Fri Sep 11, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी कितने समय में प्लान करें? डॉक्टर से जानें

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा कंसीव करने के लिए महिलाओं को इंतजार करना चाहिए। आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है और किन महिलाओं को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का रिस्क रहता है? जानें इस लेख में।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी वह स्थिति होती है, जब निषेचित अंडा यानी फर्टिलाइज्ड एग गर्भाशय में न होकर बाहरी हिस्सों में विकसित होने लगता है। ऐसा आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब में होता है। इसे सामान्य गर्भावस्था नहीं माना जा सकता है, क्योंकि फैलोपियन ट्यूब में भ्रूण विकसित नहीं हो सकता है। यही कारण है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होने पर इसका उपचार कराना जरूरी है वरना यह स्थिति गर्भवती महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसके शुरुआती लक्षण में पेट में तीव्र दर्द और योनि से रक्तस्राव शामिल हैं। बहरहाल, महिलाओं के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा कंसीव करने के लिए महिलाओं को कितने लंबे समय इंतजार करना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा कंसीव करने के लिए कितना इंतजार करें?

How long should you wait after an ectopic pregnancy 01 (14)

आमतौर पर प्रेग्नेंसी तभी प्लान की जानी चाहिए, जब पति-पत्नी दोनों मेंटली और फिजिकली तैयार हों। जहां तक सवाल इस बात का है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी कितने समय में प्लान करनी चाहिए? इस संबंध में डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद महिलाएं नॉर्मली कंसीव कर सकती हैं। इसे महिला किसी तरह की बीमारी न समझें। हां, यह सलाह दी जाती है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद कम से कम दो बार पीरियड्स या तीन महीने तक महिलाओं को इंतजार करना चाहिए। इस दौरान महिला की बॉडी पूरी तरह रिकवर हो जाती है और अगली बार कंसीव करने में भी दिक्कतें भी नहीं आती हैं।" एनएचएस में प्रकाशित एक लेख से भी इस बात का पता चलता है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को कम से कम तीन महीने तक इंतजार करना चाहिए। खासकर, अगर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को ट्रीटमेंट पूरा होने तक कंसीव करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। जब दवाएं पूरी तह बंद हो जाए और महिला स्वस्थ महसूस करे, तब वे प्रेग्नेंसी कर सकती हैं।

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किन महिलाओं को रहता है कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का रिस्क

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  1. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीजः आमतौर पर सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन के कारण महिलाओं के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में सूजन आ जाती है। इस तरह की समस्या जिस महिला को होती है, उनमें एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का रिस्क बना रहता है।
  2. एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का इतिहासः अगर किसी महिला को पहले भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हुई है, तो इन महिलाओं में भविष्य में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होने की संभावना 10 फीसदी तक बढ़ जाती है।
  3. फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी सर्जरीः अगर किसी महिला की फैलोपियन ट्यूब में सर्जरी हुई है या फिमेल स्टेरलाइजेशन हुआ है, तो ऐसे में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होने का खतरा बना रहता है।
  4. अधिक उम्रः विशेषज्ञों की मानें, तो 35 साल की उम्र के बाद कंसीव करने पर भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का रिस्क काफी ज्यादा होता है। यह जोखिम उन महिलाओं में और भी बढ़ जाता है, जो स्मोकिंग भी करती हैं।

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निष्कर्ष

निश्चित रूप से किसी भी महिला के लिए एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सही नहीं है। यह न सिर्फ उन्हें शारीरिक रूप से प्रभावित करती है, बल्कि यह स्थिति उन्हें मानसिक रूप से भी कमजोर बना देती है। हालांकि, महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे कंसीव करने के बाद से ही अपने सभी जरूरी टेस्ट करवाएं ताकि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर पूरी तरह से नजर रखी जा सके। ध्यान रखें कि समय पर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का पता चलना बहुत जरूरी होता है। इससे समय पर महिला की जान बचाई जा सकती है।

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FAQ

  • क्या गर्भपात के बाद गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है?

    गर्भपात होने के बाद गर्भवती होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि, यह महिला के स्वास्थ्य और मेडिकल कंडीशन पर निर्भर करता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) में प्रकाशित एक ब्रिटिश अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भपात के छह महीने के अंदर यौन संबंध बनाना शुरू कर देती हैं, उनमें गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
  • अगर मुझे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हो, तो इसका दर्द कहां होगा?

    एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होने पर पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। यह दर्द अचानक या धीरे-धीरे शुरू हो सकता है और दर्द पूरे पेट में या किसी एक हिस्से में हो सकता है। यहां तक कि वजाइनल ब्लीडिंग भी हो सकती है, जो कि नॉर्मल ब्लीडिंग जैसी महसूस हो सकती है।
  • गर्भपात के बाद मैं गर्भवती क्यों नहीं हुई?

    गर्भपात के बाद कोई महिला गर्भवती क्यों नहीं हो रही है, यह बात कई तरह के कारकों पर निर्भर करती है। अगर महिला को हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्या यानी पीसीओएस, पीसीओडी जैसी परेशानियां हैं, तो कंसीव करने में मुश्किलें आ सकती हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Mar 06, 2026 13:25 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Mar 06, 2026 13:25 IST

    Published By : Meera Tagore
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