बेहतर ढ़ंग से करें वृद्धावस्था का सामना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 01, 2013
Quick Bites

  • स्वीकार करना सीखें, उम्र बढ़ना एक एक प्राकृतिक और अपरिहार्या प्रकिया है
  • हर आयु में नियमित रूप से एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी होता है।
  • जीवन के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच रखे और इस दौर को भी खुल कर जियें। 
  • बात करें, भावनाओं को दबाने से तनाव, निराशा और चिंता में वृद्धि होती है।

बढ़ती आयु में अकसर लोग शांत और नारस हो जाते हैं और अकसर स्वास्थ्स संबंधी चर्चा होने पर चुप्पी साध लेता है। भावनाओं को दबाने के से उसके दिमाग में एक तरह का भावनात्मक हलचल होता है और इससे तनाव, निराशा और चिंता में वृद्धि होती है। अपने घरेलु व अन्य समस्याओं का हल ढूंढने और उसपर सलाह मशविरा करने के लिए अपने खास लोागें के साथ उसे शेयर करना चाहिए। अपनी भावनाओं को इस तरह दूसरे लोगों के साथ शेयर करने से व्यक्ति अपनी बढती आयु से उत्पन्न होने वाली समस्याओं  से छुटकारा पा जाता है।

 

जीवन के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच रखे और जीवन के मध्य अवस्था का सामना करने के लिए मानसिक तौर पर पहले से ही तैयारी कर ले। उम्र बढने के साथ स्वास्थय में कई तरह का परिवर्तन होता है और इससे व्यक्ति के सैक्सुअल प्रर्दशन पर भी असर दिखने लगता है जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति अपने आप को असक्षम और अयोगय समझने लगता है और एक तरह से हीन भावना से ग्रस्त हो जाता है। व्यक्ति में आत्मसम्मान में कमी, तनाव और निराशा जैसी बहुत सी बीमारियां  मनौवैज्ञनिक समस्याओं के कारण पैदा होती है जो आदमी के सैक्सुअल स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ ही उसके संपूर्ण स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। व्यक्ति को चाहिए की अपनी पत्नी के साथ अपननी समस्याओं को शेयर करे, संभव है कि वह उन समस्याओं का हल ढूंढने के लिए कोई उपाय बताए और इससे तनाव और निराशा की स्थिति से निकलने में मदद मिले।

 

  • स्वीकार करना सीखें, उम्र बढ़ना एक एक प्राकृतिक और अपरिहार्या प्रकिया है जिसे इंसान को हर हरल में स्वीकार करना होता है। उम्र बढने के साथ ही आपके संर्पूण स्वास्थ्य और जीवन में बहुत से बदलाव आते है जिसे आपकों स्वीकार कर उसके अनुकूल अपने आप को ढालना पड़ता है। शरीर में होने वाले बदलावों में विशेष तौर पर सैक्स क्षमता में कमी और मांस पेशियों में बदलाव आता है। इसलिए आपको इसे स्वीकार कर इस परिवर्तण के साथ ही जीना पड़ेगा।
  • हमेशा पोषक तत्वों से भरपूर आहार ले और नियमित रूप से भोजन करे। पा्रेसेस्ड और फैटी भोजन करने से परेहज करे और इसके बदले में प्रचूर मात्रा में ताजे फल और फाइबर युक्त आहार का सेवन करें।

 

  • हर आयु में नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जरूरी होता है लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज कर अपना उर्जा नष्ट नहीं कर हल्का-फुल्का एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे शरीर के साथ दिमाग पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
  • अपने वनज को हमेशा नियंत्रण में रखेः  मोटापा एक साथ कई बीमारियों को निमंत्रण देता है।
  • भोजन में पोषक तत्वों की कमी और कुपोषण से बचने के लिए मलटीविटामिन्स और सप्लीमेंट ले। शरीर में किसी भी तरह का असहजता महसूस होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे।
  • जीवन में काम-काजी बने, कुछ न कुछ शारीरिक श्र्रम करते रहे।
  • अपने शरीर को जरूरत के अनुसार आराम दे।

 

एक और खास बात, अपने पार्टनर के साथ वास्तविक संबंध रखे। अपने बेहतर संबंधों के लिए अपनी आकांक्षा और उमीदो को अपने अपनी पत्नी के साथ शेयर करे। ऐसा महसूस करे कि आप दोनों दो जिस्म होकर भी एक जान की तरह है और दोनों की खुशी एक दूसरे से जुड़ी हुई है।

 

Image Source - Getty

 

 

 

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