बच्चे करते हैं रोने का झूठा नाटक तो, इन 4 तरीकों से करें उन्हें शांत, बंद हो जाएगा रोना

बच्चों का रोना एक तरह से अपने जज्बात बताने की भाषा है। लेकिन क्या आपका बच्चा वाकई रो रहा है या एक्टिंग कर रहा है। इस स्थिति को आप कैसे संभाल सकती हैं।

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Sep 03, 2021Updated at: Sep 03, 2021
बच्चे करते हैं रोने का झूठा नाटक तो, इन 4 तरीकों से करें उन्हें शांत, बंद हो जाएगा रोना

बच्चों के लिए संवाद स्थापित करने का अर्थ होता है रोना। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत होती है तो वह रो कर बताते हैं। अगर वह भूखे होंगे तो रोएंगे, उन्हें कहीं दर्द होगा तो रोएंगे और अगर वह सोने के मूड में होंगे और आप उन्हें सोने नहीं देंगी तो भी वह रोते हैं। लेकिन बच्चों के लिए कई बार बिना कारण के रोना भी आम बात होती है। पारस हॉस्पिटल, गुडगाँव के पेडियाट्रिक्स और नोनटोलॉजी एचओडी डॉ (मेजर) मनीष मन्नान के अनुसार बच्चा कई बार अचानक से झूठा रोने का दिखावा करने लगता है। ताकि वह अपने माता पिता को अपने पास बुला सके। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है खासकर कि 6 महीने और 12 महीने के बीच, वह बहुत सी नई आदतें बदलता है। नए नए तरीके अपनाता है और उसका झूठा रोना भी सिर्फ इस वजह से होता है ताकि वह घर के सभी सदस्यों की अटेंशन पा सके। तो आइए जानते हैं आप इस स्थिति में उन्हें कैसे चुप करवाएं। 

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1. ध्यान आकर्षित करने के लिए 

जब सभी अपने अपने काम में लीन हो जाते हैं और बच्चा आपके साथ खेलना चाहता है। लेकिन आप उसकी ओर जरा सा भी ध्यान नहीं दे रही हैं तो इस स्थिति में बच्चा रो सकता है और वह रोने की एक्टिंग करता है। ताकि आपका या आपके परिवार के सभी सदस्यों का ध्यान उसकी ओर केंद्रित हो सके और आप उसे अकेला न छोड़ सकें। बच्चे अटेंशन पाना बहुत पसंद करते हैं।

क्या करें

इस स्थिति में आपको उनके पास रहना चाहिए और उनसे बातें करनी चाहिए और खेलना चाहिए।

2. संवाद कायम करने के लिए

बच्चा काफी शुरू से ही कारण और प्रभाव में मेल जोल को समझना चालू कर देता है। वह कई बार इस कारण से भी झूठा रोने का दिखावा करता है। क्योंकि वह देखना चाहता है कि अगर वह अचानक से रोता है तो उसके माता पिता का रिएक्शन क्या होता है। इस प्रकार के एक्सपेरिमेंट बच्चे अक्सर करते देखे जा सकते हैं। 

क्या करें

आपको इस स्थिति में तुरंत बच्चे के पास आना चाहिए और उन्हें यह दिखना चाहिए कि आप उनसे कितना प्रेम करती हैं।

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3. अच्छा महसूस नहीं होने पर

कई बार जब आप बच्चों को पसंद आने वाली गतिविधि को बंद कर देती हैं तो भी वह रोने का दिखावा करते हैं। उदाहरण के तौर पर आप उनको गोद में झुला रहीं थीं। जिसमें उन्हें बहुत मजा आ रहा था और आप उसे अचानक बंद करवा देती हैं। तो बच्चे काफी समय तक रोने की एक्टिंग करते हैं। 

क्या करें

इस स्थिति में आपको उनका ध्यान भटका कर कहीं और लगा देना चाहिए।

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4. इच्छा पूरी न हो 

बच्चों में नखरा करना काफी आम होता है और जब आप उनको कोई इच्छा पूरी नहीं करती हैं तो वह अक्सर दिखावा करने के लिए रोते हैं कि उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई।

क्या करें

अब आपको दोबारा से वह गतिविधि करनी होगी। इस स्थिति में भी आप बच्चे को थोड़ी अधिक अटेंशन दे कर और उन्हें थोड़ा प्यार जता कर चुप करवा सकती हैं।

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क्या बच्चे का रोना गलत है?

अगर आप इस बात के बारे में सोच रही हैं कि क्या झूठा रोना बच्चों की एक खराब आदत होती है तो इसका उत्तर है नहीं। वैसे तो बच्चे का झूठा रोना बुरा नहीं माना जाता। अधिकतर इस उम्र के सभी बच्चे ऐसा करते हैं और अपने माता-पिता का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते हैं। 1 साल या उससे कुछ बड़े बच्चे भी आमतौर पर झूठा रोना या जिद करते हैं। वे अपने नखरे दिखाते हैं। जैसे जैसे बच्चा बड़ा हो जाता है वह माता-पिता से अपनी बात मनवाना या कहना सीख लेता है। तब उसकी इस प्रकार झूठा रोने की आदत कम होने लगती है।

इसी जतन के कारण वह अपने माता पिता को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। उनकी यह आदत समय के साथ साथ बदल ही जाती है। इस स्थिति में उन्हें चुप करवाने के लिए आप अपनी प्रतिक्रिया बदल सकती हैं। उनके साथ खेल सकती हैं और उन्हें बातों में डिस्ट्रैक्ट कर सकती हैं ताकि उनकी इच्छा पूरी हो सके और वह चुप भी हो सके।

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