाकारी हो जाते हैं। कोशिश करें कि बच्चे के सामने इस तरह का कोई सा भी वातावरण ना बनाएं एक दूसरे की और घर के बड़ों की इज्जत करें और छोटों से प्यार से पेश आएं।

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5. अवज्ञा के क्या मिल सकते हैं परिणाम

जब बच्चे अवज्ञाकारी होते हैं, तो उसके कई परिणाम देखने को मिल सकते। वो परिणाम क्या हैं, आइये जानते हैं।

इगो- कहना ना मानना यानि कि अवज्ञाकारी बच्चों में इगो काफी होता है। अगर उनकी बात नहीं मानी जाती तो वो जिद्द और गुस्से का सहारा लेने लगते हैं।

बच्चे बोलने लगते हैं झूठ- इस स्थिति में बच्चे किसी की भी नहीं सुनना चाहते और कई तरह की स्थिति से बचेने के लिए झूठ का सहारा लेने लगते हैं।

आपको करने लगे अनसुना- कई बार किसी चीज को करने से मना करने के बावजूद बच्चे उसी काम को करें, और आपकी हर बात को एक के बाद एक अनसुना करने लगते हैं।आपकी हर दी हुई चेतावनी को हल्के में लेते हैं।

बन जाता है जिद्दी स्वभाव- आप अपने बच्चे को हर बात में सजा देते हैं तो, वो दिन पर दिन जिद्दी बनता चला जाता है। आप जब भी अपने बच्चे पर ज्यादा दबाव डालते हैं तो उनका बिगड़ैल स्वभाव  हो जाता है।

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6. बच्चों से कैसे करें व्यवहार- 

अगर आपका भी बच्चा अवज्ञाकारी है, तो आपको थोड़ी शांति बनाये रखने की जरूरत है। आपका गुस्सा परिस्थिति को और भी बिगाड़ सकता है। आप उसके साथ कैसा व्यवहार करें, यहां ये जानना भी बेहद जरूरी है। 

•बच्चों पर अपने अधिकार को दिखाएं, और उन्हें प्यार से स्पष्टीकरण।

•बच्चों को जावाबदेह होने का मौका दें।

•बच्चों पर नियन्त्रण रखें पर उन्हें उतनी ही छूट दें, जिसमें वो खुद को अधिक बंधक या अधिक आजाद महसूस न करें।

•अपने मन को शांत रखें और अपने रिश्ते में बैलेंस बनाकर रखें। 

•बच्चों के साथ सहानुभूति बनाकर रखें।

•अगर आप उनसे नाराज हैं तो उन्हें अपनी नाराजगी का कारण जरुर बताएं।

ये कुछ ऐसी छोटी-छोटी बाते होती हैं, जिन्हें माता-पिता नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये वही कारण होते हैं, जिनकी वजह से बच्चे अवज्ञाकारी बनते चले जाते हैं। आपको बस इस ओर अपना थोड़ा सा ध्यान देना होगा। ताकि बच्चें आपकी हर बात मानें।

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