Thu Sep 17, 2026 | 03:15 PM IST

चूहे के काटने पर अपनाएं ये 4 घरेलू नुस्खे

चूहे के काटने पर आप सनाय के पत्‍ते, ककड़ी के पत्‍ते, पुदीना आद‍ि का इस्‍तेमाल कर सकते हैं, इनका लेप बनाएं और काढ़ा बनाकर प‍िएं

चूहे के काटने (rat bite) के क्‍या लक्षण हैं? अगर आपको चूहे ने काटा है तो प्रभाव‍ित जगह पर एलर्जी नजर आएगी जैसे- रैशेज, खुजली, सूजन, पूरे शरीर में खुजली या बुखार भी आ सकता है। अगर ये लक्षण नजर आएं तो डॉक्‍टर के पास जाएं क्‍योंक‍ि कई बार चूहे के काट लेने पर बना घाव जानलेवा हो जाता है। अगर आप च‍िकि‍त्‍सा मदद नहीं ले सकते तो कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी चूहे के काट लेने पर हुआ घाव ठीक क‍िया जा सकता है। चूहे के काट लेने से बैक्‍टीर‍िया या वायरस हमारे शरीर में आ जाता है। चूहे के काट लेने को हम रैट बाइट कहते हैं। रैट बाइट के कारण कई बीमार‍ियां जैसे- हंटवायरस, रैड वायर फीवर, एलर्जी जैसी समस्‍या हो सकती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कुछ आसान घरेलू उपाय ज‍िनकी मदद से आप चूहे के काटने पर होने वाले घाव को ठीक कर सकते हैं। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की। 

mint leaves for rat bite

1. चूहे के काट लेने पर इस्‍तेमाल करें पुदीना (Mint)

डॉ मनीष स‍िंह ने बताया जहरीले कीड़े या चूहे के काट लेने पर आप पुदीना का इस्‍तेमाल करें। पुदीना को कीड़े काटने पर घाव पर भी इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। आप पुदीना की पत्‍त‍ियों का लेप घाव पर लगाएं इससे आपको आराम म‍िलेगा और जलन कम होगी। पुदीने का रस आप पी भी सकते हैं। 

2. चूहे के काट लेने पर इस्‍तेमाल करें ककड़ी के पत्‍ते (Kakdi leaves)

चूहे के काटने पर आप ककड़ी के पत्‍तों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। चूहे के काटने पर शरीर में व‍िष बन जाता है इसे हटाने के ल‍िए ककड़ी के पत्‍ते फायदेमंद माना जाता है। ककड़ी के पत्‍तों से व‍िष का असर कम होता है। आप ककड़ी के पत्‍तों को पीसकर उसका पेस्‍ट बनाकर आप घाव पर लगाएं या फ‍िर काढ़ा बनाकर भी सकते हैं। पत्‍त‍ियों को दो कप पानी में उबालें और पानी आधा होने के बाद उसे कप में न‍िकालकर पी लें। 

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3. चूहे के काट लेने पर इस्‍तेमाल करें सनाय के पत्‍ते (Senna leaves)

senna leaves for rat bite

चूहे के काटने (rat bite) पर सनाय के पत्‍तों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सनाय एक पौधा है ज‍िसके पत्‍तों को आप चूहे के काटने पर हुए घाव पर लगा सकते हैं। डॉ मनीष स‍िंह ने बताया क‍ि चूहे के काटने पर सनाय के पत्‍तों को पीसें और उसका लेप आप घाव पर लगा लें, घाव ठीक हो जाएगा या सनाय के पत्‍तों को पीसकर उसे गरम पानी में म‍िलाएं और काढ़ा बनाकर प‍िएं।

4. चूहे के काट लेने पर इस्‍तेमाल करें मूली (Radish)

चूहे के काटने पर आप मूली का रस और पुदीना का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। चूहे के काटने पर आप मूली के रस का सेवन कर सकते हैं या मूली का चूर्ण इस्‍तेमाल कर सकते हैं। मूली के चूर्ण में आप शहद, पुदीने का रस लगाकर चाटें, इस उपाय से भी व‍िष दूर होता है। 

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चूहे के काटने पर इन बातों का ध्‍यान रखें 

  • अगर डॉक्‍टर की मदद ले सकते हैं तो चूहे के काटने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। 
  • आपके शरीर के ज‍िस ह‍िस्‍से में चूहे ने काटा है उसे गरम पानी से सबसे पहले साफ कर लें। 
  • जब घाव ड्राय हो जाए तो उस पर आपको एंटीबायोट‍िक क्रीम लगानी है। 
  • आपको रैट बाइट को नजरअंदाज नहीं करना है क्‍योंक‍ि ये समस्‍या जानलेवा भी हो सकती है। 
  • डॉक्‍टर की मदद से आपको एंटीबायोट‍िक दवा म‍िलेगी ज‍िससे जहर का असर कम होगा। 

अगर आपके घर में चूहे ज्‍यादा हैं और आपको उनके काट लेने का डर रहता है तो कमरे या क‍िचन में चूहे के आने वाली जगह पर फ‍िटकरी रख दें, फ‍िटकरी की महक से चूहे भागते हैं, इस तरह आप रैट बाइट से बच सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 06, 2021 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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