बच्चों की कई समस्याओं का देसी इलाज है हींग, जानें इसके फायदे और बरतने वाली सावधानी

बच्चों की डाइट में हींग जोड़ना कितना फायदेमंद है और कितना नुकसानदेह, इसके बारे में पता होना जरूरी है। जानते हैं फायदे और जरूरी सावधानी

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Sep 13, 2021
बच्चों की कई समस्याओं का देसी इलाज है हींग, जानें इसके फायदे और बरतने वाली सावधानी

शिशुओं की डाइट में शुरुआत के 6 महीने के बाद मां का दूध ही जोड़ा जाता है और उसके बाद धीरे-धीरे कुछ ऐसी चीजों को जोड़ा जाता है जो बच्चों को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करें और उनके विकास में काम आएं। आज हम बात कर रहे हैं हींग के सेवन की। शिशु की डाइट में हींग जोड़ना कितना फायदेमंद है, इसके बारे में माता-पिता को पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि शिशुओं के लिए हींग का सेवन कितना फायदेमंद है और कितना नुकसानदेह। साथ ही जानेंगे हींग का सेवन करते वक्त बरतने वाली सावधानी। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( Nutritionist and wellness expert varun katyal) से भी बात की है।  पढ़ते हैं आगे...

 

बता दें कि बच्चों के लिए हींग का सेवन बेहद सुरक्षित है। साथ ही हींग के सेवन से शिशु के पेट की कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इससे संबंधित शोध भी सामने आया है जो यह बताता है कि पेट की कई समस्याओं को दूर करने में हींग शिशुओं के बेहद काम आ सकता है। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... पर सवाल यह है कि बच्चों को हींग कब देनी चाहिए। तो बता दें कि जब बच्चा 12 महीने का पूरा हो जाए तो उसके बाद आप उसकी डाइट में हींग को जोड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 12 साल से कम बच्चे को ज्यादा तेज मसालों का सेवन नहीं करवाया जाता। साथ ही हींग की गंध भी बेहद तेज होती है ऐसे में यह बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

बच्चों के लिए हींग के फायदे

अगर बच्चों की डाइट में हींग को जोड़ते हैं तो इसके उपयोग से उनकी सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। यह फायदे निम्न प्रकार हैं- 

1 - श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी को करें दूर

बता दें कि हींग के सेवन से बच्चों में श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियां दूर होती हैं। हींग के अंदर एंटी एलर्जी और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो ना केवल हल्की-फुल्की खांसी को दूर करने में उपयोगी हैं बल्कि सांस संबंधी समस्याओं से भी राहत दिला सकते हैं। इसके अलावा यदि बच्चा अस्थमा की समस्या से ग्रस्त है या उसमें अस्थमा के लक्षण दिखाई देते हैं तो हींग के सेवन से इस समस्या को भी दूर किया जा सकता है।

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2 - प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाए

इनके सेवन से शिशु के इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। बता दें कि हींग के अंदर एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं जो न केवल शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार हैं बल्कि उनके शरीर को कई समस्याओं से दूर करने में भी उपयोगी हैं।

3 - निमोनिया से बचाव

बता दें कि यदि शिशु की डाइट में ही हींग को जोड़ा जाता है तो वह बच्चों को निमोनिया से बचाव में उनके काम आ सकती है। हींग के अंदर भरपूर मात्रा में एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं जो न केवल निमोनिया के कारण उत्पन्न होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं बल्कि काफी हद तक निमोनिया के इलाज में भी कारगर हैं।

4 - पाचन तंत्र को बनाए तंदुरुस्त

पाचन तंत्र से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में हींग बच्चों के बेहद काम आ सकता है। बता दें कि शिशु पेट फूलने की समस्या या गैस बनने की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके अलावा कुछ शिशु पेट दर्द से जुड़ी समस्याओं से भी ग्रस्त रहते हैं। ऐसे में हींग के सेवन से पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है और बच्चों के पाचन की क्रिया को तंदुरुस्त बनाया जा सकता है।

5 - उच्च रक्तचाप की समस्या से बचाव

उच्च रक्तचाप की समस्या केवल बड़ों को ही नहीं होती है बल्कि आजकल गलत जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण बच्चे भी उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इस समस्या को कम करने के लिए हींग बच्चों के बेहद काम आ सकता है। हींग के अंदर एंटी हाइपरटेंसिव गुण मौजूद होते हैं। साथ ही इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं जो न केवल उच्च रक्तचाप की समस्याओं को कम करते हैं बल्कि बच्चों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से भी बचा सकते हैं।

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हींग का सेवन करते वक्त बरतने वाली सावधानी

अगर आप बच्चों को हींग खिला रहे हैं तो इनका उससे पहले जरूरी सवधानियों के बारे में पता होना जरूरी है। 

 1 - बच्चों की डाइट में हींग डॉक्टर की सलाह पर ही जोड़ें।

2 - अगर इनके सेवन से बच्चे को किसी भी प्रकार की एलर्जी होती है तो तुरंत इसके बारे में डॉक्टर को बताएं।

3 - यदि बच्चे की कोई दवाई या टॉनिक चल रहा है तो उस दौरान हींग को आहार में जोड़ने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

4 - जब अपने बच्चे को पहली बार हींग खिलाएं तो दूसरी बार हींग खिलाते वक्त थोड़ा-सा इंतजार करें।

5 - बच्चों की डाइट में अच्छी क्वालिटी का हींग ही जोड़ें।

6 - हींग का सेवन करने से पहले एक्सपायरी डेट का पता लगाएं।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि हींग का सेवन करने से पहले या बच्चे की डाइट में बदलाव करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी होती है। ध्यान रहे कि यदि बच्चा किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है या बच्चे की कोई दवाई या स्पेशल ट्रीटमेंट चल रहा है तो उस दौरान हींग को जोड़ने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी के कहने पर बच्चे की डाइट में हींग को ना जोड़ें।

इस लेख में फोटोज़ freepik and shutterstock से ली गई हैं। 

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